{"_id":"5f4fde618ebc3e54d065095d","slug":"seven-teachers-of-bundelkhand-will-get-state-award-banda-news-knp5803353190","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्मी और सहयोगी को 15-15 साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्मी और सहयोगी को 15-15 साल की कैद
विज्ञापन
बांदा। अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले और उसके सहयोगी को अदालत ने 15-15 वर्ष की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष और कैद होगी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 फरवरी 2017 को अनुसूचित जाति के ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 13 वर्षीय बेटी घर से कुछ दूर दर्जी की दुकान में शाम करीब पांच बजे कपड़े की नाप देने गई थी।
वापस आते समय गांव का ही सलमान खां पुत्र उस्मान उसे उठा ले गया और पानी की टंकी के पास मुंह में उसी का दुपट्टा बांधकर दुष्कर्म किया। उसके साथ सिरताज उर्फ सुल्तान पुत्र बौरा सहित 6-7 लोग और भी थे। वह आसपास खड़े पहरेदारी करते रहे। किशोरी उन्हें पहचानती नहीं है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को 21 मई 2017 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
किशोरी के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान और डॉक्टरी परीक्षण आदि के बाद पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। हालांकि विवेचना में उनके नाम नहीं उजागर हो पाए जो अज्ञात थे। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने छह गवाह पेश किए।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाए अपने 14 पृष्ठीय फैसले में दोनों आरोपियों को पास्को एक्ट में 15-15 वर्ष कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया। मुख्य आरोपी सलमान गिरफ्तारी के बाद से जेल में ही है। सह अभियुक्त सरताज हाईकोर्ट से जमानत पर था। उसे भी जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 फरवरी 2017 को अनुसूचित जाति के ग्रामीण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 13 वर्षीय बेटी घर से कुछ दूर दर्जी की दुकान में शाम करीब पांच बजे कपड़े की नाप देने गई थी।
विज्ञापन
वापस आते समय गांव का ही सलमान खां पुत्र उस्मान उसे उठा ले गया और पानी की टंकी के पास मुंह में उसी का दुपट्टा बांधकर दुष्कर्म किया। उसके साथ सिरताज उर्फ सुल्तान पुत्र बौरा सहित 6-7 लोग और भी थे। वह आसपास खड़े पहरेदारी करते रहे। किशोरी उन्हें पहचानती नहीं है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को 21 मई 2017 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
किशोरी के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान और डॉक्टरी परीक्षण आदि के बाद पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। हालांकि विवेचना में उनके नाम नहीं उजागर हो पाए जो अज्ञात थे। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह ने छह गवाह पेश किए।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाए अपने 14 पृष्ठीय फैसले में दोनों आरोपियों को पास्को एक्ट में 15-15 वर्ष कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया। मुख्य आरोपी सलमान गिरफ्तारी के बाद से जेल में ही है। सह अभियुक्त सरताज हाईकोर्ट से जमानत पर था। उसे भी जेल भेज दिया गया।