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‘हमारे तो होश ही उड़ गए थे कि यह है क्या?’
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नरैनी। ‘हमारे तो होश ही उड़ गए थे कि यह है क्या? बार्डर पर सड़क से 100 फीट के अंदर गायों को छोड़ा और दफनाया गया है।’ यह कहना है कि ब्रजपुर (पन्ना) थाने के उपनिरीक्षक बखत सिंह का। बुधवार को यहां के एक मीडियाकर्मी से फोन पर हुई बात में उपनिरीक्षक ने बताया कि हमारी जांच हो गई है। कुछ शेष है। जैसा हमारे वरिष्ठ अधिकारी निर्देश देंगे, वैसा करेंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि प्रोटोकाल के तहत अपने अधिकारियों के माध्यम से नरैनी प्रशासन को भेजेंगे।
उपनिरीक्षक ने बताया कि 4 दिसंबर की रात यह सब हुआ। 11 ट्रकों में ढाई-तीन सौ गायें लाई गई थीं। ये ट्रक हमारे क्षेत्र के धरमपुर थाना क्षेत्र में रुकने का प्रयास किया तो वहां के थाना प्रभारी ने मना कर दिया। इसके बाद हमारे थाना बार्डर पर अन्ना गायों को ट्रकों से उतारा गया। उन्होंने बताया कि हमारी जांच में चश्मदीद ढाबा वालों ने बताया कि नरैनी के कुछ अधिकारी भी थे।
ढाबे वालों ने कहा है कि ट्रक चालक उनके ढाबे पर रुककर खाना खाते हैं। ढाबा वालों ने भरोसा दिलाया है कि ट्रक चालकों का नाम-पता करके बताएंगे। यह भी बताया कि ड्राइवरों ने अपने ट्रक ढाबा में ही धोए।
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उपनिरीक्षक के मुताबिक ढाबा वालों से बताया कि दबाव वश उनके ट्रकों में गायें लादी गईं। उप निरीक्षक ने कहा कि हमारे थाना क्षेत्र के बृहस्पति कुंड में कुछ गायें घूम रही हैं। वहां एक गाय बीमार देखकर पुजारी बाबा ने उपचार किया। पानी भी दिया। उधर, नरैनी नगर पंचायत गोशाला के एक कर्मी ने अपना नाम छिपाते हुए बताया कि गोशाला से दो-ढाई सौ गायें लादी गईं। इन्हें कहां ले जाया गया? ये पता नहीं है। अभी गोशाला में 40-45 गायें और हैं।
पहाड़ी खेरा चौकी प्रभारी और ब्रजपुर थाना उपनिरीक्षक के इन ठोस बयानों ने नरैनी एसडीएम आदि के उन दावों को बेदम कर दिया है, जिसमें कहा गया कि गायों को नरैनी क्षेत्र के ही चार गांवों की गोशालाओं में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने बाकायदा इन गायों की संख्या के आंकड़े भी बताए हैं।
टैग बन सकते हैं गले की फांस
नरैनी। एमपी में अन्ना गायों को छोड़ने और मरी व अधमरी गायों को दफन करने से पल्ला झाड़ रहे नरैनी प्रशासन के लिए गायों के कान में लगे टैग भी गले की फांस बन सकते हैं। घटनास्थल ब्रजपुर (पन्ना) थाने के उप निरीक्षक बखत सिंह ने फोन पर मीडिया कर्मियों को बताया कि टैग लगी एक गाय उन्हें बृहस्पति कुंड में मिल गई थी। उन्होंने उसकी फोटो ली है। कान में यूपी का टैग लगा है। उधर, मौके पर पहुंचे गो सेवकों ने भी कई गायों के कान में टैग लगा पाया था।
नरैनी। विधायक राजकरन कबीर के साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष सौरभ शर्मा व भाजपा नेता प्रद्युम्न द्विवेदी भी मंगलवार की शाम घटनास्थल पहुंचे। उन्हें अचेत अवस्था में एक गाय पड़ी मिली।
विधायक और उनके साथियों ने लकड़ियां जलाकर गाय को सेंका और ढाबे से रोटियां मंगाकर खिलाईं। भाजपा नेताओं ने बताया कि गाय को चोटें लगी थीं। उसे वाहन में लदवाकर गो सेवक कैलाश सोनी की गोशाला लाया गया है।
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उपनिरीक्षक ने बताया कि 4 दिसंबर की रात यह सब हुआ। 11 ट्रकों में ढाई-तीन सौ गायें लाई गई थीं। ये ट्रक हमारे क्षेत्र के धरमपुर थाना क्षेत्र में रुकने का प्रयास किया तो वहां के थाना प्रभारी ने मना कर दिया। इसके बाद हमारे थाना बार्डर पर अन्ना गायों को ट्रकों से उतारा गया। उन्होंने बताया कि हमारी जांच में चश्मदीद ढाबा वालों ने बताया कि नरैनी के कुछ अधिकारी भी थे।
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ढाबे वालों ने कहा है कि ट्रक चालक उनके ढाबे पर रुककर खाना खाते हैं। ढाबा वालों ने भरोसा दिलाया है कि ट्रक चालकों का नाम-पता करके बताएंगे। यह भी बताया कि ड्राइवरों ने अपने ट्रक ढाबा में ही धोए।
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उपनिरीक्षक के मुताबिक ढाबा वालों से बताया कि दबाव वश उनके ट्रकों में गायें लादी गईं। उप निरीक्षक ने कहा कि हमारे थाना क्षेत्र के बृहस्पति कुंड में कुछ गायें घूम रही हैं। वहां एक गाय बीमार देखकर पुजारी बाबा ने उपचार किया। पानी भी दिया। उधर, नरैनी नगर पंचायत गोशाला के एक कर्मी ने अपना नाम छिपाते हुए बताया कि गोशाला से दो-ढाई सौ गायें लादी गईं। इन्हें कहां ले जाया गया? ये पता नहीं है। अभी गोशाला में 40-45 गायें और हैं।
पहाड़ी खेरा चौकी प्रभारी और ब्रजपुर थाना उपनिरीक्षक के इन ठोस बयानों ने नरैनी एसडीएम आदि के उन दावों को बेदम कर दिया है, जिसमें कहा गया कि गायों को नरैनी क्षेत्र के ही चार गांवों की गोशालाओं में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने बाकायदा इन गायों की संख्या के आंकड़े भी बताए हैं।
टैग बन सकते हैं गले की फांस
नरैनी। एमपी में अन्ना गायों को छोड़ने और मरी व अधमरी गायों को दफन करने से पल्ला झाड़ रहे नरैनी प्रशासन के लिए गायों के कान में लगे टैग भी गले की फांस बन सकते हैं। घटनास्थल ब्रजपुर (पन्ना) थाने के उप निरीक्षक बखत सिंह ने फोन पर मीडिया कर्मियों को बताया कि टैग लगी एक गाय उन्हें बृहस्पति कुंड में मिल गई थी। उन्होंने उसकी फोटो ली है। कान में यूपी का टैग लगा है। उधर, मौके पर पहुंचे गो सेवकों ने भी कई गायों के कान में टैग लगा पाया था।
नरैनी। विधायक राजकरन कबीर के साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष सौरभ शर्मा व भाजपा नेता प्रद्युम्न द्विवेदी भी मंगलवार की शाम घटनास्थल पहुंचे। उन्हें अचेत अवस्था में एक गाय पड़ी मिली।
विधायक और उनके साथियों ने लकड़ियां जलाकर गाय को सेंका और ढाबे से रोटियां मंगाकर खिलाईं। भाजपा नेताओं ने बताया कि गाय को चोटें लगी थीं। उसे वाहन में लदवाकर गो सेवक कैलाश सोनी की गोशाला लाया गया है।