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चोर को गांजे में जेल भेजना ठीक नहीं : के. सत्यनारायण, नए पुलिस महानिरीक्षक ने मातहतों से की मन की बात

Mon, 27 Jul 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2020 11:18 PM IST
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नवागंतुक डीआईजी के.सत्यनारायण। - फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के. सत्यनारायण ने कहा है कि किसी को झूठे आरोप में जेल नहीं भेजा जाना चाहिए। जो अपराध किया है, उसी में जेल जाए। यह नहीं चलेगा कि चोरी में पकड़े व्यक्ति को गांजा की पुड़िया लगाकर जेल भेज दिया जाए। ऐसे रवैये से अपराधी की नजर में पुलिस खुद अपराधी नजर आएगी।
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नवागंतुक आईजी ने रविवार की शाम चार्ज संभालने के बाद सोमवार को सुबह पहली बैठक में जिले के पुलिस अधिकारियों से अपने मन की ये बातें कीं। पुलिस लाइन सभागार में बांदा के पुलिस अधीक्षक डॉ. एसएस मीणा की उपस्थिति में अपर एसपी और सभी क्षेत्राधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि इंसान गलती करता ही है।
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उसे सुधारने का काम हमारा है, लेकिन किसी को गलत आरोप में जेल नहीं भेजना चाहिए। चाहे वह जैसा भी अपराधी हो। आईजी ने कहा कि गलत धारा में जेल भेजने पर अपराधी के मन में ये बात आएगी कि पुलिस भी अपराधी है। गलत काम कर रही है। इसीलिए शत-प्रतिशत और परफेक्ट पुलिसिंग होनी चाहिए। जिसने जो अपराध किया उसी में जेल जाए। उन्होंने कहा कि कानून ने पुलिस अधिकारियों को बहुत शक्तियां दी हैं। पुलिस को मेहनत करने की जरूरत है। हम सही पुलिसिंग करेंगे तो हमें टेंशन नहीं होगी। गलत करने पर खुद ही सोचकर टेंशन में आएंगे।
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आईजी ने निर्देश दिए कि थाने में आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करें। उनकी समस्या का त्वरित निस्तारण हो। अदालतों में आपराधिक केसों की प्रभावी पैरवी होनी चाहिए। गंभीर अपराध करने वालों की जमानत और उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि पूर्व डीआईजी दीपक कुमार के अयोध्या स्थानांतरण पर शासन ने उनके स्थान पर 1998 बैच के आईपीएस के.सत्यनारायण को यहां नियुक्त किया है। यह पुलिस महानिरीक्षक हैं। इसके पूर्व वह मेरठ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और आगरा में डीआईजी रहे।

वर्ष 2007 में जून से सितंबर तक लगभग 97 दिन बांदा के पुलिस अधीक्षक रहे। शनिवार को शाम आते ही शहर का जायजा लिया। कोतवाली में निरीक्षण किया। पुलिस कर्मियों का खाना खुद खाकर देखा। बलखंडी नाका चौकी का भी निरीक्षण किया।
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