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Banda News: नदियां उफनाईं, डूबे रपटे, गलियों में भरा बारिश का पानी

Mon, 31 Aug 2026 12:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:16 AM IST
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Rivers swelled, causeways were submerged, and rainwater flooded the streets.
फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद
फोटो-8-केन नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद भूरागढ़ में उठती लहरें। अमर उजाला
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फोटो-9-तिंदवारी क्षेत्र के उसरा नाले का रपटा डूबने के बाद जान जोखिम में डालकर निकलते ग्रामीण। संवाद
फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद
फोटो-11-तिंदवारी क्षेत्र के भड़ोली गांव में हुआ जलभराव। संवाद
फोटो-12-बबेरू के आंबेडकर नगर में गिरा महिपाल का कच्चा मकान। संवाद
फोटो-13-बबेरू के जमुनिहा पुरवा में मकान गिरने के बाद घर के बाहर बैठा शंकर व रखा सामान। संवाद
फोटो-14-बबेरू कस्बे में सड़क पर हुआ जलभराव। संवाद
फोटो-15-बबेरू कस्बे की एक गली में घुटनों तक भरे पानी में साइकिल से गुजरता बालक। संवाद
फोटो-16-गौरीअमारा रपटे के किनारे चंद्रावल नदी में खड़ी नाव में बैठते महिलाएं और बच्चे। संवाद
फोटो-17-अतर्रा के आजाद नगर मुहल्ले में रेलवे फाटक के पास सड़क पर भरे पानी से निकलते लोग। संवाद
फोटो-18-अतर्रा में गौराबाबा मंदिर जाने वाले मार्ग पर हुआ जलभराव। संवाद


-केन का जलस्तर 24 घंटे में 2.72 मीटर बढ़ा, यमुना भी बढ़ने लगीं, कई गांवों का संपर्क प्रभावित
-बबेरू में एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिरे
अतर्रा में घरों के आंगन तक पहुंचा गंदा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जिले में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं और जलभराव ने शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केन, यमुना और चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने से कई रपटे डूब गए हैं। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
अतर्रा, बबेरू और तिंदवारी में बारिश का पानी गलियों और घरों तक पहुंच गया है। बबेरू में तेज बारिश के बाद एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिर गए, जबकि कई अन्य मकान गिरने की कगार पर हैं। केन नदी का जलस्तर रविवार शाम 98.90 मीटर पहुंच गया, जो शनिवार को 96.18 मीटर था। यानी 24 घंटे में 2.72 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। केन में चेतावनी बिंदु 103 और खतरे का निशान 104 मीटर है। मध्यप्रदेश के गंगऊ और बरियारपुर बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
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उधर, यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है। शनिवार शाम 93.60 मीटर के मुकाबले रविवार शाम यह 93.78 मीटर पहुंच गया। नदियों के बढ़ते पानी से रपटों के ऊपर तेज बहाव हो गया है। कई जगह आवागमन बंद होने से ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और रोजाना काम के लिए निकलने वालों की परेशानी बढ़ गई है।
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कई गांवों का संपर्क प्रभावित
तिंदवारी। लगातार बारिश से उसरा नाला उफान पर है। खौंडा और बंबिया में भड़ौली के पास बने रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। रपटों में लगे एंगल भी पानी में डूब गए हैं। इससे बरेठी, गुगौली, बंबिया, भड़ौली, खौंडा, जरिया और दतरौली समेत कई गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। समाजसेवी सोम शुक्ला ने बताया कि लिंक रोड पर माता फतेहपुर घोड़ा के पास से कानपुर रोड आने-जाने वालों को भी परेशानी हो रही है। वासिलपुर और सेमरी में नहर व नाले का पानी बस्तियों में पहुंचने से फसलें डूब गई हैं। ग्रामीणों के घरों में भी पानी घुस रहा है। किसानों का कहना है कि खेतों में कई दिन पानी भरा रहा तो तिल्ली, मूंग, ज्वार और अरहर की फसल सड़ सकती है। ग्रामीणों ने जलनिकासी की पुख्ता व्यवस्था की मांग की है।
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पैलानी क्षेत्र में तीन रपटे डूबे, करीब 70 हजार आबादी प्रभावित
पैलानी। केन, यमुना और चंद्रावल नदियों के बढ़ते जलस्तर से पैलानी तहसील क्षेत्र में आवागमन का संकट गहरा गया है। नांदादेव, पड़ोहरा, गौरी-अमारा और सिंधनकला के तुरी नाला समेत कई स्थानों पर रपटे पानी में डूब गए हैं। तेज बहाव के कारण दोपहिया वाहनों और पैदल निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। रपटे डूबने से दर्जनों गांवों के लोगों का तहसील और जिला मुख्यालय पहुंचना प्रभावित हुआ है। स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने रपटों पर स्थायी अथवा अस्थायी पुल की व्यवस्था कराने की मांग की है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है। जरूरत वाले स्थानों पर नावों की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों को तेज बहाव वाले स्थानों और डूबे रपटों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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पालिका के जलनिकासी के दावों की खुली पोल

अतर्रा। एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश ने नगर पालिका के जलनिकासी के दावों की पोल खोल दी है। आजाद नगर, शास्त्री नगर, अत्रीनगर, शिवपुरी, तुलसी नगर, सुभाषनगर और दामूगंज समेत कई मोहल्लों में गलियां और सड़कें जलमग्न हैं। कुछ स्थानों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। नालियों का पानी घरों में बैक होने से कई लोगों के आंगन तक गंदा पानी पहुंच गया है।
आजाद नगर निवासी अनुराग सोनी और बाबादीन वर्मा ने बताया कि तीन दिन से आंगन और दरवाजे के सामने पानी भरा है। अत्रीनगर की टीचर्स कॉलोनी में विनय मिश्रा, ब्रजमोहन सिंह और दिनेश कश्यप ने बताया कि मुख्य रास्ते पर पानी भरा होने से बच्चों और लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है।
शिवपुरी मोहल्ले के सूरज कुमार, आशुतोष और विनोद द्विवेदी ने बताया कि गौराबाबा मंदिर, इंटर कॉलेज और परिषदीय स्कूल जाने वाले रास्ते पर आदर्श बाल निकेतन के पास घुटनों तक पानी भर जाता है। पानी में सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देने से बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष संगीता निराला ने बताया कि ओवरब्रिज निर्माण के कारण सुदामपुरी वार्ड में नाला धंस गया है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई है। बारिश के चलते जलभराव हुआ है और नाला-नालियों की नियमित सफाई कराई जा रही है। (संवाद)
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बारिश में गिरे एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान
बबेरू। रविवार शाम करीब दो घंटे हुई तेज बारिश से कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव हो गया। सड़क और घरों में पानी भरने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर दो फीट से अधिक पानी भर गया। बारिश के दौरान कस्बे में एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान गिरने की सूचना है। मकान गिरने से लोगों का घरेलू सामान मलबे में दब गया और प्रभावित परिवार घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं।
अंबेडकर नगर में महिपाल पुत्र बुलुवा, रजुवा पुत्र विंदा, शिवनायक, प्रभुदयाल और दिनेश के कच्चे मकान गिर गए। जमुनिहा पुरवा में शंकर पुत्र जेठुवा का पूरा मकान ढह गया। चुन्नू पुत्र बंशी का मकान भी गिर गया। राजेश पुत्र भोला के घर में पानी भर गया है और मकान गिरने की स्थिति में है। नया तहसील परिसर, रावण मैदान, करुइहा पुरवा, जमुनिहा पुरवा रोड, नेतानगर समेत कई मोहल्लों में जलभराव है। ग्रामीण क्षेत्रों के गांवों में भी रास्तों और बस्तियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

फोटो-10-मुड़िया देव के पास उफनाया उसरा नाला, जिससे रपटा डूब गया। संवाद

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