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58 गांवों में ‘साक्षर प्रधान गांव की शान’ अभियान शुरू
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'Sakshar Pradhan Gaon ki Pride' campaign started in 58 villages
- फोटो : BANDA
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बांदा। साक्षर प्रधान गांव की शान और सोच हमारी-विकास आपका। इस विजन और नारे के साथ जनपद के 58 निरक्षर महिला-पुरुषों को साक्षर बनाने के मिशन का बुधवार को आगाज हो गया। जनपद स्तरीय 58 अफसरों ने गांवों में जाकर प्रधानों को ककहरा का सबक दिया। इस योजना को लागू करने वाले डीएम अनुराग पटेल ने खुद भी अपने आवंटित गांव में निरक्षर महिला प्रधान को शिक्षा दी।
पिछले माह मेडिकल कालेज के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यशाला में 53 पुरुष और पांच महिला निरक्षर प्रधानों को साक्षर बनाने की रणनीति तैयार हुई थी। इसे मिशन शक्ति अभियान-3 के तहत लागू किया गया है। डीएम ने हरेक निरक्षर प्रधान के लिए एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी की ड्यूटी लगाई है। यह अगले 60 दिनों में प्रधान को साक्षर बनाएंगे। पहली दिसंबर से शुरुआत हुई।
डीएम अनुराग पटेल ने सिंघौटी गांव में महिला प्रधान माया देवी को प्राइमरी स्कूल में एक ब्लैक बोर्ड पर ककहरा लिखकर पढ़ाया। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य ने मोहन पुरवा गांव में प्रधान आशा, एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने पौंडरा की प्रधान बिंदी देवी, एडीएम (नमामि गंगे) ने काजीपुर की प्रधान सियादुलारी, डिप्टी कलेक्टर लाल सिंह यादव ने माधवपुर की प्रधान नथुनिया, विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी ने पन्नाह की प्रधान फलिया देवी, समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने कल्हरा प्रधान रानी देवी, बचत अधिकारी राकेश जैन ने गजनी प्रधान शिवमुनी को साक्षर बनाने की शुरुआत की।
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डीएम ने निरक्षर प्रधानों को किट भी दी है। कहा है कि निरक्षर होने का गलत लाभ लोग उठा सकते हैं, इसलिए साक्षर बनें। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनपद में मॉडल बनेगा। सभी 58 अधिकारियों ने एक-एक ग्राम प्रधान को गोद लिया है। यह महीने में कम से कम दो बार उनके गांव के स्कूल जाकर पढ़ाएंगे। दो माह में इन्हें लिखने-पढ़ने और हस्ताक्षर करना सिखाएंगे।
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पिछले माह मेडिकल कालेज के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यशाला में 53 पुरुष और पांच महिला निरक्षर प्रधानों को साक्षर बनाने की रणनीति तैयार हुई थी। इसे मिशन शक्ति अभियान-3 के तहत लागू किया गया है। डीएम ने हरेक निरक्षर प्रधान के लिए एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी की ड्यूटी लगाई है। यह अगले 60 दिनों में प्रधान को साक्षर बनाएंगे। पहली दिसंबर से शुरुआत हुई।
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डीएम अनुराग पटेल ने सिंघौटी गांव में महिला प्रधान माया देवी को प्राइमरी स्कूल में एक ब्लैक बोर्ड पर ककहरा लिखकर पढ़ाया। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्य ने मोहन पुरवा गांव में प्रधान आशा, एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने पौंडरा की प्रधान बिंदी देवी, एडीएम (नमामि गंगे) ने काजीपुर की प्रधान सियादुलारी, डिप्टी कलेक्टर लाल सिंह यादव ने माधवपुर की प्रधान नथुनिया, विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी ने पन्नाह की प्रधान फलिया देवी, समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने कल्हरा प्रधान रानी देवी, बचत अधिकारी राकेश जैन ने गजनी प्रधान शिवमुनी को साक्षर बनाने की शुरुआत की।
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डीएम ने निरक्षर प्रधानों को किट भी दी है। कहा है कि निरक्षर होने का गलत लाभ लोग उठा सकते हैं, इसलिए साक्षर बनें। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनपद में मॉडल बनेगा। सभी 58 अधिकारियों ने एक-एक ग्राम प्रधान को गोद लिया है। यह महीने में कम से कम दो बार उनके गांव के स्कूल जाकर पढ़ाएंगे। दो माह में इन्हें लिखने-पढ़ने और हस्ताक्षर करना सिखाएंगे।