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तब्लीगी जमात से वापस लिए जाएं मुकदमे
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बांदा। आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) ने सोमवार को डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें प्रदेश में तब्लीगी जमात पर दर्ज आपराधिक मुकदमे वापस लेने की मांग की।
जिलाध्यक्ष वाजिद अली के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि विभिन्न जिलों में तब्लीगी जमात के लोगों पर झूठे इल्जाम लगाते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि जमात के लोग सरकार की गाइड लाइन पर पूरी तरह अमल करते रहे हैं। कोई उल्लंघन नहीं किया।
धर्म के प्रचार-प्रसार और धार्मिक अनुष्ठान में आना-जाना संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है। कहा कि महाराष्ट्र में वहां की हाईकोर्ट और औरंगाबाद खंडपीठ ने याचिकाओं पर तब्लीगी जमात के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज कर दी है।
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अत: प्रदेश में भी दर्ज झूठी और निराधार एफआईआर वापस ली जाएं। ज्ञापन देने वालों में महासचिव उमैर खां नदवी, अख्तर, अबरार खां, रशीद सिद्दीकी, नुसरत खां शीबू, शमशुद्दीन भी शामिल रहे।
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जिलाध्यक्ष वाजिद अली के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि विभिन्न जिलों में तब्लीगी जमात के लोगों पर झूठे इल्जाम लगाते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि जमात के लोग सरकार की गाइड लाइन पर पूरी तरह अमल करते रहे हैं। कोई उल्लंघन नहीं किया।
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धर्म के प्रचार-प्रसार और धार्मिक अनुष्ठान में आना-जाना संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है। कहा कि महाराष्ट्र में वहां की हाईकोर्ट और औरंगाबाद खंडपीठ ने याचिकाओं पर तब्लीगी जमात के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज कर दी है।
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अत: प्रदेश में भी दर्ज झूठी और निराधार एफआईआर वापस ली जाएं। ज्ञापन देने वालों में महासचिव उमैर खां नदवी, अख्तर, अबरार खां, रशीद सिद्दीकी, नुसरत खां शीबू, शमशुद्दीन भी शामिल रहे।