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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Ken River's water level rises; people crossing without safety precautions.

Banda News: केन का जलस्तर बढ़ा, बिना सुरक्षा निकल रहे लोग

Sun, 13 Sep 2026 11:00 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sun, 13 Sep 2026 11:00 PM IST
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Ken River's water level rises; people crossing without safety precautions.
फोटो 6- छोटी सी नाव पर इस तरह से बिना सुरक्षा के हो कराई जा रही यात्रा। संवाद
पैलानी। केन नदी में शनिवार शाम अचानक तेज गति से बढ़े जलस्तर से प्रशासन सतर्क हो गया है।
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खप्टिहा कलां के नावघाट पर सीसी रोड का करीब एक तिहाई हिस्सा पानी में डूब गया है। हालांकि यात्रा कराते समय सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है। नाव में क्षमता से अधिक लोग बैठाए जा रहे हैं और सभी को लाइफ जैकेट भी नहीं मुहैया हो पा रही है।
नाविक शंकर निषाद और भूरा निषाद ने बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे से केन का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। रातभर पानी बढ़ने से नावघाट की सीसी सड़क का एक तिहाई हिस्सा डूब गया है। साप्ताहिक बाजार में भीड़ को देखते हुए दो नाव घाटों से यात्रियों को नदी पार कराया जा रहा है। नाविकों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट की व्यवस्था की गई है।
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भाजपा सेक्टर अध्यक्ष महेंद्र सिंह गौतम ने एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह से अलग से चल रही नाव के लिए 12 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन की ओर से नाव संचालन में सावधानी बरतने और यात्रियों को जैकेट पहनाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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केन नदी का जलस्तर शनिवार को 96.9 मीटर था। अब केन नदी का पानी 97.8 मीटर पर आ चुका है। जबकि यमुना नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। यमुना शनिवार को 91.57 मीटर पर थी और रविवार को 92.23 पर पहुंच चुकी हैं।
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चंद्रावल नदी का भी बढ़ा जलस्तर
केन के साथ चंद्रावल नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। पड़ोहरा-नांदादेव रपटा पर पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित हुआ है। सिंधनकलां-तुर्री नाला रपटा पर भी केन का पानी बढ़ने से आवागमन बंद हो गया है और लोग नावों से यात्रा कर रहे हैं। गौरी-अमारा रपटा जलमग्न होने के बाद करीब एक दर्जन गांवों का आवागमन नावों पर निर्भर हो गया है।
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बोले लोग-जलस्तर बढ़ने से दिक्कत
नदी के उस पार खेत हैं। रोजाना दिन में एक-दो बार तो आना-जाना पड़ता है। जलस्तर बढ़ने से फिर से समस्या आ गई है। नाव ही एक सहारा है।
विद्या शंकर शुक्ला, खप्टिहा कलां
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नदी का पानी फसलों तक तो नहीं पहुंचा है लेकिन खेती के लिए नदी को पार करना पड़ता है। ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ गया है तो निश्चित तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बड़कू निषाद, छनिहा डेरा

फोटो 6- छोटी सी नाव पर इस तरह से बिना सुरक्षा के हो कराई जा रही यात्रा। संवाद

फोटो 6- छोटी सी नाव पर इस तरह से बिना सुरक्षा के हो कराई जा रही यात्रा। संवाद

फोटो 6- छोटी सी नाव पर इस तरह से बिना सुरक्षा के हो कराई जा रही यात्रा। संवाद

फोटो 6- छोटी सी नाव पर इस तरह से बिना सुरक्षा के हो कराई जा रही यात्रा। संवाद

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