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स्ट्रेचर न मिलने पर चादर में लपेटकर लाए मरीज
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
Updated Mon, 23 Oct 2017 11:11 PM IST
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ट्रामा सेंटर में स्ट्रेचर न मिलने पर यूं चादर में लपेटकर लाया गया मरीज को।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर दे रहे हों, पर यहां जिला अस्पताल में इसका कोई असर नहीं है। सोमवार को संवेदनहीनता की हद हो गई। पैर के घाव से चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग को स्ट्रेचर न मिलने पर चादर में गुदड़ी की तरह लपेटकर वार्ड लाया गया। डाक्टरों की अनदेखी से देर शाम तक इमरजेंसी में तड़पता रहा।
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चित्रकूटधाम मंडल में सीएम योगी दौरे पर हैं लेकिन जिला अस्पताल के चिकित्सक व अफसरों को इसकी भी परवाह नहीं है। बिसंडा थाने के कोर्रही गांव निवासी 68 वर्षीय बुजुर्ग अख्तर खान पुत्र मंजूर खान को परिजन सोमवार को दोपहर जिला अस्पताल लेकर आए। दो माह पहले गिरने से उसके पैर में चोट लगी और अब वह बड़ा घाव बन गया है लेकिन परिजन जिला अस्पताल के गेट पर टेंपो में सवार बुजुर्ग पिता के लिए स्ट्रेचर मांगने गए तो चिकित्सक व कर्मियों ने नजरंदाज कर दिया गया। उसे चादर की पोटली में लपेट कर परिजन इमरजेंसी तक ले गए। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से परिजनों ने इलाज के लिए अनुनय विनय की। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने पिता को एक झलक देखा तो, पर इलाज नहीं किया। देर शाम तक वृद्ध इमरजेंसी कक्ष में पड़े तड़पता रहा। पुत्र शराफत अली ने बताया कि घाव के साथ पिता के मुंह में बड़े छाले भी हैं। 15 दिन से खाना न खाने से उसकी हालत गंभीर है। लेकिन चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा। उधर, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.किशोरीलाल ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। वह खुद जाकर मामले को देखेंगे। ऐसा हुआ तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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