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Banda News: टैबलेट हुए बेमकसद,न लग रही ऑनलाइन हाजिरी, न हो रहे दूसरे काम
Fri, 03 Oct 2025 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 03 Oct 2025 11:35 PM IST
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फोटो - 02 शेरपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण के लिए बैठे छात्र। संवाद
- फोटो : विद्या मंदिर से पथ संचलन के लिए निकलते संघ के सदस्य।
बांदा। परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी व अन्य कार्यों के लिए मिले टैबलेट बेमतलब साबित हो रहे हैं। कहीं नेटवर्क की समस्या होने तो किसी में तकनीकी खराबी के चलते ज्यादातर विद्यालयों में टैबलेट अलमारियों में बंद हैं। इससे विद्यालयों में होने वाले कार्यों की जानकारी शासन तक नहीं पहुंच पाती।
जिले में 1725 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के साथ-साथ संचालित योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी के लिए टैबलेट वितरित किए गए थे। इनकी मदद से स्कूलों में उपस्थिति, मिड डे मील, पाठ्य पुस्तक वितरण, 14 आवश्यक कार्य रजिस्टर, छात्रों को किन योजनाओं का लाभ मिला इसकी सही जानकारी देना था। जिले में करीब 3424 टैबलेट विद्यालयों को बांटे गए। इसमें जूनियर व कस्तूरबा विद्यालयों को दो-दो व प्राथमिक विद्यालयों को एक-एक टैबलेट मिले, लेकिन इनका लाभ विद्यालयों को नहीं मिल पा रहा।
ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की स्थिति ठीक न होने से विद्यालय की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाती। वहीं कुछ टैबलेट तकनीकी समस्याओं के चलते काम नहीं कर रहे हैं। कुछ शिक्षकों ने नाम न लिखे जाने की शर्त पर बताया कि विद्यालयों को मिले टैबलेट बेहतर क्षमता के न होने से वह निष्प्रयोज्य हैं। कहा कि टैबलेट में नेटवर्क व हैंगिग की समस्या होने से उन्हें अपने फोन की मदद से कार्य करना पड़ता है।
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तिंदवारी के पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट मिरगहनी में ऑनलाइन कार्यों के लिए दो टैबलेट मिले थे। इनमें से एक काफी दिनों से खराब पड़ा है। प्रधानाध्यापाक सत्यदेव सिंह ने बताया कि टैबलेट में हैंग होने की समस्या से कार्य में दिक्कत आती थी। इसलिए उसे रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरपुर में भी ऑनलाइन कार्य टैबलेट की बजाए मोबाइल फोन से किए जाते हैं। इंचार्ज रेशमा अंजुमन ने विद्यालय को दूसरे चरण में बीते दो माह पहले टैबलेट प्राप्त हुआ है। कहा कि कार्य फोन से सुविधाजनक तरीके से होते हैं।
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टैबलेट से किए जाने थे यह कार्य
विद्यालयों को मिले टैबलेट से यू डॉयस, डीबीटी सहित विभिन्न शिक्षण एप के कार्य होते हैं। इनमें छात्र व कार्मिक उपस्थिति पंजिका, छात्र प्रवेश पंजिका, निशुल्क शिक्षण सामग्री वितरण पंजिका, आय-व्यय व चेक इश्यू पंजिका, बैठक, बाल गणना पंजिका सहित 14 रजिस्टरों के कार्य शामिल हैं।
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जिले के सभी स्कूलों को शासन की मंशानुरूप टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही निर्देशित किया गया है कि विद्यालय के सभी कार्य इनके माध्यम से ही कराई जाए। ज्यादातर विद्यालयाें में टैबलेट से ही कार्य हो रहे हैं। कुछ स्कूलों से समस्या आने पर टैबलेट को सुधार के लिए भेजा गया है।
अव्यक्तराम तिवारी, बीएसए
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जिले में 1725 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के साथ-साथ संचालित योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी के लिए टैबलेट वितरित किए गए थे। इनकी मदद से स्कूलों में उपस्थिति, मिड डे मील, पाठ्य पुस्तक वितरण, 14 आवश्यक कार्य रजिस्टर, छात्रों को किन योजनाओं का लाभ मिला इसकी सही जानकारी देना था। जिले में करीब 3424 टैबलेट विद्यालयों को बांटे गए। इसमें जूनियर व कस्तूरबा विद्यालयों को दो-दो व प्राथमिक विद्यालयों को एक-एक टैबलेट मिले, लेकिन इनका लाभ विद्यालयों को नहीं मिल पा रहा।
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ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की स्थिति ठीक न होने से विद्यालय की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाती। वहीं कुछ टैबलेट तकनीकी समस्याओं के चलते काम नहीं कर रहे हैं। कुछ शिक्षकों ने नाम न लिखे जाने की शर्त पर बताया कि विद्यालयों को मिले टैबलेट बेहतर क्षमता के न होने से वह निष्प्रयोज्य हैं। कहा कि टैबलेट में नेटवर्क व हैंगिग की समस्या होने से उन्हें अपने फोन की मदद से कार्य करना पड़ता है।
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तिंदवारी के पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट मिरगहनी में ऑनलाइन कार्यों के लिए दो टैबलेट मिले थे। इनमें से एक काफी दिनों से खराब पड़ा है। प्रधानाध्यापाक सत्यदेव सिंह ने बताया कि टैबलेट में हैंग होने की समस्या से कार्य में दिक्कत आती थी। इसलिए उसे रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरपुर में भी ऑनलाइन कार्य टैबलेट की बजाए मोबाइल फोन से किए जाते हैं। इंचार्ज रेशमा अंजुमन ने विद्यालय को दूसरे चरण में बीते दो माह पहले टैबलेट प्राप्त हुआ है। कहा कि कार्य फोन से सुविधाजनक तरीके से होते हैं।
टैबलेट से किए जाने थे यह कार्य
विद्यालयों को मिले टैबलेट से यू डॉयस, डीबीटी सहित विभिन्न शिक्षण एप के कार्य होते हैं। इनमें छात्र व कार्मिक उपस्थिति पंजिका, छात्र प्रवेश पंजिका, निशुल्क शिक्षण सामग्री वितरण पंजिका, आय-व्यय व चेक इश्यू पंजिका, बैठक, बाल गणना पंजिका सहित 14 रजिस्टरों के कार्य शामिल हैं।
जिले के सभी स्कूलों को शासन की मंशानुरूप टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही निर्देशित किया गया है कि विद्यालय के सभी कार्य इनके माध्यम से ही कराई जाए। ज्यादातर विद्यालयाें में टैबलेट से ही कार्य हो रहे हैं। कुछ स्कूलों से समस्या आने पर टैबलेट को सुधार के लिए भेजा गया है।
अव्यक्तराम तिवारी, बीएसए