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सरकारी मशीनरी और मौसम से सहमे धान किसान
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बांदा। सरकारी खरीद केंद्रों में किसानों को धान बेचने में हो रही दुश्वारियों का अंत नहीं हो रहा। प्रशासन और मौसम दोनों ही उन्हें डरा रहे हैं। मंडल मुख्यालय में कई-कई दिनों से धान बेचने के लिए डेरा डाले किसान मौसम में बदलाव से सहमे हुए हैं। पिछले पांच दिनों से उनका धान नहीं खरीदा गया। तमाम किसान आढ़तियों को औने-पौने दाम पर धान बेच आए।
मुख्यालय स्थित मंडी समिति परिसर में विपणन शाखा के 2 व एफसीआई का एक केंद्र खुला है। पहली नवंबर से अब तक विपणन शाखा केंद्रों में सिर्फ 13 किसानों से 669.20 क्विंटल धान खरीदा गया है। ट्रैक्टर ट्रालियों पर धान लिए इंतजार कर रहे किसान योगेंद्र पटेल, जितेंद्र सिंह (फतपुरवा) ने बताया कि पांच दिन से खरीद केंद्र पर डेरा डाले हैं। शुक्रवार को उनका नंबर था, लेकिन छुट्टी के कारण खरीद नहीं हो सकी।
मंडी में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि शासन ने इसकी व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। किसान ट्राली पर ही खुले आसमान तले सर्दभरी रात बिता रहे हैं। उधर, केंद्र प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि धान खरीद जारी है। शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश से खरीद नहीं हुई।
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मुख्यालय स्थित मंडी समिति परिसर में विपणन शाखा के 2 व एफसीआई का एक केंद्र खुला है। पहली नवंबर से अब तक विपणन शाखा केंद्रों में सिर्फ 13 किसानों से 669.20 क्विंटल धान खरीदा गया है। ट्रैक्टर ट्रालियों पर धान लिए इंतजार कर रहे किसान योगेंद्र पटेल, जितेंद्र सिंह (फतपुरवा) ने बताया कि पांच दिन से खरीद केंद्र पर डेरा डाले हैं। शुक्रवार को उनका नंबर था, लेकिन छुट्टी के कारण खरीद नहीं हो सकी।
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मंडी में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि शासन ने इसकी व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। किसान ट्राली पर ही खुले आसमान तले सर्दभरी रात बिता रहे हैं। उधर, केंद्र प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि धान खरीद जारी है। शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश से खरीद नहीं हुई।
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