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इंटर में स्नेहा बनीं जिला टॉपर, प्रदेश में 9वां स्थान

Sun, 19 Jun 2022 12:52 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 12:52 AM IST
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Sneha became district topper in Inter, 9th place in the state
स्नेहा भारद्वाज (इंटर) 92.4 सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज, बांदा - फोटो : BANDA
इंटरमीडिएट में बांदा की छात्रा स्नेहा भारद्वाज ने प्रदेश में नौवां स्थान पाया है। इसी के साथ उन्होंने जिला टॉप भी किया है। उधर, चित्रकूट जिले में पूर्व सैनिक की बेटी हर्षिता सिंह ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में दसवां और जिले में पहला स्थान पाकर जिले का नाम रोशन कर दिया। परिजन मिठाई बांटकर खुशी जता रहे हैं।
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इंटरमीडिएट में बांदा जिले की टॉपर स्नेहा भारद्वाज ने प्रदेश स्तर की मेरिट में भी अपना स्थान बनाया है। उन्हें प्रदेश में नौवां स्थान मिला है। बांदा शहर के कालूकुआं निवासी शिवकुमार शर्मा (आचार्य, शिशु मंदिर) की बेटी स्नेहा ने इंटर में 92.4 प्रतिशत (462) अंक हासिल करके जिला टॉपर बनीं हैं। मां श्यामकांता शर्मा बेटी के स्कूल सरस्वती बालिका विद्या मं
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दर स्कूल में ही अध्यापक हैं। शनिवार को दोपहर बाद परीक्षा फल आते ही घर में जश्न जैसा माहौल हो गया। माता-पिता और दो बड़ी बहनों का स्नेहा पर स्नेह टूट पड़ा। उसे मिठाई खिलाई और शाबासी दी। पड़ोसी और संबंधियों से भी बधाई का तांता लग गया।
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उधर चित्रकूट के कर्वी शहर से सटे सिद्धपुर गांव निवासी रिटायर्ड सैनिक हेमराज सिंह के एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटी हर्षिता ने हाईस्कूल की परीक्षा में पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। शनिवार को परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जैसे ही पता चला कि सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कालेज की हर्षिता ने जिला टॉप कर प्रदेश की सूची में 10वां स्थान पाया है तो परिजन खुशी से चहक उठे। खुशी में मिठाई बांटी। मोहल्ले के लोगों और रिश्तेदारों ने बधाई दी।

इंटरमीडिएट में प्रदेश में नौवां स्थान पाने वाली स्नेहा ने बताया कि वह एनडीए में जाना चाहती हैं। सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करना उनका मकसद है। उन्होंने सफलता का सफर खुद की मेहनत से पूरा किया। बताया कि कोचिंग का सहारा नहीं लिया। इंटरनेट और ऑफलाइन पढ़ाई की। उन्होंने छह से छह घंटे रोजाना तैयारी की। सफलता में माता-पिता के अलावा शिक्षकों का पूरा योगदान है। उन्होंने कहा कि यदि सच्ची लगन से तैयारी की जाए तो कोई भी मंजिल हासिल हो सकती है।
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