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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर छाई रही महिलाओं की महिमा
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समाज में बेहतर कार्य करने पर सम्मानित की गईं महिलाएं।
- फोटो : BANDA
बांदा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला शक्ति की चौतरफा गूंज रही। जगह-जगह हुए आयोजनों में महिलाओं की महिमा पर खूब चर्चाएं हुईं। समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह विशेष दिवस मनाने में सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गूलरनाका स्थित स्टार प्लाजा में आयोजित गोष्ठी में महिला डिग्री कालेज प्रवक्ता/कार्यक्रम अधिकारी डा.सबीहा रहमानी ने कहा कि महिला दिवस की शुरूआत 28 फरवरी 1909 को हुई थी। बाद में इसे 8 मार्च को मनाया जाने लगा। महिलाओं को मताधिकार प्रदान किए जाने की मुहिम से इसकी शुरूआत हुई थी।
प्राचार्य डा.दीपाली गुप्ता ने कहा कि स्वयं सहायता समूह से महिलाएं आत्मनिर्भर होकर सशक्त हो सकती हैं। कार्यालय अधीक्षक कविता अग्रहरि, पराविधिक स्वयंसेवक सुमन शुक्ला आदि ने भी संबोधित किया। डा.जीतेंद्र कुमार, ज्योति मिश्रा, पराविधिक स्वयंसेवक बुशरा जैदी, रोहिणी, रीता समेत छात्राएं उपस्थित रहीं।
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भागवत प्रसाद मेमोरियल अकादमी में कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती प्रतिमा और संस्थापक भागवत प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। 10 महिलाओं को सम्मानित किया गया। उप निरीक्षक शालिनी भदौरिया ने महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरुक किया। छाया सिंह और आयुषी त्रिपाठी ने कविता पेश की।
चेयरमैन शिवचरण कुशवाहा ने नारी सम्मान और नामित चेयरमैन अंकित कुशवाहा ने महिलाओं के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। निर्देशक संध्या कुशवाहा, केके अम्मा (तथागत ज्ञान स्थली स्कूल, अतर्रा), रामलखन कुशवाहा सहित मनोरमा अग्रवाल, निशा गुप्ता, एनी फातिमा, सदफ जमाल, किरण सेठी, प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह आदि ने भी संबोधित किया। डा.पीतांबर सिंह, नरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
संचालन एकता निगम व कविता वर्मा ने किया। समापन राष्ट्रगान से हुआ। उधर, वन स्टाप सेंटर द्वारा राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास में आयोजित गोष्ठी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार (आईएएस) ने महिला दिवस की जानकारी दी। समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने महिलाओं को खुद सशक्त बनने की प्रेरणा दी। प्रबंधक रामदेवी साहू ने सेंटर और प्रोबेशन कार्यालय में चल रही योजनाओं की जानकारी दी।
डीआर पब्लिक स्कूल चेयरमैन और गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहीं श्रुति भारद्वाज ने कहा कि जहां नारी की पूजा होती है वहां भगवान निवास करते हैं। प्रधानाचार्य अशोक तिवारी ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। शिक्षक मनोरमा गुप्ता और रुमा पांडेय ने महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। साथ ही बाधाओं से निपटने की नसीहत दी। पीयूष द्विवेदी ने कहा कि महिलाओं का जागरुक होना जरूरी है।
अनूप, अमित आदि उपस्थित रहे। उधर, बड़ोखर बुजुर्ग गांव स्थित राजकीय हाईस्कूल में आयोजित गोष्ठी में प्रधानाचार्य डा.शशि मिश्रा ने महिला अधिकारों और सशक्तीकरण के बारे में बताया। महिला दिवस पर भी चर्चा की। समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं आदि उपस्थित रहीं।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गूलरनाका स्थित स्टार प्लाजा में आयोजित गोष्ठी में महिला डिग्री कालेज प्रवक्ता/कार्यक्रम अधिकारी डा.सबीहा रहमानी ने कहा कि महिला दिवस की शुरूआत 28 फरवरी 1909 को हुई थी। बाद में इसे 8 मार्च को मनाया जाने लगा। महिलाओं को मताधिकार प्रदान किए जाने की मुहिम से इसकी शुरूआत हुई थी।
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प्राचार्य डा.दीपाली गुप्ता ने कहा कि स्वयं सहायता समूह से महिलाएं आत्मनिर्भर होकर सशक्त हो सकती हैं। कार्यालय अधीक्षक कविता अग्रहरि, पराविधिक स्वयंसेवक सुमन शुक्ला आदि ने भी संबोधित किया। डा.जीतेंद्र कुमार, ज्योति मिश्रा, पराविधिक स्वयंसेवक बुशरा जैदी, रोहिणी, रीता समेत छात्राएं उपस्थित रहीं।
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भागवत प्रसाद मेमोरियल अकादमी में कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती प्रतिमा और संस्थापक भागवत प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। 10 महिलाओं को सम्मानित किया गया। उप निरीक्षक शालिनी भदौरिया ने महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरुक किया। छाया सिंह और आयुषी त्रिपाठी ने कविता पेश की।
चेयरमैन शिवचरण कुशवाहा ने नारी सम्मान और नामित चेयरमैन अंकित कुशवाहा ने महिलाओं के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। निर्देशक संध्या कुशवाहा, केके अम्मा (तथागत ज्ञान स्थली स्कूल, अतर्रा), रामलखन कुशवाहा सहित मनोरमा अग्रवाल, निशा गुप्ता, एनी फातिमा, सदफ जमाल, किरण सेठी, प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह आदि ने भी संबोधित किया। डा.पीतांबर सिंह, नरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
संचालन एकता निगम व कविता वर्मा ने किया। समापन राष्ट्रगान से हुआ। उधर, वन स्टाप सेंटर द्वारा राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास में आयोजित गोष्ठी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार (आईएएस) ने महिला दिवस की जानकारी दी। समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने महिलाओं को खुद सशक्त बनने की प्रेरणा दी। प्रबंधक रामदेवी साहू ने सेंटर और प्रोबेशन कार्यालय में चल रही योजनाओं की जानकारी दी।
डीआर पब्लिक स्कूल चेयरमैन और गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहीं श्रुति भारद्वाज ने कहा कि जहां नारी की पूजा होती है वहां भगवान निवास करते हैं। प्रधानाचार्य अशोक तिवारी ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। शिक्षक मनोरमा गुप्ता और रुमा पांडेय ने महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। साथ ही बाधाओं से निपटने की नसीहत दी। पीयूष द्विवेदी ने कहा कि महिलाओं का जागरुक होना जरूरी है।
अनूप, अमित आदि उपस्थित रहे। उधर, बड़ोखर बुजुर्ग गांव स्थित राजकीय हाईस्कूल में आयोजित गोष्ठी में प्रधानाचार्य डा.शशि मिश्रा ने महिला अधिकारों और सशक्तीकरण के बारे में बताया। महिला दिवस पर भी चर्चा की। समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं आदि उपस्थित रहीं।
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छात्रा को सम्मानित करतीं महिला डिग्री कालेज प्राचार्य डा.दीपाली गुप्ता। साथ में प्रवक्ता डा.सबी- फोटो : BANDA

बड़ोखर बुजुर्ग में उत्कृष्ट कार्य करने पर महिला को सम्मानित करतीं प्रधानाचार्य डा.शशि मिश्रा। - फोटो : BANDA