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Banda News: हाथ धुलने गई प्रधानाध्यापिका नहर डूबी

Sat, 02 Aug 2025 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:51 PM IST
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The headmistress who went to wash her hands drowned in the canal
लापता प्रधानाध्यापिका मृदुला गर्ग - फोटो : संवाद
नरैनी। तबीयत बिगड़ने पर छुट्टी लेकर घर जा रही प्रधानाध्यापिका लघुशंका के लिए नहर किनारे पहुंची। हाथ धुलने के लिए नहर से पानी लेते समय पैर फिसल जाने से वह गहरे पानी में समा गईं। देर शाम तक पता नहीं चल सका।
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नरैनी कोतवाली क्षेत्र के रिसौरा गांव निवासी हाल मुकाम सुभाष नगर श्रीनिवास गर्ग ने बताया कि उनकी पत्नी मृदुला गर्ग (42) तहसील क्षेत्र के सकरिहा पुरवा जमवारा गांव के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के तौर पर कार्यरत थीं। शनिवार की सुबह वह विद्यालय पहुंचीं। वहां उनकी तबीयत खराब होने की वजह से वह छुट्टी लेकर अपने घर वापस लौट रही थीं। रास्ते में बारिश होने पर वह जमवारा गांव के पास धर्मशाला में रुक गईं। लघुशंका के लिए जाते समय प्रधानाध्यापिका ने वहां मौजूद किशोरी नैना को बैग दिया और नहर पटरी की तरफ चली गईं। लघुशंका के बाद वह हाथ धुलने के लिए नहर पटरी की ओर पानी लेते समय उनका पैर फिसल गया और वह उफनाती नहर में समा गईं। काफी देर तक जब प्रधानाध्यापिका वापस नहीं आई तो नैना नहर पटरी की ओर देखने वहां पर प्रधानाध्यापिका की चप्पल और चश्मा रखा मिला। शोरशराबा मचने पर वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची। नायब तहसीलदार यशपाल यादव भी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक शिक्षिका का पता नहीं चल सका है।
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सात घंटे तक नहीं पहुंचे गोताखोर, पुलिस व प्रशासन रहा बेपरवाह
प्रधानाध्यापिका मृदुला के पति श्रीनिवास गर्ग समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोपहर 12 बजे हुई इस घटना की जानकारी पुलिस प्रशासन को तत्काल दे दी गई थी। नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन और पुलिस की बेपरवाही यह रही कि एनडीआरएफ टीम या फिर गोताखोरों को तत्काल नहीं बुलाया गया। धीरे-धीरे सात घंटे का समय गुजर गया। शाम को सात बजे तक शिक्षिका को खोजने के लिए न तो गोताखोर पहुंचते थे और न ही एनडीआरएफ टीम के सदस्य। इस लापरवाही पर लोगों ने आक्रोश जाहिर किया। जबकि प्रधानाध्यापिका के परिजन और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर मौजूद रही।
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एसडीएम व तहसीलदार के सीयूजी नंबर स्विच आफ
एक शिक्षिका नहर में डूब गई और परिजनों के साथ ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा रही। नायब तहसीलदार और पुलिस को मामले की जानकारी भी थी लेकिन शिक्षिका को खोजने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उप जिलाधिकारी और तहसीलदार ने तो अपना सीयूजी मोबाइल नंबर स्विच आफ कर रखा था।

एक सप्ताह के अंदर नहर में डूबने की तीसरी घटना
नरैनी। एक सप्ताह के अंदर के पानी में डूबने की यह तीसरी घटना है। 26 जुलाई को सुबह शिवाय अपने बाबा ओम प्रकाश के साथ घूमने गया था, जिसकी केन नहर में डूबकर मौत हो गई थी। दूसरी घटना में 30 जुलाई को जमवारा गांव निवासी अतर सिंह की नहर में नहाते समय डूबकर मौत हो गई थी और शनिवार को प्रधानाध्यापिका नहर में डूब गई, जो लापता हैं।
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