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धूम्रपान और तंबाकू से हर माह एक लाख मौतें

Sat, 30 May 2020 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2020 11:06 PM IST
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One lakh deaths every month due to smoking and tobacco
बांदा। तंबाकू का सेवन करने वाले अपने जीवन से खिलवाड़ करने के साथ ही घर की पूंजी इलाज में फूंक देते है। बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू के इस्तेमाल में देश में लगभग हर माह लगभग एक लाख लोगों की मौत होती है यानी तीन हजार लोग हर दिन मर रहे हैं।
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राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने कहा कि तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग व अन्य संस्थाएं लोगों को जागरूक कर रही हैं। जिला अस्पताल के कक्ष संख्या 4 में तंबाकू उन्मूलन केंद्र बनाया गया है।
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नशा छोड़ने के इच्छुक लोग इसकी मदद ले सकते हैं। काउंसलर द्वारा कांउसिंलिंग और दवाइयों की मदद से नशे की लत छुड़ाने में मदद की जाती है। स्टेट टोबैको कंट्रोल सेल सदस्य डॉ. सूर्यकांत के हवाले से बताया कि युवा वर्ग शुरू में महज दिखावे के चक्कर में सिगरेट व तंबाकू की गिरफ्त में आता है। यह लत उसे इतना जकड़ लेती है कि उससे छुटकारा मुश्किल हो जाता है।
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किसी भी रूप में तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों को करीब 40 तरह के कैंसर और 25 तरह की अन्य गंभीर बीमारियाें का खतरा रहता है। प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने का डर रहता है। धूम्रपान से निकलने वाला 30 फीसदी धुंआ फेफड़ों तक पहुंच जाता है। शेष 70 फीसदी बाहर निकलने वाला धुंआ उन लोगों को प्रभावित करता है जो लोग धूम्रपान नहीं करते हैं। धूम्रपान से तमाम युवक नपुंसकता के शिकार हो रहे है।
बढ़ रहे हैं तंबाकू का सेवन करने वाले
वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण- 2, (2016-17) के आंकडे़ बताते हैं कि तंबाकू सेवन करने वालों का आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है। 10 साल पहले 2009-10 में प्रदेश में गुटखा व अन्य तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों का आंकड़ा 33.9 फीसदी था। अब यह बढ़कर 35.5 प्रतिशत हो गया है।

अलबत्ता धूम्रपान करने वालों की तादाद में मामूली गिरावट आई है। एक दशक पूर्व 14.9 फीसदी आबादी धूम्रपान करती थी। अब यह 13.5 फीसदी हो गई है। खैनी व धुआं रहित अन्य तंबाकू इस्तेमाल करने वालों की तादाद 25.3 फीसदी बढ़कर 29.4 फीसदी हो गई है।
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