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हाईवे पर 50 किमी लंबा जाम, 20 घंटे ठप रहा ट्रैफिक
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- फोटो : BANDA
बेंदा घाट/तिंदवारी (बांदा)। संयुक्त टीम द्वारा ओवरलोड बालू ट्रकों की चेकिंग और धरपकड़ अभियान में बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर भीषण जाम लग गया। दोनों ओर 50 किमी तक लगे जाम में फंसे वाहनों एंबुलेंस और यात्री बसें शामिल रहीं। पुलिस की तमाम मशक्कत के बावजूद दूसरे दिन रविवार को भी पूरा दिन यातायात बहाल नहीं हो सका।
बीती शनिवार की रात करीब 11 बजे संयुक्त चेकिंग दल ने तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदाघाट में पुलिस चौकी के सामने बैरिकेडिंग लगाकर बालू ट्रकों की चेकिंग शुरू कर दी। विभिन्न खदानों से आए सैकड़ों ट्रक हाईवे पर खड़े हो गए। चेकिंग तड़के तक चली। जाम में फंसे वाहनों का काफिला बढ़ता गया। बांदा की तरफ बेंदा से महोखर तक और फतेहपुर की ओर बहुआ तक वाहनों का काफिला खड़ा हो गया। लगभग 50 किलोमीटर दूरी तक वाहन फंसे खड़े रहे।
तिंदवारी पुलिस और फतेहपुर पुलिस जाम खत्म कराने में मशक्कत करती रही। रविवार को शाम तक स्थिति सुधर सकी। पुलिस ने वाहनों को निकालना शुरू किया। देर शाम तक वाहनों की रवानगी का सिलसिला जारी रहा। तिंदवारी थाना इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि टीम द्वारा सीज किए गए 52 ट्रकों को बेंदा चौकी के पास खड़ा करा दिया गया है। यातायात बहाल हो गया है।
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इंसेट---
चेकिंग ने मरीजों की जान जोखिम में डाली
बेंदाघाट/तिंदवारी (बांदा)। चेकिंग की कार्रवाई से लगे जाम में कई मरीजों की जान जोखिम में डाल दी। उनकी एंबुलेंस नहीं जा सकी। बेंदा गांव की माधुरी देवी दर्द से छटपटा रही अपनी बेटी शिवानी को मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहती थी, लेकिन जाम के चलते एंबुलेंस नहीं निकल सकी। बांदा शहर के स्वराज कालोनी के महिपत सिंह अपनी नातिन का इलाज कराने रोडवेज बस से प्रयागराज जा रहे थे। तड़के 5 बजे से उनकी बस जाम में फंसकर रह गई। फतेहपुर के रामदास आंख का इलाज कराने चित्रकूट जा रहे थे। वह भी सुबह से जाम में फंस गए। उधर, कई पुलिसकर्मी जाम में फंसे यात्रियों के छोटे वाहनों के चालकों को यह कहकर परेशान करती रहे कि वह बालू के ट्रकों की लोकेशन देने निकले हैं। दूसरी तरफ बालू भरे ट्रक ढाबों के आसपास या सड़क से हटकर ठिकानों पर खड़े रहे।
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बीती शनिवार की रात करीब 11 बजे संयुक्त चेकिंग दल ने तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदाघाट में पुलिस चौकी के सामने बैरिकेडिंग लगाकर बालू ट्रकों की चेकिंग शुरू कर दी। विभिन्न खदानों से आए सैकड़ों ट्रक हाईवे पर खड़े हो गए। चेकिंग तड़के तक चली। जाम में फंसे वाहनों का काफिला बढ़ता गया। बांदा की तरफ बेंदा से महोखर तक और फतेहपुर की ओर बहुआ तक वाहनों का काफिला खड़ा हो गया। लगभग 50 किलोमीटर दूरी तक वाहन फंसे खड़े रहे।
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तिंदवारी पुलिस और फतेहपुर पुलिस जाम खत्म कराने में मशक्कत करती रही। रविवार को शाम तक स्थिति सुधर सकी। पुलिस ने वाहनों को निकालना शुरू किया। देर शाम तक वाहनों की रवानगी का सिलसिला जारी रहा। तिंदवारी थाना इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन ने बताया कि टीम द्वारा सीज किए गए 52 ट्रकों को बेंदा चौकी के पास खड़ा करा दिया गया है। यातायात बहाल हो गया है।
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चेकिंग ने मरीजों की जान जोखिम में डाली
बेंदाघाट/तिंदवारी (बांदा)। चेकिंग की कार्रवाई से लगे जाम में कई मरीजों की जान जोखिम में डाल दी। उनकी एंबुलेंस नहीं जा सकी। बेंदा गांव की माधुरी देवी दर्द से छटपटा रही अपनी बेटी शिवानी को मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहती थी, लेकिन जाम के चलते एंबुलेंस नहीं निकल सकी। बांदा शहर के स्वराज कालोनी के महिपत सिंह अपनी नातिन का इलाज कराने रोडवेज बस से प्रयागराज जा रहे थे। तड़के 5 बजे से उनकी बस जाम में फंसकर रह गई। फतेहपुर के रामदास आंख का इलाज कराने चित्रकूट जा रहे थे। वह भी सुबह से जाम में फंस गए। उधर, कई पुलिसकर्मी जाम में फंसे यात्रियों के छोटे वाहनों के चालकों को यह कहकर परेशान करती रहे कि वह बालू के ट्रकों की लोकेशन देने निकले हैं। दूसरी तरफ बालू भरे ट्रक ढाबों के आसपास या सड़क से हटकर ठिकानों पर खड़े रहे।