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दलहन क्रय केंद्रों पर चार से पांच किलो की कटौती
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मंडी समिति खरीद केंद्र में किसानों द्वारा खरीदा गया चना।
- फोटो : BANDA
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बांदा। पीसीएफ के दलहन खरीद केंद्रों पर किसानों की उपज में चार से पांच किलो प्रति क्विंटल कटौती की जा रही है। इससे किसानों में रोष है। आपत्ति करने पर उनकी उपज में मिट्टी और नमी बताकर खरीद से इनकार किया जा रहा है।
पीसीएफ 25 अप्रैल से मंडी समिति, बांदा और नरैनी में एक-एक दलहन खरीद केंद्र चला रहा है। अब तक यहां करीब 1600 क्विंटल चना, मसूर व सरसों की खरीद की गई है। जनपद मुख्यालय के मंडी समिति में चना बेचने आए अतरहट के किसान जीतेंद्र सिंह का आरोप है कि मिट्टी व नमी बताकर प्रति क्विंटल चार से पांच किलो की कटौती की जा रही है। मवई के किसान रामसनेही ने बताया कि केंद्र में प्रति क्विंटल डेढ़ से दो किलो पल्लेदारी और कूड़ा-करकट के नाम पर दो से तीन किलो काटा जाता है।
विरोध करने पर खरीद नहीं की जाती। पचनेही के किसान भूस्सन ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी आढ़तियों से मिले हुए हैं। केंद्रों से वापस किए गए किसानों की उपज प्राइवेट आढ़ती औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं। सरकारी केंद्र में चना 4875 रुपये, मसूर 4800 रुपये व सरसों का समर्थन मूल्य 4400 रुपये प्रति क्विंटल है।
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खरीद केंद्रों में कोराना वायरस से बचाव के उपाय भी नहीं किए जा रहे हैं। जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय का कहना है कि उपज में गंदगी पर दो से तीन फीसदी की छूट दी जा रही है। जांच कर केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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पीसीएफ 25 अप्रैल से मंडी समिति, बांदा और नरैनी में एक-एक दलहन खरीद केंद्र चला रहा है। अब तक यहां करीब 1600 क्विंटल चना, मसूर व सरसों की खरीद की गई है। जनपद मुख्यालय के मंडी समिति में चना बेचने आए अतरहट के किसान जीतेंद्र सिंह का आरोप है कि मिट्टी व नमी बताकर प्रति क्विंटल चार से पांच किलो की कटौती की जा रही है। मवई के किसान रामसनेही ने बताया कि केंद्र में प्रति क्विंटल डेढ़ से दो किलो पल्लेदारी और कूड़ा-करकट के नाम पर दो से तीन किलो काटा जाता है।
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विरोध करने पर खरीद नहीं की जाती। पचनेही के किसान भूस्सन ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी आढ़तियों से मिले हुए हैं। केंद्रों से वापस किए गए किसानों की उपज प्राइवेट आढ़ती औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं। सरकारी केंद्र में चना 4875 रुपये, मसूर 4800 रुपये व सरसों का समर्थन मूल्य 4400 रुपये प्रति क्विंटल है।
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खरीद केंद्रों में कोराना वायरस से बचाव के उपाय भी नहीं किए जा रहे हैं। जिला विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय का कहना है कि उपज में गंदगी पर दो से तीन फीसदी की छूट दी जा रही है। जांच कर केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।