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Banda News: गंदगी छोड़ गया बाढ़ का पानी, अब बीमारी का खतरा
Sun, 13 Sep 2026 11:02 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:02 PM IST
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फोटो 3- गजनी गांव में पानी निकलने के बाद दलदल बने रास्ते से निकलते ग्रामीण। संवाद
बांदा/तिंदवारी/पैलानी। जनपद में हो रही बारिश और केन नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से जलभराव से जूझ रहे गांवों से पानी निकल चुका है।
बारिश और नदी का पानी अपने पीछे गंदगी और बीमारी का खतरा छोड़ गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार करीब 64 गांवों में जलभराव की समस्या आई है। अब इन गांवों में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
जलभराव से परेशान हो चुके ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों में बुखार की शिकायत बढ़ रही है। पैलानी तहसील क्षेत्र के छनीहा डेरा, सेमरा डेरा, शिवपाल डेरा, दिप्पा डेरा, गनेश नगर और पंडितन डेरा समेत नदी किनारे बसे गांवों व पुरवों में बाढ़ के बाद गंदगी जमा है। पानी कम होने के बाद गलियों और आसपास के स्थानों पर कीचड़ व कचरा रह गया है। इससे मच्छरों के पनपने और दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
तिंदवारी क्षेत्र के गजनी, भुजरख, छापर, लोहारी, बरेठी आदि गांवों में भी यही स्थिति बताई जा रही है। यहां सड़कों पर कहीं पर गीला तो कहीं पर सूखा कीचड़ पड़ा हुआ है और सड़ांध उठ रही है। इन गांवों में नदी की जगह बरसाती पानी ने लोगों का जीना दुश्वार कर रखा था। बरसात के कारण यहां की जलनिकासी बंद हो गई थी और नाले का गंदा पानी गांव की सड़कों से बह रहा था। बरसात थमने के बाद सरकारी अस्पताल के आंकड़े भी बीमारी बढ़ने की तस्दीक कर रहे हैं।
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जिला अस्पताल में बरसात के पहले जहां ओपीडी 1200 से 1500 के बीच हो रही थी। अब ओपीडी 2000 करीब पहुंच चुकी है। इसमें अधिकांश बीमार बुखार के आ रहे हैं और इसमें दूर-दूर बसे गांव के लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे गांवों में दवा छिड़काव व सूचना पर कैंप लगाने की तैयारी हो रही है।
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बोले लोग-घर-घर फैला बुखार
बरसात का पानी सूखने के बाद हर घर में बुखार से कोई न कोई बीमार हो रहा है और धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। फिलहाल हालात ठीक हैं लेकिन बीमारी का डर तो बना हुआ है।
-कमल मिश्रा, भुजरख।
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इस समय बुखार ने सभी को परेशान कर रखा है। गांव के अस्पताल से बांदा तक लोग दौड़-भाग कर रहे हैं। अगर गांव में कैंप लग जाए तो काफी राहत मिलेगी। बुखार तो घर-घर फैला है। सबसे अधिक बच्चे परेशान है।
मुकुट बिहारी, भुजरख।
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वर्जन
नदी किनारे और ऐसे गांव जहां जलभराव की समस्या आई थी। ऐसे गांवों में हालात सामान्य हुए हैं और यहां संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। सभी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे गांवों को चिह्नित करें और प्रधान आदि से बातचीत कर दवा का छिड़काव शुरू करा दें। अगर किसी गांव के मरीज अधिक आ रहे हैं तो तत्काल वहां पर टीम भेजकर कैंप लगाए और जांच कर दवाएं दें।
-डॉ.अभय सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य बांदा।
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बारिश और नदी का पानी अपने पीछे गंदगी और बीमारी का खतरा छोड़ गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार करीब 64 गांवों में जलभराव की समस्या आई है। अब इन गांवों में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
जलभराव से परेशान हो चुके ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों में बुखार की शिकायत बढ़ रही है। पैलानी तहसील क्षेत्र के छनीहा डेरा, सेमरा डेरा, शिवपाल डेरा, दिप्पा डेरा, गनेश नगर और पंडितन डेरा समेत नदी किनारे बसे गांवों व पुरवों में बाढ़ के बाद गंदगी जमा है। पानी कम होने के बाद गलियों और आसपास के स्थानों पर कीचड़ व कचरा रह गया है। इससे मच्छरों के पनपने और दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
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तिंदवारी क्षेत्र के गजनी, भुजरख, छापर, लोहारी, बरेठी आदि गांवों में भी यही स्थिति बताई जा रही है। यहां सड़कों पर कहीं पर गीला तो कहीं पर सूखा कीचड़ पड़ा हुआ है और सड़ांध उठ रही है। इन गांवों में नदी की जगह बरसाती पानी ने लोगों का जीना दुश्वार कर रखा था। बरसात के कारण यहां की जलनिकासी बंद हो गई थी और नाले का गंदा पानी गांव की सड़कों से बह रहा था। बरसात थमने के बाद सरकारी अस्पताल के आंकड़े भी बीमारी बढ़ने की तस्दीक कर रहे हैं।
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जिला अस्पताल में बरसात के पहले जहां ओपीडी 1200 से 1500 के बीच हो रही थी। अब ओपीडी 2000 करीब पहुंच चुकी है। इसमें अधिकांश बीमार बुखार के आ रहे हैं और इसमें दूर-दूर बसे गांव के लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे गांवों में दवा छिड़काव व सूचना पर कैंप लगाने की तैयारी हो रही है।
बोले लोग-घर-घर फैला बुखार
बरसात का पानी सूखने के बाद हर घर में बुखार से कोई न कोई बीमार हो रहा है और धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। फिलहाल हालात ठीक हैं लेकिन बीमारी का डर तो बना हुआ है।
-कमल मिश्रा, भुजरख।
इस समय बुखार ने सभी को परेशान कर रखा है। गांव के अस्पताल से बांदा तक लोग दौड़-भाग कर रहे हैं। अगर गांव में कैंप लग जाए तो काफी राहत मिलेगी। बुखार तो घर-घर फैला है। सबसे अधिक बच्चे परेशान है।
मुकुट बिहारी, भुजरख।
वर्जन
नदी किनारे और ऐसे गांव जहां जलभराव की समस्या आई थी। ऐसे गांवों में हालात सामान्य हुए हैं और यहां संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। सभी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे गांवों को चिह्नित करें और प्रधान आदि से बातचीत कर दवा का छिड़काव शुरू करा दें। अगर किसी गांव के मरीज अधिक आ रहे हैं तो तत्काल वहां पर टीम भेजकर कैंप लगाए और जांच कर दवाएं दें।
-डॉ.अभय सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य बांदा।

फोटो 3- गजनी गांव में पानी निकलने के बाद दलदल बने रास्ते से निकलते ग्रामीण। संवाद

फोटो 3- गजनी गांव में पानी निकलने के बाद दलदल बने रास्ते से निकलते ग्रामीण। संवाद