{"_id":"ef42b1e6cbfa44a26448c3c0eec2ecbe","slug":"retired-lecturer-committed-suicide-by-hanging-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व प्रवक्ता ने फांसी लगाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व प्रवक्ता ने फांसी लगाकर जान दी
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 21 Apr 2015 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रों को सोशल साइंस का ज्ञान देने वाले रिटायर्ड टीचर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भरा पूरा परिवार होने के बावजूद मौत को गले लगा लेने का कारण बहुत स्पष्ट नहीं हो पाया। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
शहर के बन्योटा मोहल्ला निवासी सच्चिदानंद गुप्त (65) पुत्र लल्लूराम ने मंगलवार को सुबह घर के किचन में गमछा से फांसी लगा ली। घरेलू कामकाज में व्यस्त पत्नी मंजू गुप्ता किचन में आईं तो शव झूलते देखा। चीख सुनकर पड़ोसी आ गए। पड़ोसियों ने नजदीक स्थित कालवनगंज पुलिस चौकी में सूचना दी।
विज्ञापन
लगभग डेढ़ घंटे बाद आए चौकी प्रभारी ने पड़ोसियों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतरवाया। पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पत्नी ने बताया कि वह कुछ सालों से डिप्रेशन में थे। जरा सी बात पर तनाव पर आ जाते थे। कानपुर में इलाज भी कराया था। बताया कि मंगलवार को सुबह घर का पानी भरने के बाद अखबार पढ़ा। इस बीच वह (पत्नी मंजू) गैलरी की सफाई में व्यस्त हो गई तभी फांसी लगा दी।
विज्ञापन
सच्चिदानंद यहां डीएवी इंटर कालेज में सोशल साइंस के प्रवक्ता के पद से वर्ष 2010 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका एक बेटा आलोक गुप्ता मेरठ में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। दूसरा बेटा अन्नू कानपुर में आईआईटी कर रहा है। घर में सिर्फ पति-पत्नी ही थे।