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पीएलए खाते में जाएंगे कब्रिस्तानों के 60 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 19 Mar 2015 11:43 PM IST
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अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की हीलाहवाली और कार्यदाई संस्था के रुचि न लेने से कब्रिस्तानों की बाउंड्री व अन्य निर्माण का कार्य इस वित्तीय वर्ष में भी नहीं हो पाएगा।
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पिछले वर्ष भी करीब सवा करोड़ रुपया वैयक्तिक लेखा खाता (पीएलए) में चला गया था। वित्तीय वर्ष खत्म होने में सिर्फ 12 दिन बचे हैं, लेकिन कब्रिस्तानों के लिए शासन से छह माह पूर्व आया 60 लाख रुपया अभी तक संस्था के खाते में नहीं पहुंचा। पैसा हैंडओवर न होने के लिए विभाग व संस्था एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
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शासन ने शहर व गांवों के कब्रिस्तानों को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर उनमें बाउंड्रीवाल, टीन शेड और पेयजल व्यवस्था के लिए वर्ष 2012-13 में योजना शुरू की थी। जिले में 40 कब्रिस्तानों का इसके लिए चयन किया गया था। इनमें हर साल 10 कब्रिस्तानों का जीर्णोद्धार किया जाना था। वर्ष 2012-13 में शासन ने करीब सवा करोड़ रुपये बजट जारी किया।
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जल निगम की कांट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सी एंड डीएस) यूनिट-15 को यह काम सौंपा गया। संस्था ने 80.21 लाख रुपये में महोखर, जमनीपुरवा, पैलानी, जरर, बगेहटा, पतवन, छिबांव और जमालपुर आदि गांवों में आठ कब्रिस्तान बनाकर प्रधानों को हैंडओवर कर दिए। अब इनके रख-रखाव की जिम्मेदारी प्रधानों की है।
ऐसे ही वर्ष 2013-14 में 10 कब्रिस्तानों के लिए शासन से एक करोड़ 19 लाख 88 हजार रुपये बजट आया, पर विभागीय लापरवाही से यह खर्च नहीं हो पाया। वित्तीय वर्ष के समापन पर सारा पैसा पीएलए खाता में डाल दिया गया।
वर्ष 2014-15 में फिर 10 कब्रिस्तानों के लिए अक्टूबर माह में 59.99 लाख रुपये अल्पसंख्यक विभाग को मिले। अभी तक यह धनराशि विभाग के खाते में ही पड़ी है। संस्था को हैंडओवर नहीं की गई।
सूत्रों का यह भी कहना है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने में सिर्फ 12 दिन का समय बचा है। अब ऐसे में हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी हो पाना लगभग नामुमकिन है। इसी वजह से में इस बार भी कब्रिस्तानों का 60 लाख रुपया पीएलए खाते में चला जाएगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, आरडी यादव के मुताबिक, जिलाधिकारी ने कुछ दिन पूर्व समिति की बैठक में कार्यदाई संस्था सी एंड डीएस से कब्रिस्तानों के फोटोग्राफ्स जमा करने को कहा था, लेकिन अभी तक यह जमा नहीं की गई। तभी पैसा हैंडओवर नहीं हो सका। ऐसे में कब्रिस्तानों का पैसा फिर पीएलए खाते में जा सकता है।
वहीं सी एंड डीएस के जिला प्रबंधक पीएन कटियार ने कहा कि विभाग से पैसा मिलते ही कब्रिस्तानों का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। संस्था ने तकरीबन सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। लेकिन अभी तक बजट नहीं दिया गया। इसलिए हम इंतजार के अलावा और क्या कर सकते हैं ?