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रमजान को आज अलविदा कहेंगे रोजदार
बांदा
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:52 PM IST
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बांदा की नवाबी जामा मस्जिद।
- फोटो : अमर उजाला
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रमजान माह के चौथे और आखिरी जुमा पर शुक्रवार (23 जून) को रोजदार इस मुबारक महीने को विदाई देंगे। जुमा अलविदा की नमाज अदा करेंगे। अन्य जुमा के मुकाबले आखिरी जुमा में नमाजियों की जुटने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर मस्जिदों में खास इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और पुलिस ने भी सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था की है।
27वें रोजे को रमजान माह का आखिरी जुमा है। इसे अलविदा के नाम पर जाना जाता है। जुमे की नमाज में इमाम द्वारा पढ़ा जाने वाला खुत्बा (संबोधन) में भी रमजान की विदाई का जिक्र होता है। ‘अलविदा-अलविदा या शहरुल रमजान’ सुनकर रोजदारों की आंखों में आंसू छलक पड़ते हैं।
दुआओं और गलतियों की माफी के साथ रमजान को अलविदा कहा जाता है। मुख्य नमाज शहर की ऐतिहासिक नवाबी जामा मस्जिद में होगी। हजारों की क्षमता वाली लंबी-चौड़ी मस्जिद खुत्बे में छोटी पड़ जाती है। लिहाजा मस्जिद प्रबंधन की ओर से बाहर सड़क तक पंडाल लगाए गए हैं। मुतवल्ली शेख सादी जमा के मुताबिक मौसम के मद्देनजर नमाजियों को हर संभव सहूलियत देने की कोशिश की जा रही है।
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जामा मस्जिद समेत इन मस्जिदों में भी होगी नमाजः शहर की लगभग एक दर्जन अन्य मस्जिदों में भी जुमा अलविदा की नमाज अदा की जाएगी। इसमें नवाबी जामा मस्जिद, शेख सरवर साहब की मस्जिद (कालवनगंज), मर्कज की मस्जिद, बोड़ा मस्जिद (कोतवाली रोड), रब्बानियां मस्जिद (हाथीखाना), ऊंट मोहाल मस्जिद (मर्दननाका), नूरानी मस्जिद (कुंजरहटी), कचहरी की मस्जिद (अशोक लाट), अमानिया मस्जिद (कच्चा तालाब), पीरा मस्जिद (अलीगंज), जिन्नातों की मस्जिद (खाईपार), गौसिया मस्जिद (हैजाखाना), सुतली वाली मस्जिद (कोतवाली के पास), बलखंडीनाका मस्जिद (कटरा रोड), छावनी मस्जिद (सब्जी मंडी रोड), बेगम की मस्जिद (छावनी), सरायं की मस्जिद (चौक), गूलरनाका मस्जिद (मयूर टाकीज रोड), डिग्गी चौराहा मस्जिद (पेट्रोल पंप के सामने) समेत अन्य कई मस्जिदों में भी जुमा अलविदा की नमाज होगी। इनके अलावा शहर की इकलौती जीजीआईसी के सामने स्थित शिया मुस्लिम मस्जिद में भी नमाज होगी। शहर के अलावा बबेरू, अतर्रा, नरैनी, बदौसा, तिंदवारी, छनेहरा, हदरौली, कोर्रही, सादीमदनपुर, करतल, कालिंजर आदि कस्बों और गांवों में भी जुमा की नमाज होगी।
सभी मस्जिदों में सुरक्षा व्यवस्थाः बांदा। अलविदा की नमाज के मद्देनजर नवाबी जामा मस्जिद में सिटी मजिस्ट्रेट रमेश कुमार दुबे और सीओ सिटी डॉ. राकेश कुमार मिश्रा सहित शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, दो उप निरीक्षक और छह सिपाही तैनात रहेंगे। यूपी-100 भी निगरानी रखेगी।
नमाज के समय जामा मस्जिद के सामने से वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन वीडियोग्राफी भी कराएगा। इसी तरह शेख सरवर साहब की मस्जिद में दो बजे होने वाली नमाज के पहले से ही मस्जिद के सामने कालवनगंज रोड पर यातायात बंद कर दिया जाएगा। मुचियाना होकर लोग निकलेंगे। नमाज वाली सभी मस्जिदों में पुलिस और ट्रैफिक कांस्टेबिल तैनात रहेेंगे।
मस्जिदों में अलविदा की नमाजों का समयः बांदा। अलविदा की नमाज का समय भी वही रहेगा जो साप्ताहिक जुमा की नमाज का होता है। नवाबी जामा मस्जिद में अपने निर्धारित समय एक बजे नमाज होगी। इनके अलावा मर्कज मस्जिद, हाथीखाना मस्जिद, कचहरी मस्जिद, नूरानी मस्जिद, अमानिया मस्जिद आदि में भी दोपहर एक बजे नमाज अदा की जाएगी। शेख सरवर की मस्जिद और जिन्नातों की मस्जिद में दो बजे, बोड़ा मस्जिद, डिग्गी चौराहा मस्जिद, पीरा मस्जिद में दोपहर डेढ़ बजे नमाज होंगी।
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27वें रोजे को रमजान माह का आखिरी जुमा है। इसे अलविदा के नाम पर जाना जाता है। जुमे की नमाज में इमाम द्वारा पढ़ा जाने वाला खुत्बा (संबोधन) में भी रमजान की विदाई का जिक्र होता है। ‘अलविदा-अलविदा या शहरुल रमजान’ सुनकर रोजदारों की आंखों में आंसू छलक पड़ते हैं।
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दुआओं और गलतियों की माफी के साथ रमजान को अलविदा कहा जाता है। मुख्य नमाज शहर की ऐतिहासिक नवाबी जामा मस्जिद में होगी। हजारों की क्षमता वाली लंबी-चौड़ी मस्जिद खुत्बे में छोटी पड़ जाती है। लिहाजा मस्जिद प्रबंधन की ओर से बाहर सड़क तक पंडाल लगाए गए हैं। मुतवल्ली शेख सादी जमा के मुताबिक मौसम के मद्देनजर नमाजियों को हर संभव सहूलियत देने की कोशिश की जा रही है।
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जामा मस्जिद समेत इन मस्जिदों में भी होगी नमाजः शहर की लगभग एक दर्जन अन्य मस्जिदों में भी जुमा अलविदा की नमाज अदा की जाएगी। इसमें नवाबी जामा मस्जिद, शेख सरवर साहब की मस्जिद (कालवनगंज), मर्कज की मस्जिद, बोड़ा मस्जिद (कोतवाली रोड), रब्बानियां मस्जिद (हाथीखाना), ऊंट मोहाल मस्जिद (मर्दननाका), नूरानी मस्जिद (कुंजरहटी), कचहरी की मस्जिद (अशोक लाट), अमानिया मस्जिद (कच्चा तालाब), पीरा मस्जिद (अलीगंज), जिन्नातों की मस्जिद (खाईपार), गौसिया मस्जिद (हैजाखाना), सुतली वाली मस्जिद (कोतवाली के पास), बलखंडीनाका मस्जिद (कटरा रोड), छावनी मस्जिद (सब्जी मंडी रोड), बेगम की मस्जिद (छावनी), सरायं की मस्जिद (चौक), गूलरनाका मस्जिद (मयूर टाकीज रोड), डिग्गी चौराहा मस्जिद (पेट्रोल पंप के सामने) समेत अन्य कई मस्जिदों में भी जुमा अलविदा की नमाज होगी। इनके अलावा शहर की इकलौती जीजीआईसी के सामने स्थित शिया मुस्लिम मस्जिद में भी नमाज होगी। शहर के अलावा बबेरू, अतर्रा, नरैनी, बदौसा, तिंदवारी, छनेहरा, हदरौली, कोर्रही, सादीमदनपुर, करतल, कालिंजर आदि कस्बों और गांवों में भी जुमा की नमाज होगी।
सभी मस्जिदों में सुरक्षा व्यवस्थाः बांदा। अलविदा की नमाज के मद्देनजर नवाबी जामा मस्जिद में सिटी मजिस्ट्रेट रमेश कुमार दुबे और सीओ सिटी डॉ. राकेश कुमार मिश्रा सहित शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, दो उप निरीक्षक और छह सिपाही तैनात रहेंगे। यूपी-100 भी निगरानी रखेगी।
नमाज के समय जामा मस्जिद के सामने से वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन वीडियोग्राफी भी कराएगा। इसी तरह शेख सरवर साहब की मस्जिद में दो बजे होने वाली नमाज के पहले से ही मस्जिद के सामने कालवनगंज रोड पर यातायात बंद कर दिया जाएगा। मुचियाना होकर लोग निकलेंगे। नमाज वाली सभी मस्जिदों में पुलिस और ट्रैफिक कांस्टेबिल तैनात रहेेंगे।
मस्जिदों में अलविदा की नमाजों का समयः बांदा। अलविदा की नमाज का समय भी वही रहेगा जो साप्ताहिक जुमा की नमाज का होता है। नवाबी जामा मस्जिद में अपने निर्धारित समय एक बजे नमाज होगी। इनके अलावा मर्कज मस्जिद, हाथीखाना मस्जिद, कचहरी मस्जिद, नूरानी मस्जिद, अमानिया मस्जिद आदि में भी दोपहर एक बजे नमाज अदा की जाएगी। शेख सरवर की मस्जिद और जिन्नातों की मस्जिद में दो बजे, बोड़ा मस्जिद, डिग्गी चौराहा मस्जिद, पीरा मस्जिद में दोपहर डेढ़ बजे नमाज होंगी।