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Banda News: 12 परिक्षेत्रों में सर्वेक्षण में सात प्रजातियों के 879 गिद्ध मिले

Sat, 28 Feb 2026 12:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sat, 28 Feb 2026 12:13 AM IST
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Survey in 12 areas reveals 879 vultures of seven species
करतल। बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना के उत्साहवर्धक परिणाम सामने आए हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व में 20 फरवरी से 22 फरवरी तक हुई गणना में गिद्धों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस सर्वेक्षण ने न केवल गिद्धों की आबादी के स्वास्थ्य का आकलन किया है, बल्कि उनके संरक्षण के प्रयासों की प्रभावशीलता को भी रेखांकित किया है।
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बुंदेलखंड क्षेत्र के अंतर्गत पन्ना टाइगर रिजर्व के सभी कोर और बफर क्षेत्रों में यह व्यापक गणना कार्य संपन्न हुआ। कुल 12 परिक्षेत्रों में किए गए सर्वेक्षण के आधार पर जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार रिजर्व में सात विभिन्न प्रजातियों के गिद्ध पाए गए। जिनकी कुल संख्या 879 दर्ज की गई। यह संख्या पिछले वर्ष 2025 में 666 दर्ज की गई। इनकी संख्या में 14 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है।
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गिद्ध प्रजातियों के अनुसार गणना के आंकड़े


गिद्ध प्रजाति
संख्या

इंडियन लॉन्ग-बिल्ड
764

व्हाइट-रंप्ड
34

रेड-हेडेड
13

इजिप्शियन वल्चर
46

यूरोपीय ग्रिफॉन 12

सिनेरियस वल्चर
2

हिमालयन वल्चर
8

कुल योग
879


घोसलों की स्थिति और संरक्षण का महत्व

गणना के दौरान 148 सक्रिय घोसलों और 64 निष्क्रिय घोसलों का भी पता चला। यह डेटा न केवल वर्तमान आबादी के प्रजनन स्वास्थ्य का संकेत देता है, बल्कि भविष्य में गिद्धों की आबादी की वृद्धि की संभावनाओं को भी दर्शाता है।
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वन विभाग के प्रयास और भविष्य की प्रतिबद्धता

वन विभाग गिद्धों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसमें नियमित निगरानी, जन जागरूकता कार्यक्रम और उनके आवासों के संरक्षण से संबंधित विभिन्न उपाय शामिल हैं। इन प्रभावी पहल के कारण ही क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में स्थिरता और वृद्धि सुनिश्चित हो रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व मध्य भारत में गिद्ध संरक्षण के प्रमुख केंद्रों में से एक रहा है और भविष्य में भी इन महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।


वर्जन
गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के अत्यंत महत्वपूर्ण घटक हैं। वे न केवल प्राकृतिक सफाईकर्मी के रूप में कार्य करते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और संक्रामक रोगों के प्रसार को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- वीरेंद्र कुमार पटेल, डिप्टी डायरेक्टर
पन्ना टाइगर रिजर्व
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