फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Patient missing from hospital, relatives created ruckus

अस्पताल से मरीज लापता, परिजनों ने किया हंगामा

Sat, 31 Jul 2021 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
Patient missing from hospital, relatives created ruckus
Patient missing from hospital, relatives created ruckus - फोटो : BANDA
बांदा। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज के लापता हो जाने पर शनिवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। एसपी आवास के सामने जाम लगा दिया। चेतावनी दी कि मरीज के न मिलने पर डीएम का घेराव किया जाएगा। पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत किया। कुछ देर बाद मरीज को ढूंढकर परिजनों के सुपुर्द कर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
विज्ञापन

कोतवाली देहात क्षेत्र के पचनेही गांव निवासी दीपक वर्मा को 108 एंबुलेंस कर्मियों ने 28 जुलाई की रात घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। ट्रामा सेंटर इमर्जेंसी वार्ड में भर्ती था। अगले दिन सुबह मरीज लापता हो गया। बेड नंबर छह के पास दीपक के कपड़े और जूते मिले। खोजबीन के बावजूद वह नहीं मिला। अनहोनी की आशंका जताते हुए परिजनों ने शनिवार को जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सीएमएस का घेराव कर दीपक को ढूंढकर लाने को कहा। यहां के बाद परिजन एसपी आवास पहुंचे और सड़क पर जाम लगा दिया। दीपक को ढूंढने की मांग की। कुछ ही देर में सिविल लाइन चौकी पुलिस और कोतवाली के उप निरीक्षक आशीष पटेरिया पहुंच गए। उन्हें समझाकर शांत किया।
विज्ञापन

चचेरे भाई लक्ष्मीकांत वर्मा ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को संबोधित दी तहरीर में कहा कि दीपक अपनी बहन से मिलने पपरेंदा गांव गया था। बाइक से वापस घर आते समय डिवाइडर से टकराकर घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना पर अस्पताल पहुंचे तो दीपक अपने बेड से नदारद था। सिर्फ कपड़े मिले। पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। विरोध प्रदर्शन के लगभग आधे घंटे बाद पुलिस ने दीपक को विकास भवन रोड से बेहोशी हालत में बरामद किया। उसे परिजनों को सुपुर्द कर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस शराब के नशे में होना बता रही है। उधर, सीएमएस डा. यूबी सिंह का कहना था कि मरीज ठीक होने के बाद बिना छुट्टी कराए चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

तड़पती रही प्रसव पीड़िता, नहीं पहुंची एंबुलेंस
अतर्रा। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को एंबुलेंस सुविधा नहीं मिली। बाद में उसे प्राइवेट बस से बांदा ले गए। अतर्रा चुंगी के पास 102 एंबुलेंस आई और फिर उसे महिला जिला अस्पताल पहुंचाया। थाना क्षेत्र के तुर्रा गांव निवासी सविता शुक्रवार की देर रात प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। पति सुनील ने 102 एंबुलेंस को कई बार फोन लगाया, लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। प्रसव पीड़ा अधिक होने पर परिजन प्राइवेट बस से उसे बांदा ले गए। पति के मुताबिक, प्रसव पीड़ा अधिक होने पर उसने दोबारा एंबुलेंस को फोन किया। फिर 102 एंबुलेंस बांदा के अतर्रा चुंगी चौकी के पास मिली। एंबुलेंस से युवती को जिला महिला अस्पताल ला रहे थे कि रास्ते में शिशु को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस की लापरवाही की शिकायत सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से की जाएगी। प्रसूता की मां विद्या ने आरोप लगाया कि रास्ते में प्रसव होने के बाद भी कोई डाक्टर ने हाथ नहीं लगाया। देर तक अस्पताल गेट में बेटी लेटी और दर्द से तड़पती रही। कई बार अस्पताल स्टाफ से डाक्टर को बुलाने का अनुरोध किया गया, लेकिन किसी ने नहीं सुना। लगभग एक घंटे बाद डाक्टर आए और इलाज शुरू हो सका। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed