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Banda News: नालियों सी दिखने लगीं नदियां
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बांदा। अप्रैल में ही नदियों का जलस्तर कम हो गया है। नदियों की जलधारा नालियों सी दिखने लगी है। सतह के पत्थर पानी से ऊपर आ गए हैं। मई, जून में पड़ने वाली भीषण गर्मी में हालात और भी अधिक खराब हो सकते हैं। जल संस्थान के मंडल के शहरी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति करने में पसीने छूट रहे हैं।
चित्रकूटधाम मंडल जल संस्थान बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा जनपदों के लगभग दो दर्जन नगरीय क्षेत्रों में नदी, तालाब व अन्य स्रोतों से पाइप लाइनों के जरिए जलापूर्ति करता है। चारों जनपदों के नगरीय क्षेत्रों में अब जनसंख्या बढ़कर सात लाख 93 हजार 802 के करीब है। इस भारी भरकम आबादी को 135 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के मानक से जलापूर्ति कर पाने में जल संस्थान के पसीने छूट रहे हैं। तमाम मशक्कतों के बाद भी यह मानक पूरा नहीं हो पा रहा है।
वजह है कि नदियों का जलस्तर अप्रैल माह में ही कम होने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले दो माह में केन नदी के जलस्तर में तीन मीटर व मंदाकिनी में एक मीटर की गिरावट आई है। मार्च में केन नदी का जल स्तर 13 मीटर था जो घटकर 10 मीटर रह गया है।
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चित्रकूट की मंदाकिनी नदी का जल स्तर 15 मीटर था जो घटकर 13 मीटर रह गया है। जल संस्थान के मुताबिक नदियों की जलधारा पतली हो जाने से नालियों के जरिए इंटकवेल तक पानी पहुंचाया जा रहा है।
मंडल के चारों जिलों के नगरीय क्षेत्रों में 172.02 एमएलडी (17करोड़ 20 लाख 30 हजार लीटर प्रतिदिन) पानी की मांग है, लेकिन तमाम जद्दोजहद के बाद जल संस्थान 149.57 एमएलडी (14 करोड़ 95 लाख 70 हजार लीटर प्रतिदिन) दे पा रहा है। यानि मंडल में दो करोड़ 24 लाख 60 हजार लीटर पानी की रोजाना कमी हो रही है।
इनसेट-
शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति (एमएलडी में)
जनपद जनसंख्या मांग आपूर्ति कमी
बांदा 2,94,553 36.68 31.06 5.62
महोबा 1,84,661 83.10 72.31 10.79
चित्रकूट 1,11,306 36.31 24.88 11.43
हमीरपुर 2,03,282 15.94 21.32
योग 7,93,802 172.03 149.57 22.46
पाठा में सिर्फ 31 फीसदी पानी हो पा रहा उपलब्ध
चित्रकूट जनपद में एशिया की सबसे बड़ी पाठा पेयजल योजना के बाद भी पानी का संकट गहराने लगा है। जनपद में 36.31 एमएलडी (तीन करोड़ 63 लाख 10 हजार लीटर प्रतिदिन) पानी की मांग है। लेकिन आपूर्ति सिर्फ 24.88 एमएलडी (दाे करोड़ 48 लाख 80 हजार लीटर प्रतिदिन) है। कर्वी, सीतापुर, सिमर्धा और मानिकपुर पेयजल योजनाओं में 24.53 एमएलडी पानी की दरकार है। लेकिन आपूर्ति 16.65 एमएलडी हो रही है। इसी तरह मऊ, बरगढ़, राजापुर, सूरसेन, पहाड़ी आदि योजनाओं से 12 एमएलडी पानी की मांग है। लेकिन 8 एमएलडी मिल रहा है।
नदियों का पानी नाली के जरिए इंटकवेल तक ले जाने के लिए नाली बनाने की जरूरत मई, जून में होती थी। लेकिन इस बार अप्रैल में ही यह स्थिति उत्पन्न हो गई है। दोनों नदियों में बांध बनाया जाना बेहद जरूरी हो गया है। पानी का स्टोर होगा।
पुरुषोत्तम कुमार, महाप्रबंधक, जल संस्थान चित्रकूटधाम मंडल बांदा।
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चित्रकूटधाम मंडल जल संस्थान बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा जनपदों के लगभग दो दर्जन नगरीय क्षेत्रों में नदी, तालाब व अन्य स्रोतों से पाइप लाइनों के जरिए जलापूर्ति करता है। चारों जनपदों के नगरीय क्षेत्रों में अब जनसंख्या बढ़कर सात लाख 93 हजार 802 के करीब है। इस भारी भरकम आबादी को 135 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के मानक से जलापूर्ति कर पाने में जल संस्थान के पसीने छूट रहे हैं। तमाम मशक्कतों के बाद भी यह मानक पूरा नहीं हो पा रहा है।
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वजह है कि नदियों का जलस्तर अप्रैल माह में ही कम होने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले दो माह में केन नदी के जलस्तर में तीन मीटर व मंदाकिनी में एक मीटर की गिरावट आई है। मार्च में केन नदी का जल स्तर 13 मीटर था जो घटकर 10 मीटर रह गया है।
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चित्रकूट की मंदाकिनी नदी का जल स्तर 15 मीटर था जो घटकर 13 मीटर रह गया है। जल संस्थान के मुताबिक नदियों की जलधारा पतली हो जाने से नालियों के जरिए इंटकवेल तक पानी पहुंचाया जा रहा है।
मंडल के चारों जिलों के नगरीय क्षेत्रों में 172.02 एमएलडी (17करोड़ 20 लाख 30 हजार लीटर प्रतिदिन) पानी की मांग है, लेकिन तमाम जद्दोजहद के बाद जल संस्थान 149.57 एमएलडी (14 करोड़ 95 लाख 70 हजार लीटर प्रतिदिन) दे पा रहा है। यानि मंडल में दो करोड़ 24 लाख 60 हजार लीटर पानी की रोजाना कमी हो रही है।
इनसेट-
शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति (एमएलडी में)
जनपद जनसंख्या मांग आपूर्ति कमी
बांदा 2,94,553 36.68 31.06 5.62
महोबा 1,84,661 83.10 72.31 10.79
चित्रकूट 1,11,306 36.31 24.88 11.43
हमीरपुर 2,03,282 15.94 21.32
योग 7,93,802 172.03 149.57 22.46
पाठा में सिर्फ 31 फीसदी पानी हो पा रहा उपलब्ध
चित्रकूट जनपद में एशिया की सबसे बड़ी पाठा पेयजल योजना के बाद भी पानी का संकट गहराने लगा है। जनपद में 36.31 एमएलडी (तीन करोड़ 63 लाख 10 हजार लीटर प्रतिदिन) पानी की मांग है। लेकिन आपूर्ति सिर्फ 24.88 एमएलडी (दाे करोड़ 48 लाख 80 हजार लीटर प्रतिदिन) है। कर्वी, सीतापुर, सिमर्धा और मानिकपुर पेयजल योजनाओं में 24.53 एमएलडी पानी की दरकार है। लेकिन आपूर्ति 16.65 एमएलडी हो रही है। इसी तरह मऊ, बरगढ़, राजापुर, सूरसेन, पहाड़ी आदि योजनाओं से 12 एमएलडी पानी की मांग है। लेकिन 8 एमएलडी मिल रहा है।
नदियों का पानी नाली के जरिए इंटकवेल तक ले जाने के लिए नाली बनाने की जरूरत मई, जून में होती थी। लेकिन इस बार अप्रैल में ही यह स्थिति उत्पन्न हो गई है। दोनों नदियों में बांध बनाया जाना बेहद जरूरी हो गया है। पानी का स्टोर होगा।
पुरुषोत्तम कुमार, महाप्रबंधक, जल संस्थान चित्रकूटधाम मंडल बांदा।