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Banda News: घर से नहीं उठ सकी अर्थी, शहर के मुक्तिधाम में पुलिस ने कराया कुसुमा देवी का अंतिम संस्कार
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-परिवार नहीं कर सका अंतिम दर्शन, मेडिकल कॉलेज से पौत्र को लाकर दी गई मुखाग्नि
-गांव में अंतिम संस्कार कराने पर पुलिस को थी फिर से विरोध की आशंका
-छावनी बना रहा पूरा मुक्ति धाम, पुलिस की सख्ती भी आई नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा की मां और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी कुसुमा देवी वर्मा का निधन के पांच दिन बाद बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार कराया गया। नंदवारा स्थित घर से उनकी अर्थी नहीं उठ सकी। पुलिस ने शहर के हरदौली मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया। परिवार का कोई सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। केवल पौत्र देवेंद्र पाल वर्मा की मौजूदगी में दाह संस्कार हुआ। वह पहले से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। पुलिस उसे मेडिकल कॉलेज से अपनी निगरानी में मुक्तिधाम लेकर पहुंची।
कुसुमा देवी की चार अक्तूबर की सुबह एक निजी अस्पताल में मौत हुई थी। इसके बाद परिजन सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और शव को सीएम कार्यालय लखनऊ ले जाने की मांग पर अड़े थे। पोस्टमार्टम के लिए सोमवार रात देवेंद्र पाल वर्मा ने लिखित सहमति दी। बुधवार को पुलिस उसे लखनऊ से बांदा लेकर आई। पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया से मौत होना प्रदर्शित हुआ। बुधवार रात सीने में दर्द की शिकायत पर देवेंद्र को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
नंदवारा में 30 सितंबर को दो मासूम भाइयों की मौत के मामले में महेंद्र पाल वर्मा समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी मामले को लेकर कुसुमा देवी से मारपीट और धमकी के आरोप भी लगाए गए थे। उनकी मौत के बाद शव को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच कई बार गहमा-गहमी हुई थी। ऐसे में पुलिस को आशंका थी कि गांव में अंतिम संस्कार कराने पर फिर विरोध हो सकता है। इसी कारण शव को नंदवारा ले जाने के बजाय शहर के हरदौली मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया गया।
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बृहस्पतिवार सुबह से ही मुक्तिधाम परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सीओ सिटी सौरभ सिंह, शहर कोतवाल बलराम सिंह, नरैनी कोतवाल भाष्कर मिश्रा समेत कई दरोगा और सिपाही मौजूद रहे। दोपहर करीब तीन बजे नरैनी कोतवाल देवेंद्र पाल को मेडिकल कॉलेज से लेकर मुक्तिधाम पहुंचे। प्रधान संघ अध्यक्ष और मुक्तिधाम अध्यक्ष अमित सेठ भोलू की मौजूदगी में देवेंद्र ने अपनी दादी को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान मुक्तिधाम पुलिस छावनी बना रहा। पुलिस ने मीडिया कर्मियों के प्रवेश और फोटो-वीडियो बनाने पर भी रोक लगा दी। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।
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-गांव में अंतिम संस्कार कराने पर पुलिस को थी फिर से विरोध की आशंका
-छावनी बना रहा पूरा मुक्ति धाम, पुलिस की सख्ती भी आई नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा की मां और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी कुसुमा देवी वर्मा का निधन के पांच दिन बाद बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार कराया गया। नंदवारा स्थित घर से उनकी अर्थी नहीं उठ सकी। पुलिस ने शहर के हरदौली मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया। परिवार का कोई सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। केवल पौत्र देवेंद्र पाल वर्मा की मौजूदगी में दाह संस्कार हुआ। वह पहले से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। पुलिस उसे मेडिकल कॉलेज से अपनी निगरानी में मुक्तिधाम लेकर पहुंची।
कुसुमा देवी की चार अक्तूबर की सुबह एक निजी अस्पताल में मौत हुई थी। इसके बाद परिजन सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और शव को सीएम कार्यालय लखनऊ ले जाने की मांग पर अड़े थे। पोस्टमार्टम के लिए सोमवार रात देवेंद्र पाल वर्मा ने लिखित सहमति दी। बुधवार को पुलिस उसे लखनऊ से बांदा लेकर आई। पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया से मौत होना प्रदर्शित हुआ। बुधवार रात सीने में दर्द की शिकायत पर देवेंद्र को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
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नंदवारा में 30 सितंबर को दो मासूम भाइयों की मौत के मामले में महेंद्र पाल वर्मा समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी मामले को लेकर कुसुमा देवी से मारपीट और धमकी के आरोप भी लगाए गए थे। उनकी मौत के बाद शव को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच कई बार गहमा-गहमी हुई थी। ऐसे में पुलिस को आशंका थी कि गांव में अंतिम संस्कार कराने पर फिर विरोध हो सकता है। इसी कारण शव को नंदवारा ले जाने के बजाय शहर के हरदौली मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराया गया।
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बृहस्पतिवार सुबह से ही मुक्तिधाम परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज, सीओ सिटी सौरभ सिंह, शहर कोतवाल बलराम सिंह, नरैनी कोतवाल भाष्कर मिश्रा समेत कई दरोगा और सिपाही मौजूद रहे। दोपहर करीब तीन बजे नरैनी कोतवाल देवेंद्र पाल को मेडिकल कॉलेज से लेकर मुक्तिधाम पहुंचे। प्रधान संघ अध्यक्ष और मुक्तिधाम अध्यक्ष अमित सेठ भोलू की मौजूदगी में देवेंद्र ने अपनी दादी को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान मुक्तिधाम पुलिस छावनी बना रहा। पुलिस ने मीडिया कर्मियों के प्रवेश और फोटो-वीडियो बनाने पर भी रोक लगा दी। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।