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मूल्यांकन में लगे रहे शिक्षक, 50 फीसदी छात्र प्रवेश से वंचित
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Teachers engaged in evaluation, 50 percent students denied admission
- फोटो : BANDA
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बांदा। चालू शिक्षा सत्र में शासन की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराने की मंशा इंटर कॉलेजों में पूरी नहीं हो सकी। बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन में शिक्षकों के व्यस्त रहने से डेढ़ माह के अंतराल में सीटों के सापेक्ष 50 फीसदी से भी कम प्रवेश हुए हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने के एक दिन पहले गुरुवार को स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया जारी रही। वहीं, परिषदीय स्कूलों में चल रहे स्कूल चलो अभियान के तहत 95 फीसदी बच्चों के नए नामांकन का दावा किया गया है।
पहली अप्रैल से शुरू शिक्षा सत्र में नए प्रवेश कार्य को लेकर ज्यादातर इंटर कॉलेज पिछड़ गए हैं। बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन कराने के बाद ग्रीष्मावकाश शुरू होने से एक दिन पहले तक लगभग सभी कॉलेज प्रवेश के मानकों को पूूरा करने में असफल रहे। इससे लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी से अधिक छात्रों का प्रवेश नहीं हो सका है।
आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 60 छात्रों के प्रवेश के सापेक्ष 40, कक्षा 9 में 300 सीटों में 150 प्रवेश हुए हैं। डीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 100 सीटों में 30 प्रवेश हुए। कक्षा 9 में 300 सीटों में 150 में प्रवेश हुए। सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 80 सीटों में महज 20 प्रवेश हुए। कक्षा 9 में 150 सीटों में 50 ही प्रवेश हो सके। आर्यकन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 120 सीटों में सिर्फ 20 प्रवेश और कक्षा 9 में 400 सीटों में 150 प्रवेश किए गए।
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आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य मेजर मिथिलेश पांडे ने बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पढ़ाई का शेड्यूल निर्धारित करते हुए कक्षाओं को लगाने पर जोर दिया है। डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य आनंद कुमार ने बताया कि बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन के बाद समय बहुत कम मिला। लेकिन प्रवेश कराने पर जोर दिया है। शेष सीटों पर प्रवेश जुलाई माह में कराए जाएंगे।
इनसेट
परिषदीय स्कूलों में 95 फीसदी नामांकन का दावा
परिषदीय स्कूलों में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चल रहे स्कूल चलो अभियान में 93 फीसदी नवीन नामांकन की बात कही जा रहा है। यहां प्रवेश का नवीन लक्ष्य 46,555 विद्यार्थियों का है। इसमें डेढ़ माह के अंतराल में 45000 विद्यार्थियों के नवीन नामांकन का दावा किया गया है। इनमें ड्राप आउट (स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थी) लगभग 350 शामिल है।
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पहली अप्रैल से शुरू शिक्षा सत्र में नए प्रवेश कार्य को लेकर ज्यादातर इंटर कॉलेज पिछड़ गए हैं। बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन कराने के बाद ग्रीष्मावकाश शुरू होने से एक दिन पहले तक लगभग सभी कॉलेज प्रवेश के मानकों को पूूरा करने में असफल रहे। इससे लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी से अधिक छात्रों का प्रवेश नहीं हो सका है।
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आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 60 छात्रों के प्रवेश के सापेक्ष 40, कक्षा 9 में 300 सीटों में 150 प्रवेश हुए हैं। डीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 100 सीटों में 30 प्रवेश हुए। कक्षा 9 में 300 सीटों में 150 में प्रवेश हुए। सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 80 सीटों में महज 20 प्रवेश हुए। कक्षा 9 में 150 सीटों में 50 ही प्रवेश हो सके। आर्यकन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 6 में 120 सीटों में सिर्फ 20 प्रवेश और कक्षा 9 में 400 सीटों में 150 प्रवेश किए गए।
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आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य मेजर मिथिलेश पांडे ने बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पढ़ाई का शेड्यूल निर्धारित करते हुए कक्षाओं को लगाने पर जोर दिया है। डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य आनंद कुमार ने बताया कि बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन के बाद समय बहुत कम मिला। लेकिन प्रवेश कराने पर जोर दिया है। शेष सीटों पर प्रवेश जुलाई माह में कराए जाएंगे।
इनसेट
परिषदीय स्कूलों में 95 फीसदी नामांकन का दावा
परिषदीय स्कूलों में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चल रहे स्कूल चलो अभियान में 93 फीसदी नवीन नामांकन की बात कही जा रहा है। यहां प्रवेश का नवीन लक्ष्य 46,555 विद्यार्थियों का है। इसमें डेढ़ माह के अंतराल में 45000 विद्यार्थियों के नवीन नामांकन का दावा किया गया है। इनमें ड्राप आउट (स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थी) लगभग 350 शामिल है।