{"_id":"d3e6a4bd9680435012c1ed77138cd617","slug":"the-challenge-was-to-arrange-the-sand-mines-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यवस्था को चुनौती बन रहीं बालू खदानें, फायरिंग को पुलिस बता रही पटाखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यवस्था को चुनौती बन रहीं बालू खदानें, फायरिंग को पुलिस बता रही पटाखे
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 14 Feb 2015 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालू खदाने कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती जा रही हैं। अक्सर यहां फायरिंग और खूनी संघर्ष हो रहे हैं। ताजी घटना में शहर के नजदीक कनवारा गांव के पास केन नदी खदान में देर रात फायरिंग हुई। हालांकि पुलिस इसे पटाखे बता रही है।
विज्ञापन
शुक्रवार को देर रात नदी के उस पार उजरेहटा गांव की तरफ से कनवारा बालू खदान की तरफ फायरिंग की गई। ग्रामीणाें के मुताबिक खदान से भी जवाबी फायरिंग हुई। खबर मिलते ही शहर कोतवाली और मटौंध पुलिस पुहंच गई।लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि खदान से बालू का अवैध खनन करने पहुंचे लोगों ने पहले फायरिंग की।
विज्ञापन
जवाब में कनवारा घाट से भी फायरिंग हुई। एएसपी ने भी मौका मुआयना किया। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह का कहना है कि सब्जी की बारी लगाए लोगों ने वनरोज और जंगली सुअर को भगाने के लिए पटाखे दागे थे।
विज्ञापन
उधर, मटौंध थानाध्यक्ष ने भी कमोवेश यही बताया। उधर, खदान और गांव में दिन भर गोलीकांड की चर्चा रही। कुछ अरसे पहले कनवारा घाट में बालू ठेकेदारों और ग्रामीणों में जमकर फायरिंग हुई थी। एक मौत हो गई थी। वहां बनीं झुग्गी झोपड़ियां आग के हवाले कर दी गई थीं। पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार किया था। इसी तरह पथरिया खदान में भी कुछ अरसे पहले फायरिंग हुई थी।