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आंधी-बारिश ने गिराया तीन डिग्री पारा
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गर्मी में छाते से धूप का बचाव करतीं युवतियां।
- फोटो : BANDA
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बांदा। उत्तर-पूर्व से आने वाली गर्म हवाओं ने चित्रकूटधाम मंडल को बुरी तरह तपा दिया। पिछले तीन दिनों से मंडल की लगभग 50 लाख आबादी 47 से 48 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर तप उठी। अंतत: बुधवार को तीसरे दिन दोपहर बाद आंधी के बीच हल्की बारिश से मौसम के तेवर कुछ ढीले पड़ गए। पारे में लगभग तीन डिग्री की गिरावट आई। हालांकि धूल भरी आंधी से जनजीवन को असुविधा भी हुई।
मई का आखिरी हफ्ता शुरू होते ही पूरे बुंदेलखंड और पूरे चित्रकूटधाम मंडल में पारे ने तेज छलांग लगाई। अधिकतम 42-43 डिग्री सेल्सियस के इर्दगिर्द मंडरा रहा पारा 47-48 का आंकड़ा लांघ गया। तेज धूप और लू के थपेड़ों से मंडल के बाशिंदे कराह उठे। लॉकडाउन के चलते पहले से ही सड़कें सूनी हैं। लेकिन जो कुछेक जनजीवन सड़कों पर नजर आ रहा था, दोपहर को वह भी घरों में कैद हो गया।
मौसम में आए अचानक इस बदलाव के पीछे मौसम विभाग ने दलील दी है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और उत्तर-पश्चिम व मध्य प्रदेश के इलाकों में उत्तर-पूर्वी शुष्क हवाओं ने तपिश के यह तेवर पैदा किए हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिन कोई राहत न मिलने के अनुमान जताया था। बुधवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। धूलभरी आंधी के बाद कहीं मामूली तो कहीं तेज बारिश हुई। तापमान तीन डिग्री नीचे गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। नौतपों की तपिश में जूझ रहे लोगों ने हल्की राहत महसूस की।
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बेंदा घाट में दोपहर बाद तेज धूल भरी आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई और फिर ओले भी गिरे। कुछ देर की बारिश और ओले से तापमान में काफी गिरावट आई। उधर, आंधी ने फिर आम की पैदावार को नुकसान पहुंचाया। तिंदवारी, बबेरू, नरैनी, अतर्रा, कमासिन, चिल्ला संवाद के मुताबिक आसपास के क्षेत्रों में आंधी के बीच हल्की बारिश हुई। कुछ स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप से बचें
बांदा। लू और गर्म हवाओं (हीट वेव) को लेकर डीएम अमित सिंह बंसल और सीएमओ डा. संतोष कुमार ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह और सुझाव दिए हैं। कहा है कि इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। हल्के रंग के पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें।
चश्मा, छाता, टोपी, चप्पल का इस्तेमाल करें। पीने का पानी साथ रखें। लस्सी, नींबू-पानी, छाछ लें। चक्कर, कमजोरी, सिर दर्द, उबकाई, ज्यादा पसीना, मूर्छा, हीट स्ट्रोक, हीट रेस, हीट कैंप के लक्षण हैं। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सूरज की सीधी रोशनी से बचें। गर्मी में मेहनत का काम न करें। हल्का खाना खाएं। शराब, चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक से परहेज करें।
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मई का आखिरी हफ्ता शुरू होते ही पूरे बुंदेलखंड और पूरे चित्रकूटधाम मंडल में पारे ने तेज छलांग लगाई। अधिकतम 42-43 डिग्री सेल्सियस के इर्दगिर्द मंडरा रहा पारा 47-48 का आंकड़ा लांघ गया। तेज धूप और लू के थपेड़ों से मंडल के बाशिंदे कराह उठे। लॉकडाउन के चलते पहले से ही सड़कें सूनी हैं। लेकिन जो कुछेक जनजीवन सड़कों पर नजर आ रहा था, दोपहर को वह भी घरों में कैद हो गया।
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मौसम में आए अचानक इस बदलाव के पीछे मौसम विभाग ने दलील दी है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और उत्तर-पश्चिम व मध्य प्रदेश के इलाकों में उत्तर-पूर्वी शुष्क हवाओं ने तपिश के यह तेवर पैदा किए हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिन कोई राहत न मिलने के अनुमान जताया था। बुधवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। धूलभरी आंधी के बाद कहीं मामूली तो कहीं तेज बारिश हुई। तापमान तीन डिग्री नीचे गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। नौतपों की तपिश में जूझ रहे लोगों ने हल्की राहत महसूस की।
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बेंदा घाट में दोपहर बाद तेज धूल भरी आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई और फिर ओले भी गिरे। कुछ देर की बारिश और ओले से तापमान में काफी गिरावट आई। उधर, आंधी ने फिर आम की पैदावार को नुकसान पहुंचाया। तिंदवारी, बबेरू, नरैनी, अतर्रा, कमासिन, चिल्ला संवाद के मुताबिक आसपास के क्षेत्रों में आंधी के बीच हल्की बारिश हुई। कुछ स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप से बचें
बांदा। लू और गर्म हवाओं (हीट वेव) को लेकर डीएम अमित सिंह बंसल और सीएमओ डा. संतोष कुमार ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह और सुझाव दिए हैं। कहा है कि इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। हल्के रंग के पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें।
चश्मा, छाता, टोपी, चप्पल का इस्तेमाल करें। पीने का पानी साथ रखें। लस्सी, नींबू-पानी, छाछ लें। चक्कर, कमजोरी, सिर दर्द, उबकाई, ज्यादा पसीना, मूर्छा, हीट स्ट्रोक, हीट रेस, हीट कैंप के लक्षण हैं। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सूरज की सीधी रोशनी से बचें। गर्मी में मेहनत का काम न करें। हल्का खाना खाएं। शराब, चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक से परहेज करें।