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युवक की हत्या में दस साल कैद
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बांदा। क्रिकेट के बल्ले से पीटकर युवक को मौत के घाट उतार देने के जुर्म में कातिल युवक को 10 वर्ष जेल में बिताने होंगे। अदालत ने उसे यह सजा दी है। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना किया है। अदालत से यह फैसला घटना के 10 वर्षों बाद आया है। हत्यारे को जेल भेज दिया गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के शंकर नगर में 26 अप्रैल 2010 को रात करीब 8 बजे किसी बात पर हुए विवाद में उसी मकान में किराए से रह रहे अरुण गुप्ता उर्फ मैनेजर ने कल्लू सिंह उर्फ उदयनारायण पुत्र मइयादीन सिंह पर क्रिकेट के बल्ले से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
बुरी तरह घायल कल्लू को मकान मालिक रन्नो शुक्ला और उसका बेटा शीबू तत्काल जिला अस्पताल ले गए। वहां उपचार के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। कुछ ही देर बाद मृतक का बड़ा भाई बलखंडी नाका निवासी दयाराम सिंह भी अस्पताल पहुंच गया।
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अगले दिन दयाराम ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 304 आईपीसी में अरुण गुप्ता उर्फ मैनेजर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। 3 मई 2010 को उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने 5 गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अरुण गुप्ता उर्फ मैनेजर निवासी ग्राम सिरकी (कमासिन) को धारा 304 में 10 वर्ष की जेल व 20 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर तीन माह और जेल में बिताने होंगे।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के शंकर नगर में 26 अप्रैल 2010 को रात करीब 8 बजे किसी बात पर हुए विवाद में उसी मकान में किराए से रह रहे अरुण गुप्ता उर्फ मैनेजर ने कल्लू सिंह उर्फ उदयनारायण पुत्र मइयादीन सिंह पर क्रिकेट के बल्ले से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
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बुरी तरह घायल कल्लू को मकान मालिक रन्नो शुक्ला और उसका बेटा शीबू तत्काल जिला अस्पताल ले गए। वहां उपचार के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। कुछ ही देर बाद मृतक का बड़ा भाई बलखंडी नाका निवासी दयाराम सिंह भी अस्पताल पहुंच गया।
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अगले दिन दयाराम ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 304 आईपीसी में अरुण गुप्ता उर्फ मैनेजर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की। 3 मई 2010 को उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने 5 गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अरुण गुप्ता उर्फ मैनेजर निवासी ग्राम सिरकी (कमासिन) को धारा 304 में 10 वर्ष की जेल व 20 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर तीन माह और जेल में बिताने होंगे।