{"_id":"609042348ebc3e477a475ad8","slug":"result-ghosit-hote-hi-jhume-vijeta-banda-news-knp626604512","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिणाम घोषित होते ही झूमे विजेता, मंदिरों में टेका माथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिणाम घोषित होते ही झूमे विजेता, मंदिरों में टेका माथा
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बांदा। मतगणना के दूसरे दिन सोमवार को देर शाम तक पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित हो गए। लगातार दो दिन चली मतगणना में ग्राम प्रधान के 469 में 465 प्रधान निर्वाचित हो गए। शेष चार ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के प्रत्याशियों की मृत्यु हो जाने पर 9 मई को मतदान होगा। उधर, 750 क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) में 33 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। 717 निर्वाचित घोषित किए गए। इसी तरह 30 जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) निर्वाचित हो गए। ग्राम पंचायत सदस्य के 6153 में 4092 निर्विरोध चुने गए। 414 ग्राम पंचायत वार्डों में एक भी नामांकन न होने से फिलहाल पद खाली हैं।
सभी पदों में वोटों की गिनती पूरी हो जाने पर सोमवार की देर रात मतगणना खत्म हो गई। प्रधान, बीडीसी, डीडीसी के नतीजे घोषित हो गए। मतगणना स्थलों के बाहर देर रात तक समर्थक डेरा डाले रहे। पेड़ों की छांव में तिरपाल बिछाकर रतजगा किया। जीत-हार के कयास लगाते रहे। प्रत्याशियों ने उनके खाने-पीने की व्यवस्था की थी। उधर, सोमवार को दोपहर कमोवेश सभी ब्लाकों से फाइनल नतीजे घोषित किए जा रहे थे। हालांकि बड़ोखर ब्लाक में डीडीसी, प्रधान के नतीजे देर रात घोषित हुए। जीत हासिल करने वाले प्रत्याशियों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की। फिर गांवों को कूच कर गए।
पुलिस ने समर्थकों को बैरिकेडिंग पर रोका
बांदा। मतगणना के दूसरे दिन भी स्थल से 200 मीटर की दूरी पर बैरीकेडिंग कर समर्थकों को रोका गया था। हालांकि समर्थक की भीड़ पुलिस को छकाती रही। जत्थों में इधर-उधर बैठे रहे। नतीजे घोषित होने पर जीते प्रत्याशियों के समर्थक जोशीले नारे गुंजाते रहे। हारे प्रत्याशियों के खेमे में मायूसी छाई रही और चुपचाप मतगणना स्थलों से खिसकते रहे। कोरोना गाइड लाइन के चलते कोई भी प्रत्याशी व समर्थक विजय जुलूस नहीं निकाल पाया।
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कार्मिकों और एजेंटों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग
बांदा। शहर के राजादेवी डिग्री कालेज स्थित मतगणना स्थल पर दूसरे दिन भी कर्मियों और एजेंटों की पल्स आक्सीमीटर व थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल टीम ने दो जगह काउंटर लगाकर मतगणना में शामिल होने वाले कार्मिकों और एजेंटों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया। हालांकि यहां एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला। मेडिकल टीम मतगणना की समाप्ति तक डटी रही।
मतगणना स्थलों से खदेड़े गए समर्थक
बांदा। मतगणना स्थल (कालेज) पुलिस छावनी में तब्दील रहे। प्रत्याशी व समर्थक जुलूस न निकाल सके इसके लिए पुलिस लगातार घूमती रही। लाउडस्पीकर से जश्न न मनाने और जुलूस न निकालने के लिए आगाह करती रही। मतगणना स्थल या आसपास समर्थकों की भीड़ जुटने पर पुलिस उन्हें लाठियां पटककर खदेड़ती रही। मतगणना स्थल पर मिठाई और फूलमाला बेचने वालों को भी पुलिस ने दूर खदेड़ दिया।
सुस्त मतगणना पर डीएम खफा
बांदा। दूसरे दिन भी डीएम आनंद कुमार सिंह और एसपी डॉ. एसएस मीणा ने मतगणना केंद्रों का जायजा लिया। राजादेवी डिग्री कालेज में डीएम ने सुस्त रफ्तार से चल रही मतगणना पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि देर शाम तक वोटों की गिनती पूरी कर ली जाए। डीडीसी के आरओ को हिदायत दी कि शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएं।
डीडीसी सदस्यों को डीएम ने सौंपे प्रमाणपत्र
बांदा। जिला पंचायत के नव निर्वाचित सदस्यों को जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने जिला पंचायत सभागार में प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र के विकास में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। चेतावनी दी कि कोई भी विजयी सदस्य जुलूस नहीं निकालेगा। न ही समर्थकों की भीड़ के बीच कोई जश्न मनाया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा, अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह, अपर मुख्य अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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सभी पदों में वोटों की गिनती पूरी हो जाने पर सोमवार की देर रात मतगणना खत्म हो गई। प्रधान, बीडीसी, डीडीसी के नतीजे घोषित हो गए। मतगणना स्थलों के बाहर देर रात तक समर्थक डेरा डाले रहे। पेड़ों की छांव में तिरपाल बिछाकर रतजगा किया। जीत-हार के कयास लगाते रहे। प्रत्याशियों ने उनके खाने-पीने की व्यवस्था की थी। उधर, सोमवार को दोपहर कमोवेश सभी ब्लाकों से फाइनल नतीजे घोषित किए जा रहे थे। हालांकि बड़ोखर ब्लाक में डीडीसी, प्रधान के नतीजे देर रात घोषित हुए। जीत हासिल करने वाले प्रत्याशियों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की। फिर गांवों को कूच कर गए।
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पुलिस ने समर्थकों को बैरिकेडिंग पर रोका
बांदा। मतगणना के दूसरे दिन भी स्थल से 200 मीटर की दूरी पर बैरीकेडिंग कर समर्थकों को रोका गया था। हालांकि समर्थक की भीड़ पुलिस को छकाती रही। जत्थों में इधर-उधर बैठे रहे। नतीजे घोषित होने पर जीते प्रत्याशियों के समर्थक जोशीले नारे गुंजाते रहे। हारे प्रत्याशियों के खेमे में मायूसी छाई रही और चुपचाप मतगणना स्थलों से खिसकते रहे। कोरोना गाइड लाइन के चलते कोई भी प्रत्याशी व समर्थक विजय जुलूस नहीं निकाल पाया।
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कार्मिकों और एजेंटों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग
बांदा। शहर के राजादेवी डिग्री कालेज स्थित मतगणना स्थल पर दूसरे दिन भी कर्मियों और एजेंटों की पल्स आक्सीमीटर व थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल टीम ने दो जगह काउंटर लगाकर मतगणना में शामिल होने वाले कार्मिकों और एजेंटों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया। हालांकि यहां एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला। मेडिकल टीम मतगणना की समाप्ति तक डटी रही।
मतगणना स्थलों से खदेड़े गए समर्थक
बांदा। मतगणना स्थल (कालेज) पुलिस छावनी में तब्दील रहे। प्रत्याशी व समर्थक जुलूस न निकाल सके इसके लिए पुलिस लगातार घूमती रही। लाउडस्पीकर से जश्न न मनाने और जुलूस न निकालने के लिए आगाह करती रही। मतगणना स्थल या आसपास समर्थकों की भीड़ जुटने पर पुलिस उन्हें लाठियां पटककर खदेड़ती रही। मतगणना स्थल पर मिठाई और फूलमाला बेचने वालों को भी पुलिस ने दूर खदेड़ दिया।
सुस्त मतगणना पर डीएम खफा
बांदा। दूसरे दिन भी डीएम आनंद कुमार सिंह और एसपी डॉ. एसएस मीणा ने मतगणना केंद्रों का जायजा लिया। राजादेवी डिग्री कालेज में डीएम ने सुस्त रफ्तार से चल रही मतगणना पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि देर शाम तक वोटों की गिनती पूरी कर ली जाए। डीडीसी के आरओ को हिदायत दी कि शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएं।
डीडीसी सदस्यों को डीएम ने सौंपे प्रमाणपत्र
बांदा। जिला पंचायत के नव निर्वाचित सदस्यों को जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने जिला पंचायत सभागार में प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र के विकास में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। चेतावनी दी कि कोई भी विजयी सदस्य जुलूस नहीं निकालेगा। न ही समर्थकों की भीड़ के बीच कोई जश्न मनाया जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा, अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह, अपर मुख्य अधिकारी आदि मौजूद रहे।