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शिक्षक आए, हाजिरी लगाई और चले गए
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बांदा। गर्मी की छुट्टी के बाद पहली जुलाई से शिक्षा सत्र शुरू हो गया। अधिकतर विद्यालयों में छात्र नहीं आए, इससे पढ़ाई नहीं हुई। शिक्षक आए हाजिरी लगाई और चले गए।
पहले दिन राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा छह से 12 तक का कोई भी छात्र नहीं आया। यहां कक्षाओं की सफाई भी नहीं की गई थी। फर्नीचर पर धूल जमी थी। कक्षाओं में पंखे चल रहे थे। आदर्श बजरंग विद्यालय में 10 फीसदी ही छात्र आए। कक्षाएं संचालित न होने से मौजमस्ती की और चले गए। डीएवी इंटर कॉलेज में भी कक्षाओं में धूल जमी रही। खानकाह इंटर कॉलेज में भी कक्षाएं सूनी रहीं। यहां छात्र नहीं आए।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में करीब 50 छात्राएं आईं। छात्रा रोशनी ने बताया कि कोई क्लास नहीं चली। शिक्षिकाएं अन्य कार्य में व्यस्त रहीं। आर्य कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं के न होने से कक्षाएं नहीं चलीं। भगवती प्रसाद ओमर इंटर कॉलेज में छात्राओं की संख्या न के बराबर थी। यहां कक्षाएं सूनी पड़ी रहीं। शिक्षक स्टाफ अन्य कार्य में लगा रहा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के नरैनी, अतर्रा, बबेरू और तिंदवारी एरिया के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही। खप्टिहा कलां के कंपोजिट स्कूल में एक हजार अधिक छात्र पंजीकृत हैं। इसमें पहले दिन 100 से कम बच्चे ही दिखे। साथ ही शिक्षकों की मौजूदगी भी कम रही।
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वर्जन
एक जुलाई से सभी स्कूलों को खोलने के आदेश हैं। चेकिंग अभियान चलाकर स्कूलों की जांच की जाएगी, जो शिक्षक समय से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार सिंह, डीआईओएस
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पहले दिन राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा छह से 12 तक का कोई भी छात्र नहीं आया। यहां कक्षाओं की सफाई भी नहीं की गई थी। फर्नीचर पर धूल जमी थी। कक्षाओं में पंखे चल रहे थे। आदर्श बजरंग विद्यालय में 10 फीसदी ही छात्र आए। कक्षाएं संचालित न होने से मौजमस्ती की और चले गए। डीएवी इंटर कॉलेज में भी कक्षाओं में धूल जमी रही। खानकाह इंटर कॉलेज में भी कक्षाएं सूनी रहीं। यहां छात्र नहीं आए।
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में करीब 50 छात्राएं आईं। छात्रा रोशनी ने बताया कि कोई क्लास नहीं चली। शिक्षिकाएं अन्य कार्य में व्यस्त रहीं। आर्य कन्या इंटर कॉलेज में छात्राओं के न होने से कक्षाएं नहीं चलीं। भगवती प्रसाद ओमर इंटर कॉलेज में छात्राओं की संख्या न के बराबर थी। यहां कक्षाएं सूनी पड़ी रहीं। शिक्षक स्टाफ अन्य कार्य में लगा रहा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के नरैनी, अतर्रा, बबेरू और तिंदवारी एरिया के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही। खप्टिहा कलां के कंपोजिट स्कूल में एक हजार अधिक छात्र पंजीकृत हैं। इसमें पहले दिन 100 से कम बच्चे ही दिखे। साथ ही शिक्षकों की मौजूदगी भी कम रही।
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एक जुलाई से सभी स्कूलों को खोलने के आदेश हैं। चेकिंग अभियान चलाकर स्कूलों की जांच की जाएगी, जो शिक्षक समय से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार सिंह, डीआईओएस