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बच्चों के यौन उत्पीड़न में फिर टली सुनवाई
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बांदा। दहेज हत्या के आरोपी जेठ-जेठानी को सोमवार को जिला सत्र न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने दोष मुक्त कर दिया। गिरवां थाना क्षेत्र के ऐला गांव निवासी इंद्रराज सिंह ने तिंदवारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी पुत्री पूजा की शादी अमलीकौर (तिंदवारी) में सत्यवीर सिंह के साथ की थी।
आरोप लगाया था कि 7 मई 2014 को जेठ लोला उर्फ राजबहादुर सिंह, जेठानी सुनीता ने दहेज के लिए पूजा को जलाकर मार डाला। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने दोषी साबित न होने पर दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। दोनों की पैरवी अधिवक्ता महिपत सिंह ने की। उधर, इंटर की छात्रा को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया। बांदा शहर की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री को बिसंडा थाना क्षेत्र का रहीम उर्फ रशीद 16 जुलाई 2017 को ले गया। पुलिस ने धारा 363 व 366 की रिपोर्ट दर्ज की।
अभियोजन ने तीन गवाह पेश किए। बाद में मां समेत तीनों गवाह मुकर गए। सोमवार को इस केस का फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मोहम्मद रिजवान अहमद ने आरोपी रहीम को बरी कर दिया। आरोपी की वकालत राघवेंद्र सिंह भदौरिया ने की। उधर, पुत्री को भगा ले जाने की मां द्वारा नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद अदालत में अपने बयान बदल दिए। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने उसके विरुद्ध संज्ञान लेते हुए अलग से प्रकीर्ण वाद दर्ज करने और नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
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आरोप लगाया था कि 7 मई 2014 को जेठ लोला उर्फ राजबहादुर सिंह, जेठानी सुनीता ने दहेज के लिए पूजा को जलाकर मार डाला। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने दोषी साबित न होने पर दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। दोनों की पैरवी अधिवक्ता महिपत सिंह ने की। उधर, इंटर की छात्रा को बहला फुसलाकर ले जाने के आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया। बांदा शहर की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री को बिसंडा थाना क्षेत्र का रहीम उर्फ रशीद 16 जुलाई 2017 को ले गया। पुलिस ने धारा 363 व 366 की रिपोर्ट दर्ज की।
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अभियोजन ने तीन गवाह पेश किए। बाद में मां समेत तीनों गवाह मुकर गए। सोमवार को इस केस का फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मोहम्मद रिजवान अहमद ने आरोपी रहीम को बरी कर दिया। आरोपी की वकालत राघवेंद्र सिंह भदौरिया ने की। उधर, पुत्री को भगा ले जाने की मां द्वारा नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद अदालत में अपने बयान बदल दिए। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने उसके विरुद्ध संज्ञान लेते हुए अलग से प्रकीर्ण वाद दर्ज करने और नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
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