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Banda News: 67 लाख रुपये के घपले में वसूली शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। सोशल आडिट के दौरान विकास कार्यों में मिलीं खामियों को दूर करने सहित दुरुपयोग की गई राशि की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके लिए सचिव और प्रधानों को नोटिस दिया है।
लापरवाही बरतने वाले पांच सचिवों को जनवरी माह का मानदेय रोकने की चेतावनी दी है। सोशल आॅडिट टीम ने वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए विकास कार्यों में सवा करोड़ रुपये से अधिक का घपला पकड़ा था। सबसे अधिक 63 लाख रुपये से अधिक का घपला बांदा जनपद में मिला था। इससे पहले भी लाखों रुपये की अनियमितताएं पकड़ी गईं थीं।
इस पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा था। फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इस खबर को अमर उजाला ने चार दिसंबर के अंक में प्राथमिकता से प्रकाशित किया। आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल ने इसे प्राथमिकता से लेते हुए अधिकारियों को आदेश दिए कि सोशल आडिट में पाई खामियों को दुरुस्त कराया जाए। लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायतों से दुरुपयोग की गई धनराशि की भू-राजस्व की तरह वसूली कराई जाए।
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खंड विकास अधिकारी महुआ ने ग्राम पंचायत सचिव शशि प्रकाश सिंह, केदारनाथ कुशवाहा, विचित्रवीर सिंह, शेफाली मिश्रा, शैलेंद्र कुमार सोनी व तकनीकी सहायकों सहित ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए कि 2017 से 2024 तक सोशल आडिट के दौरान मिलीं खामियों को दुरुस्त कराया जाए। लापरवाही बरतने पर जनवरी माह का वेतन रोकने के साथ दुरुपयोग की गई राशि की वसूली की जाएगी।
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बांदा। सोशल आडिट के दौरान विकास कार्यों में मिलीं खामियों को दूर करने सहित दुरुपयोग की गई राशि की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके लिए सचिव और प्रधानों को नोटिस दिया है।
लापरवाही बरतने वाले पांच सचिवों को जनवरी माह का मानदेय रोकने की चेतावनी दी है। सोशल आॅडिट टीम ने वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए विकास कार्यों में सवा करोड़ रुपये से अधिक का घपला पकड़ा था। सबसे अधिक 63 लाख रुपये से अधिक का घपला बांदा जनपद में मिला था। इससे पहले भी लाखों रुपये की अनियमितताएं पकड़ी गईं थीं।
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इस पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा था। फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इस खबर को अमर उजाला ने चार दिसंबर के अंक में प्राथमिकता से प्रकाशित किया। आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल ने इसे प्राथमिकता से लेते हुए अधिकारियों को आदेश दिए कि सोशल आडिट में पाई खामियों को दुरुस्त कराया जाए। लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायतों से दुरुपयोग की गई धनराशि की भू-राजस्व की तरह वसूली कराई जाए।
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खंड विकास अधिकारी महुआ ने ग्राम पंचायत सचिव शशि प्रकाश सिंह, केदारनाथ कुशवाहा, विचित्रवीर सिंह, शेफाली मिश्रा, शैलेंद्र कुमार सोनी व तकनीकी सहायकों सहित ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए कि 2017 से 2024 तक सोशल आडिट के दौरान मिलीं खामियों को दुरुस्त कराया जाए। लापरवाही बरतने पर जनवरी माह का वेतन रोकने के साथ दुरुपयोग की गई राशि की वसूली की जाएगी।