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Banda News: मियाद पूरी...सड़कों से खत्म नहीं हो रही अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी गई मियाद पूरी होने के बाद भी बड़ी संख्या में अन्ना पशु सड़कों पर विचरण कर रहे हैं। कुछ गोशालाओं में लक्ष्य से ज्यादा मवेशी बंद हैं। उनके चारा-भूसा और पानी समेत अन्य सुविधाओं के लिए जिम्मेदारों को खासी मशक्कत करना पड़ रही है। ग्राम पंचायतों में गोशाला संचालन में बजट आड़े आने की बात कही जाती है। मंडल के कई गोशालाओं से पशुओं को यह कहकर छुट्टा कर दिया गया कि चारा-भूसा का इंतजाम न होने से मवेशी भूख से जूझेंगे। आलम यह है कि गांव तो दूर शहर की सड़कों पर भी अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी खत्म नहीं हुई। अब देखना है कि नोडल अधिकारी सीएम के आदेश पर कितना अमल करा पाते हैं?
बांदा। बुंदेलखंड की गोशालाओं में शत-प्रतिशत अन्ना पशुओं के संरक्षण और उनकी देखभाल की हकीकत जानने के लिए शासन ने नोडल अधिकारी नामित किए हैं। दो दिवसीय अभियान के तहत नोडल अधिकारी गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर चार बिंदुओं पर जांच करेंगे। रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
नोडल अधिकारियों ने जनपदों में डेरा डाल लिया है। बुधवार को महोबा में नोडल अधिकारी ने गोशाला का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 मार्च को निर्देश दिए थे कि 31 मार्च तक लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित कर उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाए। लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं कर सके। सीएम ने इसकी मियाद चार दिन और बढ़ा दी थी। इसके बाद भी अफसर शत प्रतिशत मवेशी गोशालाओं में संरक्षित नहीं कर सके। शासन के संज्ञान में आया है कि कई जनपदों ने गोशालाओं में शत प्रतिशत पशुओं का संरक्षण किए बिना ही रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन ने अन्ना गोवंश संरक्षण की सच्चाई जानने के लिए जनपदों में नोडल अधिकारी नामित किए हैं।
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नोडल अधिकारी सात अप्रैल तक चारों जनपदों की गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर चार बिंदुओं पर गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे। गोवंश की वास्तविक संख्या एवं सुपुर्दगी में दिए गए मवेशियों की संख्या का अभिलेखों से मिलान, पानी, चारा सहित चिकित्सीय सुविधाएं, पर्याप्त बजट की व्यवस्था व गोवंश संरक्षण के संबंध में कोई भुगतान लंबित होने की स्थिति, शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर घूम रहे अन्ना पशुओं का कारण आदि की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
इनसेट-
सकते में आया पशुपालन विभाग
शासन को गोशालाओं में शत प्रतिशत गोवंशों के संरक्षण की रिपोर्ट भेजने वाले पशुपालन विभाग के अधिकारी सकते में आ गए है। बुधवार को पशुपालन विभाग के अधिकारी सारा दिन गोशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त कराने में जुटे रहे। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने प्रधानों से अनुरोध करते रहे कि उनके लिए दो दिन को अन्ना पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित कर ले। बजट नहीं तो उधार लेकर गोशालाओं में चारा भूसा व पानी की व्यवस्था करवा दें।
इनसेट-
बुंदेलखंड के नोडल अधिकारी
झांसी में आशुतोष्र कुमार द्विवेदी विशेष सचिव नियोजन विभाग, ललितपुर में अजय कुमार विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त, जालौन में आनंद कुमार विशेष सचिव संस्कृति विभाग, बांदा में अरविंद कुमार चौरसिया विशेष सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, चित्रकूट में राजेंद्र सिंह विशेष सचिव कृषि उत्पाद आयुक्त, महोबा में धीरेंद्र सिंह सचान विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण नोडल अधिकारी नामित किए गए है। महोबा में नोडल ने गोशाला भी देखी।
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बांदा। बुंदेलखंड की गोशालाओं में शत-प्रतिशत अन्ना पशुओं के संरक्षण और उनकी देखभाल की हकीकत जानने के लिए शासन ने नोडल अधिकारी नामित किए हैं। दो दिवसीय अभियान के तहत नोडल अधिकारी गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर चार बिंदुओं पर जांच करेंगे। रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
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नोडल अधिकारियों ने जनपदों में डेरा डाल लिया है। बुधवार को महोबा में नोडल अधिकारी ने गोशाला का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 मार्च को निर्देश दिए थे कि 31 मार्च तक लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित कर उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाए। लेकिन अधिकारी ऐसा नहीं कर सके। सीएम ने इसकी मियाद चार दिन और बढ़ा दी थी। इसके बाद भी अफसर शत प्रतिशत मवेशी गोशालाओं में संरक्षित नहीं कर सके। शासन के संज्ञान में आया है कि कई जनपदों ने गोशालाओं में शत प्रतिशत पशुओं का संरक्षण किए बिना ही रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन ने अन्ना गोवंश संरक्षण की सच्चाई जानने के लिए जनपदों में नोडल अधिकारी नामित किए हैं।
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नोडल अधिकारी सात अप्रैल तक चारों जनपदों की गोशालाओं का स्थलीय निरीक्षण कर चार बिंदुओं पर गोशालाओं का निरीक्षण करेंगे। गोवंश की वास्तविक संख्या एवं सुपुर्दगी में दिए गए मवेशियों की संख्या का अभिलेखों से मिलान, पानी, चारा सहित चिकित्सीय सुविधाएं, पर्याप्त बजट की व्यवस्था व गोवंश संरक्षण के संबंध में कोई भुगतान लंबित होने की स्थिति, शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर घूम रहे अन्ना पशुओं का कारण आदि की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
इनसेट-
सकते में आया पशुपालन विभाग
शासन को गोशालाओं में शत प्रतिशत गोवंशों के संरक्षण की रिपोर्ट भेजने वाले पशुपालन विभाग के अधिकारी सकते में आ गए है। बुधवार को पशुपालन विभाग के अधिकारी सारा दिन गोशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त कराने में जुटे रहे। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने प्रधानों से अनुरोध करते रहे कि उनके लिए दो दिन को अन्ना पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित कर ले। बजट नहीं तो उधार लेकर गोशालाओं में चारा भूसा व पानी की व्यवस्था करवा दें।
इनसेट-
बुंदेलखंड के नोडल अधिकारी
झांसी में आशुतोष्र कुमार द्विवेदी विशेष सचिव नियोजन विभाग, ललितपुर में अजय कुमार विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त, जालौन में आनंद कुमार विशेष सचिव संस्कृति विभाग, बांदा में अरविंद कुमार चौरसिया विशेष सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, चित्रकूट में राजेंद्र सिंह विशेष सचिव कृषि उत्पाद आयुक्त, महोबा में धीरेंद्र सिंह सचान विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण नोडल अधिकारी नामित किए गए है। महोबा में नोडल ने गोशाला भी देखी।