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जौहरपुर खदान पट्टा का निरस्तीकरण आयुक्त ने किया खारिज

Thu, 16 Dec 2021 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:09 AM IST
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The commissioner rejected the cancellation of Jauharpur mine lease
बांदा। तीन करोड़ 79 लाख 80 हजार रुपये की तीन किस्तें जमा न करने और अवैध खनन के आरोप में खदान का पट्टा निरस्त करने व दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने के डीएम के आदेश को मंडलायुक्त ने खारिज कर दिया है। उन्होंने आदेश दिया कि डीएम पट्टाधारक अपीलकर्ता की दलीलों को सुन लें। पट्टाधारक जुर्माना देने को तैयार है। गुणदोष के आधार पर निस्तारण करें।
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मंडलायुक्त की कोर्ट में दाखिल वाद में बांदा तहसील की जौहरपुर खंड-2 के पट्टाधारक शीतल इंटर प्राइजेज के प्रोपाइटर ग्वालियर निवासी धर्मेंद्र सिंह तोमर ने बताया था कि औपचारिकताएं पूरी करके तीन करोड़ 16 लाख 50 हजार रुपये जमानत राशि और इतनी ही रकम की पहली किस्त जमा की। 21 मई 2020 से पांच वर्ष के लिए पट्टा हुआ था। किस्तें समय से अदा करते रहे।
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इस बीच वह बीमार पड़ गए। इस कारण कई किस्तें नहीं जमा कर पाए। ठीक होने पर किस्तें और पैसा जमा करने के लिए खनिज कार्यालय में अर्जी दी, लेकिन वहां किस्तें लेने से इनकार कर दिया गया। मार्च 2021 में उनका पट्टा निरस्त करते हुए दो वर्ष के लिए काली सूची में डाल दिया गया।
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उधर, खनिज अधिकारी ने आयुक्त न्यायालय में दी दलील में कहा कि पट्टाधारक ने 7वीं, 8वीं और 9वीं किस्त के तीन करोड़ 79 लाख 80 हजार रुपये जमा नहीं किए। नोटिस का जवाब नहीं दिया। खदान की जांच में चार ओवरलोड ट्रक पाए गए। सीसीटीवी कैमरे लगे नहीं मिले। खनिज निदेशक की जांच में इस खदान में 5320 घन मीटर अधिक खनिज का परिवहन पाया गया। इसका नोटिस भी दिया गया, लेकिन स्पष्टीकरण नहीं मिला।

दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने हाल ही में जारी अपने आदेश में पट्टाधारक की अपील स्वीकार करते हुए 26 अप्रैल 2021 को बांदा डीएम द्वारा पट्टा निरस्त करने के आदेश को खारिज कर दिया। आदेश दिया कि अपील में शामिल बिंदुओं को सुना जाए। जो दंड लगाया गया है, वह भी अपीलकर्ता देने के लिए तैयार है तो प्रकरण का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
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