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Banda News: वंदे भारत पर पत्थर फेंकने वाले को संरक्षण में लिया
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बांदा। बांदा रेलवे क्षेत्र में 29 सितंबर को वंदे भारत एक्सप्रेस (26505) पर खुरहंड के पास पथराव करने के मामले में आरपीएफ ने 12 वर्षीय बाल अपचारी को संरक्षण में लिया है। आरपीएफ के अनुसार पूछताछ में उसने ट्रेन पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की है। उसके बयानों के आधार पर मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।
आरपीएफ के अनुसार 29 सितंबर को गाड़ी संख्या 26505 वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच सी-4 की सीट संख्या 23 और 24 के पास कांच की खिड़की में पत्थर लगा था। इससे कांच टूट गया था। ट्रेन खजुराहो से बनारस जा रही थी। मामले में आरपीएफ पोस्ट बांदा पर रेलवे अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच के दौरान बृहस्पतिवार को पता चला कि उक्त घटना गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 12 वर्षीय बाल अपचारी ने की थी। आरपीएफ के अनुसार उसने बताया कि 29 सितंबर को उसने वंदे भारत पर पत्थर फेंका था और मौके से भाग गया था। पुलिस ने बाल अपचारी को संरक्षण में लेकर उसे किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया। बोर्ड ने बॉन्ड भरवाने के बाद बाल अपचारी को रिहा कर दिया। आरपीएफ पोस्ट बांदा की निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने बताया कि ट्रेनों पर पथराव रोकने के लिए रेलवे क्षेत्र के गांवों और स्कूलों में समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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आरपीएफ के अनुसार 29 सितंबर को गाड़ी संख्या 26505 वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच सी-4 की सीट संख्या 23 और 24 के पास कांच की खिड़की में पत्थर लगा था। इससे कांच टूट गया था। ट्रेन खजुराहो से बनारस जा रही थी। मामले में आरपीएफ पोस्ट बांदा पर रेलवे अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच के दौरान बृहस्पतिवार को पता चला कि उक्त घटना गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 12 वर्षीय बाल अपचारी ने की थी। आरपीएफ के अनुसार उसने बताया कि 29 सितंबर को उसने वंदे भारत पर पत्थर फेंका था और मौके से भाग गया था। पुलिस ने बाल अपचारी को संरक्षण में लेकर उसे किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया। बोर्ड ने बॉन्ड भरवाने के बाद बाल अपचारी को रिहा कर दिया। आरपीएफ पोस्ट बांदा की निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने बताया कि ट्रेनों पर पथराव रोकने के लिए रेलवे क्षेत्र के गांवों और स्कूलों में समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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