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घायल को अस्पताल लाने वाले को गवाह नहीं बनाएगी पुलिस
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आनलाइन प्रशिक्षण में उपस्थित रोडवेज अधिकारी व चालक।
- फोटो : BANDA
बांदा। प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) गंगाफल ने कहा है कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को पुलिस बिना उसकी अनुमति के गवाह नहीं बनाएगी। न ही उसे अनावश्यक थाना/कोतवाली बुलाया जाएगा। रोडवेज चालकों से कहा कि बसों में यात्रियों को इस बात से आगाह कराते रहें कि महिला यात्री के आने पर उनकी आरक्षित सीट को पुरुष यात्री को छोड़ना होगा।
गुरुवार को आरटीओ कार्यालय में आयोजित ऑनलाइन वेबिनार प्रशिक्षण में ये बातें अपर परिवहन आयुक्त ने कहीं। उन्होंने रोडवेज और निजी वाहन चालकों से कहा कि यात्रियों से सम्मानपूर्वक पेश आएं। कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण चालक के थकान, ओवर स्पीड, नशा, गलत पार्किंग, ओवर टेकिंग, मोबाइल का प्रयोग बताया। इससे बचने की सलाह दी।
चालकों के सवालों व आशंकाओं का समाधान किया। वाहनों में महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर लिखने को कहा। अभियान के समापन पर रक्त शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
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बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब किसी घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को पुलिस बिना उसकी अनुमति के गवाह नहीं बनाएगी। न ही उसे थाना, कोतवाली बुलाकर परेशान किया जाएगा। इस अवसर पर एआरटीओ राजेश वर्मा, रोडवेज के एसएम केपी सिंह, एआरटीओ परमानंद आदि मौजूद रहे।
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गुरुवार को आरटीओ कार्यालय में आयोजित ऑनलाइन वेबिनार प्रशिक्षण में ये बातें अपर परिवहन आयुक्त ने कहीं। उन्होंने रोडवेज और निजी वाहन चालकों से कहा कि यात्रियों से सम्मानपूर्वक पेश आएं। कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण चालक के थकान, ओवर स्पीड, नशा, गलत पार्किंग, ओवर टेकिंग, मोबाइल का प्रयोग बताया। इससे बचने की सलाह दी।
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चालकों के सवालों व आशंकाओं का समाधान किया। वाहनों में महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर लिखने को कहा। अभियान के समापन पर रक्त शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
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बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अब किसी घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को पुलिस बिना उसकी अनुमति के गवाह नहीं बनाएगी। न ही उसे थाना, कोतवाली बुलाकर परेशान किया जाएगा। इस अवसर पर एआरटीओ राजेश वर्मा, रोडवेज के एसएम केपी सिंह, एआरटीओ परमानंद आदि मौजूद रहे।