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Banda News: गैर इरादतन हत्या में दो सगे भाइयों समेत चार को सात-सात वर्ष की सजा
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चारों दोषियों पर कोर्ट ने 10-10 हजार रुपये का लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। गैर इरादतन हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत चार दोषियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चारों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा होगी। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव निवासी रामशरण पुत्र बेटा ने 20 मार्च 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके भाई राममूरत उर्फ बाबूलाल अपने घर की नाली साफ कर रहे थे। रामा पत्नी वीर सिंह ने नाली साफ करने से मना किया।
बताया कि भाई राममूरत सुबह आठ बजे खेत सरसों लेने जा रहा था, तभी गांव में ही दुकान के पास पहुंचे वीर सिंह पुत्र रामदयाल, रामजस पुत्र वीर सिंह, दीपू वीर सिंह व बाबू पुत्र रामदयाल ने उसे घेर लिया और अभद्रता की।
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इसके बाद लाठी-डंडों से पीटने लगे। गंभीर चोट आने पर राममूरत को सीएचसी नरैनी में भर्ती कराया गया। वहां से जिला अस्पताल और फिर वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया।
इलाज के लिए ले जाते समय उसके सिर में आई गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज की अदालत ने चारों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। गैर इरादतन हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत चार दोषियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चारों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा होगी। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव निवासी रामशरण पुत्र बेटा ने 20 मार्च 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके भाई राममूरत उर्फ बाबूलाल अपने घर की नाली साफ कर रहे थे। रामा पत्नी वीर सिंह ने नाली साफ करने से मना किया।
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बताया कि भाई राममूरत सुबह आठ बजे खेत सरसों लेने जा रहा था, तभी गांव में ही दुकान के पास पहुंचे वीर सिंह पुत्र रामदयाल, रामजस पुत्र वीर सिंह, दीपू वीर सिंह व बाबू पुत्र रामदयाल ने उसे घेर लिया और अभद्रता की।
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इसके बाद लाठी-डंडों से पीटने लगे। गंभीर चोट आने पर राममूरत को सीएचसी नरैनी में भर्ती कराया गया। वहां से जिला अस्पताल और फिर वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया।
इलाज के लिए ले जाते समय उसके सिर में आई गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जिला जज की अदालत ने चारों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।