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मां ब्रह्मचारिणी तेरो नाम, पूर्ण करो सब मेरे काम
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:40 PM IST
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बांदा। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन द्वितीय
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ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। देवी मंदिरों में तड़के से
जलाभिषेक के लिए महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अखंड दुर्गा सप्तशती
पाठ और हवन-पूजन के विशेष आयोजन हुए। शाम होते ही देवी पंडालों में रंगीन
रोशनी के बीच भक्तों ने मैया के दर्शन किए।
काली देवी, महेश्वरी देवी, जोगनी मंदिर, सिंहवाहिनी, मरही माता, महामाई, कालका देवी मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक के साथ नारियल, चुनरी, बताशा, फूल आदि देवी प्रतिमा पर समर्पित किया। शाम ढलते ही देवी पंडाल बिजली की रंगीन रोशनी से जगमग हो गए।
आयोजकों में पंडाल सजाने की होड़ रही। काली देवी मंदिर में आरती और पूजा-अर्चना में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे शरीक हुए।
उधर, खत्री पहाड़ विंध्यवासिनी मेला में पहले दिन क्षेत्रीय और मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। 511 सीढ़ियां चढ़कर प्राचीन मंदिर में दर्शन किया। पहाड़ की तलहटी स्थित नए मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ और हवन-पूजन हुआ। महिलाओं ने बच्चों का मुंडन कराया।
कन्या भोज भी हुआ। रात में रामलीला, काला जादू, झूला आदि आकर्षण का केंद्र हैं। बबेरू में मढ़ी दाई, बाकल की जोगनी माता मंदिर और बेंदाघाट गांव में कालका देवी मंदिर में भीड़ रही।
सीमावर्ती फतेहपुर व कौशांबी जिले के तमाम श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। अतर्रा में गौराबाबा धाम समेत विभिन्न मंदिरों में भी जलाभिषेक को श्रद्धालुओं में होड़ रही। मटौंध, तिंदवारी व नरैनी, कालिंजर में भी भव्य पंडालों व मंदिरों में मां के दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ी।
काली देवी, महेश्वरी देवी, जोगनी मंदिर, सिंहवाहिनी, मरही माता, महामाई, कालका देवी मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक के साथ नारियल, चुनरी, बताशा, फूल आदि देवी प्रतिमा पर समर्पित किया। शाम ढलते ही देवी पंडाल बिजली की रंगीन रोशनी से जगमग हो गए।
आयोजकों में पंडाल सजाने की होड़ रही। काली देवी मंदिर में आरती और पूजा-अर्चना में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे शरीक हुए।
उधर, खत्री पहाड़ विंध्यवासिनी मेला में पहले दिन क्षेत्रीय और मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। 511 सीढ़ियां चढ़कर प्राचीन मंदिर में दर्शन किया। पहाड़ की तलहटी स्थित नए मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ और हवन-पूजन हुआ। महिलाओं ने बच्चों का मुंडन कराया।
कन्या भोज भी हुआ। रात में रामलीला, काला जादू, झूला आदि आकर्षण का केंद्र हैं। बबेरू में मढ़ी दाई, बाकल की जोगनी माता मंदिर और बेंदाघाट गांव में कालका देवी मंदिर में भीड़ रही।
सीमावर्ती फतेहपुर व कौशांबी जिले के तमाम श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। अतर्रा में गौराबाबा धाम समेत विभिन्न मंदिरों में भी जलाभिषेक को श्रद्धालुओं में होड़ रही। मटौंध, तिंदवारी व नरैनी, कालिंजर में भी भव्य पंडालों व मंदिरों में मां के दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ी।