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कौंसिल के आह्वान पर वकीलों की हड़ताल, जिला अधिवक्ता संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:40 PM IST
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प्रदेश सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में मंगलवार को पूरे जनपद में वकील हड़ताल पर रहे। इसका आह्वान बार कौंसिल उत्तर प्रदेश ने किया था।
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मांगे पूरी न होने पर अधिवक्ता संघ ने 23 मार्च को फिर हड़ताल और विधान सभा घेरने की चेतावनी दी है।जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जागेश्वर यादव और महासचिव प्रयागदत्त अवस्थी तथा कोषाध्यक्ष राजाभइया कुशवाहा के हस्ताक्षर से अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने सात प्रमुख मांगों से संबंधित मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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मुख्यमंत्री को भेजे गए इस ज्ञापन में आरोप लगाते हुए कहा गया कि प्रदेश सरकार अधिवक्ताओं से जुड़ी योजनाओं पर अमल नहीं कर रही। इससे उनमें रोष है। वकीलों के इलाज को अलग से कोष, अधिवक्ता अधिनियम की धारा 4-बी में संशोधन करके न्यासी समिति को प्रत्येक वर्ष चार करोड़ का बजट, पूर्ण कालिक सचिव की नियुक्ति, बार कौंसिल आफ यूपी अध्यक्ष को न्यासी समिति में सह अध्यक्ष की नियुक्ति, मृतक अधिवक्ता के आश्रितों को पांच लाख, अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये का बीमा, नए वकीलों को स्टाइपेंड आदि की मांगें की गई हैं।
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बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश सिंह पवार की अध्यक्षता में संघ भवन के सामने धरना प्रदर्शन हुआ। प्रदेश सरकार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका गया। अध्यक्ष श्री पवार ने कहा कि जूनियर वकीलों को दो हजार रुपये प्रति माह भत्ता प्रदेश सरकार लागू करे। पूर्व अध्यक्ष राम प्रताप वर्मा ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
संघ मंत्री दिनेश सिंह पाल, भागवत प्रसाद, नरेश सिंह यादव, संतोष कुमार यादव, श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, रामखेलावन, रामशरण प्रजापति, रामेंद्र सिंह, चुन्ना प्रसाद, मैकूलाल प्रजापति, शिव कुमार सिंह, चंद्र प्रकाश, बाबूलाल आदि शामिल रहे।