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बांदाः 154 बैनामों में 1.34 करोड़ की स्टांप चोरी पकड़ी गई
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तहसील परिसर में स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय।
- फोटो : BANDA
बांदा। जिले में पिछले एक साल में 95 हजार से अधिक संपत्तियों के बैनामे हुए। इनमें 154 बैनामों में 1.34 करोड़ की स्टांप चोरी पकड़ी गई। अलग-अलग न्यायालयों में मुकदमे दायर किए गए हैं। दोष सिद्ध होने पर खरीदारों से जुर्माना सहित 18 फीसदी ब्याज के साथ स्टांप शुल्क वसूल किया जाएगा।
निबंधन विभाग दुकान, प्लाट, कृषि भूमि आदि संपत्ति की खरीद में सर्किल दरों में पांच फीसदी स्टांप लेता है। महिलाओं को 10 लाख तक की संपत्ति खरीद में एक फीसदी की छूट दी जाती है। पिछले एक साल में 95 हजार संपत्तियों के बैनामे हुए। शिकायत के बाद की गई जांच में 154 बैनामों में 1.34 करोड़ के स्टांप कम पाए गए।
इन सभी मामलों को स्टांप चोरी के अनुसार अलग-अलग न्यायालयों में दायर किया गया है। एआईजी (स्टांप) अखिलेश दुबे का कहना है कि अदालत में स्टांप चोरी सिद्ध होने की वजह से खरीदारों को इसकी कीमत चुकानी होगी। 18 फीसदी ब्याज के साथ स्टांप शुल्क देना होगा। साथ ही अपराध की गंभीरता को देखते हुए जुर्माना भी किया जाएगा।
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ऐसे होती है स्टांप चोरी-
- जमीन को हाईवे, सड़क, लिंक रोड, चकरोड आदि से दूर बताना।
- बैनामे में बने मकान की जगह खाली प्लाट दर्शाना।
- रिहायशी क्षेत्र की कीमत वाली जमीन को कृषि भूमि में दर्शाया।
- हाईवे को लिंक और सड़क को चकरोड दर्शाकर बैनामा कराना।
- व्यावसायिक जमीनों को आवासीय दर्शाकर पार्ट में बैनामा।
3 से 5 लाख तक की स्टांप चोरी की सुनवाई करते हैं डीएम
तीन से पांच लाख तक के स्टांप चोरी के मामलों की सुनवाई खुद जिलाधिकारी करते हैं। एक से दो लाख तक के मामलों की सुनवाई एडीएम व इससे कम स्टांप चोरी के मामलो की सुनवाई आईजी व एडीआईजी स्टांप करते हैं। इसके अलावा एडीआईजी स्टांप के आदेश के विरुद्ध डीआईजी स्टांप, डीआईजी स्टांप के आदेश के विरुद्ध एडीएम व एडीएम के आदेश के विरुद्ध डीएम और डीएम के आदेश के विरुद्ध अपील मंडलायुक्त के यहां की जाती है।
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निबंधन विभाग दुकान, प्लाट, कृषि भूमि आदि संपत्ति की खरीद में सर्किल दरों में पांच फीसदी स्टांप लेता है। महिलाओं को 10 लाख तक की संपत्ति खरीद में एक फीसदी की छूट दी जाती है। पिछले एक साल में 95 हजार संपत्तियों के बैनामे हुए। शिकायत के बाद की गई जांच में 154 बैनामों में 1.34 करोड़ के स्टांप कम पाए गए।
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इन सभी मामलों को स्टांप चोरी के अनुसार अलग-अलग न्यायालयों में दायर किया गया है। एआईजी (स्टांप) अखिलेश दुबे का कहना है कि अदालत में स्टांप चोरी सिद्ध होने की वजह से खरीदारों को इसकी कीमत चुकानी होगी। 18 फीसदी ब्याज के साथ स्टांप शुल्क देना होगा। साथ ही अपराध की गंभीरता को देखते हुए जुर्माना भी किया जाएगा।
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ऐसे होती है स्टांप चोरी-
- जमीन को हाईवे, सड़क, लिंक रोड, चकरोड आदि से दूर बताना।
- बैनामे में बने मकान की जगह खाली प्लाट दर्शाना।
- रिहायशी क्षेत्र की कीमत वाली जमीन को कृषि भूमि में दर्शाया।
- हाईवे को लिंक और सड़क को चकरोड दर्शाकर बैनामा कराना।
- व्यावसायिक जमीनों को आवासीय दर्शाकर पार्ट में बैनामा।
3 से 5 लाख तक की स्टांप चोरी की सुनवाई करते हैं डीएम
तीन से पांच लाख तक के स्टांप चोरी के मामलों की सुनवाई खुद जिलाधिकारी करते हैं। एक से दो लाख तक के मामलों की सुनवाई एडीएम व इससे कम स्टांप चोरी के मामलो की सुनवाई आईजी व एडीआईजी स्टांप करते हैं। इसके अलावा एडीआईजी स्टांप के आदेश के विरुद्ध डीआईजी स्टांप, डीआईजी स्टांप के आदेश के विरुद्ध एडीएम व एडीएम के आदेश के विरुद्ध डीएम और डीएम के आदेश के विरुद्ध अपील मंडलायुक्त के यहां की जाती है।