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मुख्तार का वारंट दोबारा जारी किए जाने की फरियाद
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बांदा। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के कोर्ट में पेश न होने पर मऊ स्थित गैंगस्टर कोर्ट द्वारा जारी कर दिए गए वारंट को मुख्तार के अधिवक्ता ने रिकाल किए जाने की अदालत से गुजारिश की है। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मऊ की अदालत में सुनवाई हुई। यहां जेल में बंद मुख्तार अंसारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपनी हाजिरी दर्ज कराई।
मुख्तार के अधिवक्ता दरोगा सिंह ने अदालत से कहा कि मुख्तार जेल में है। उन्हें कोर्ट में पेश करने का जिम्मा जेल प्रशासन का है। जेल प्रशासन द्वारा मुख्तार को भेजने की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में अदालत द्वारा जारी किया गया वारंट पर पुनर्विचार/रिकाल किया जाए।
अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष फिर दोहराया कि मुख्तार को बांदा जेल में अपनी जान का खतरा है। उधर, जेल अधीक्षक वीरेंद्र कुमार ने अदालत में दी अपनी सफाई में कहा कि सुरक्षा बल चुनाव में व्यस्त है। मुख्तार को कोर्ट में पेश करने के लिए सुरक्षा कर्मी नहीं मिल पा रहे हैं।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने वारंट रिकाल किए जाने की अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया और अगली सुनवाई के लिए 2 मार्च निर्धारित की है। उधर, रविवार को अधिवक्ता दरोगा सिंह बांदा आए और जेल में अपने मुवक्किल मुख्तार से मिले। सूत्रों के मुताबिक मुख्तार से वकालतनामा में हस्ताक्षर कराए।
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मुख्तार के अधिवक्ता दरोगा सिंह ने अदालत से कहा कि मुख्तार जेल में है। उन्हें कोर्ट में पेश करने का जिम्मा जेल प्रशासन का है। जेल प्रशासन द्वारा मुख्तार को भेजने की व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में अदालत द्वारा जारी किया गया वारंट पर पुनर्विचार/रिकाल किया जाए।
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अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष फिर दोहराया कि मुख्तार को बांदा जेल में अपनी जान का खतरा है। उधर, जेल अधीक्षक वीरेंद्र कुमार ने अदालत में दी अपनी सफाई में कहा कि सुरक्षा बल चुनाव में व्यस्त है। मुख्तार को कोर्ट में पेश करने के लिए सुरक्षा कर्मी नहीं मिल पा रहे हैं।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने वारंट रिकाल किए जाने की अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया और अगली सुनवाई के लिए 2 मार्च निर्धारित की है। उधर, रविवार को अधिवक्ता दरोगा सिंह बांदा आए और जेल में अपने मुवक्किल मुख्तार से मिले। सूत्रों के मुताबिक मुख्तार से वकालतनामा में हस्ताक्षर कराए।