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Banda News: बॉयो गैस को बढ़ावे से मिलेगी बुंदेलखंड को अन्ना मवेशियों से निजात
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बांदा। केंद्र सरकार के आम बजट में बायोगैस को बढ़ावा देने पर जोर देने से बुंदेलखंड में अन्ना मवेशियों से निजात मिलने के आसार बढ़े हैं। योजना पर बेहतर तरीके से अमल हुआ तो निश्चित तौर पर बुंदेली किसानों को राहत मिलेगी और गोशालाओं की आय बढ़ेगी। यह केंद्र की गोबर धन योजना से संभव होगा।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर में 1195 स्थायी और अस्थायी गोशालाएं हैं। इनमें 1,73,774 पशु संरक्षित हैं। इतना ही नहीं 19,127 मवेशी किसानों ने पालने के उद्देश्य से सुपुर्दगी में ले रखे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मवेशी अभी भी सड़कों और गांवों में छुट्टा घूम रहे हैं। गोशालाओं में संरक्षित मवेशियों पर सरकार खासा बजट खर्च कर रही है। फिर भी अन्ना मवेशियों पर लगाम नहीं लग पा रही।
चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अंकित जैन और विजय गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के आम बजट में बायोगैस को बढ़ावा देने से अब छुट्टा मवेशियों से निजात की उम्मीद बढ़ी है। बायोगैस प्लांट लगने से मवेशियों के गोबर से गैस तैयार होगी। यह सस्ती कीमत पर लोगों को उपलब्ध हो सकेगी। केंद्र सरकार के बजट में इसे शामिल करने को बुद्धिजीवी बुंदेली किसानों के लिए बेहतर मान रहे हैं। हालांकि पहले चरण में रगौली भटपुरा में बायोगैस प्लांट लग रहा है। अब और गोशालाएं चयनित हो सकती हैं।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर में 1195 स्थायी और अस्थायी गोशालाएं हैं। इनमें 1,73,774 पशु संरक्षित हैं। इतना ही नहीं 19,127 मवेशी किसानों ने पालने के उद्देश्य से सुपुर्दगी में ले रखे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मवेशी अभी भी सड़कों और गांवों में छुट्टा घूम रहे हैं। गोशालाओं में संरक्षित मवेशियों पर सरकार खासा बजट खर्च कर रही है। फिर भी अन्ना मवेशियों पर लगाम नहीं लग पा रही।
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चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अंकित जैन और विजय गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के आम बजट में बायोगैस को बढ़ावा देने से अब छुट्टा मवेशियों से निजात की उम्मीद बढ़ी है। बायोगैस प्लांट लगने से मवेशियों के गोबर से गैस तैयार होगी। यह सस्ती कीमत पर लोगों को उपलब्ध हो सकेगी। केंद्र सरकार के बजट में इसे शामिल करने को बुद्धिजीवी बुंदेली किसानों के लिए बेहतर मान रहे हैं। हालांकि पहले चरण में रगौली भटपुरा में बायोगैस प्लांट लग रहा है। अब और गोशालाएं चयनित हो सकती हैं।
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