{"_id":"c8bc0ff3ae61aaa60b78ffb24f7cef8d","slug":"officers-arrived-at-the-village-of-grass-meal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घास की रोटी खाने वाले गांव में पहुंचे अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घास की रोटी खाने वाले गांव में पहुंचे अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 23 Dec 2015 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरैनी। सुप्रीम कोर्ट कार्यालय के कमिश्नर के
विज्ञापन
निरीक्षण में तंगहाली से जूझ रहे ग्रामीणों द्वारा घास की रोटी खाकर भूख
मिटाने की बात सामने आने और इसका अखबारों में प्रकाशन होने के बाद बुधवार
को अफसरों की नींद टूटी।
सीडीओ और एडीएम सहित कई अधिकारियों ने यहां चौपाल लगाई। तत्काल मनरेगा से काम शुरू कराने और जरूरतमंदों को मुफ्त राशन दिए जाने के आदेश दिए।
सुप्रीम कोर्ट कमिश्नर हर्षमंदर और सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रीय सलाहकार आईएएस अधिकारी सज्जाद हसन ने यहां के सुलेखान का पुरवा (नौगवां) में 19 दिसंबर को निरीक्षण किया था।
ग्रामीणों से उनके हालात जाने थे। कई परिवारों द्वारा जंगली पौधों (घास) की रोटी खाकर भूख मिटाने की बात कही थी। यह खबर अमर उजाला में प्रमुखता से छपी।
बुधवार सीडीओ राम कुमार और अपर जिलाधिकारी डीएस पांडेय इस गांव पहुंचे। उनके साथ कई अन्य अफसर भी थे। चौपाल लगाकर ग्रामीणों से बातचीत भी की।
सीडीओ ने ग्रामीणों से कहा कि ऐसे हालात थे तो प्रशासन को जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने खंड विकास अधिकारी से कहा कि तत्काल यहां मनरेगा से काम शुरू कराएं।
वंचित विधवा महिलाओं को पेंशन दिलवाएं। सीडीओ ने 12 ग्रामीणों को इंदिरा आवास देने के भी निर्देश दिए। सचिव और कोटेदार को खबरदार किया कि कोई भी भूखा न रहे। ऐसे लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराएं।
गरीब महिला रजाभूप ने घास से बनी रोटी, बेर और कैंथा दिखराते हुए कहा कि यही खाकर भूख मिटा रहे हैं। रजा हुसैन, नाजिर, करीम ा आदि ने खाली पड़े जॉब कार्ड दिखाते हुए कहा कि तीन वर्षों से मजदूरी नहीं मिली।
नजीरा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013 में 14 शौचालयों का पैसा निकाल लिया गया। किसी को शौचालय बनाकर नहीं दिया गया। लाभार्थियों से एक-एक हजार रुपये लिए गए।
सीडीओ ने भरोसा दिलाया कि इस गांव में सड़क, स्कूल और बिजली की व्यवस्था कराई जाएगी। इस मौके पर एसडीएम पुष्पराज सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह विद्याधाम समिति के मंत्री राजाभइया आदि उपस्थित रहे।
सीडीओ और एडीएम सहित कई अधिकारियों ने यहां चौपाल लगाई। तत्काल मनरेगा से काम शुरू कराने और जरूरतमंदों को मुफ्त राशन दिए जाने के आदेश दिए।
सुप्रीम कोर्ट कमिश्नर हर्षमंदर और सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रीय सलाहकार आईएएस अधिकारी सज्जाद हसन ने यहां के सुलेखान का पुरवा (नौगवां) में 19 दिसंबर को निरीक्षण किया था।
ग्रामीणों से उनके हालात जाने थे। कई परिवारों द्वारा जंगली पौधों (घास) की रोटी खाकर भूख मिटाने की बात कही थी। यह खबर अमर उजाला में प्रमुखता से छपी।
बुधवार सीडीओ राम कुमार और अपर जिलाधिकारी डीएस पांडेय इस गांव पहुंचे। उनके साथ कई अन्य अफसर भी थे। चौपाल लगाकर ग्रामीणों से बातचीत भी की।
सीडीओ ने ग्रामीणों से कहा कि ऐसे हालात थे तो प्रशासन को जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने खंड विकास अधिकारी से कहा कि तत्काल यहां मनरेगा से काम शुरू कराएं।
वंचित विधवा महिलाओं को पेंशन दिलवाएं। सीडीओ ने 12 ग्रामीणों को इंदिरा आवास देने के भी निर्देश दिए। सचिव और कोटेदार को खबरदार किया कि कोई भी भूखा न रहे। ऐसे लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराएं।
गरीब महिला रजाभूप ने घास से बनी रोटी, बेर और कैंथा दिखराते हुए कहा कि यही खाकर भूख मिटा रहे हैं। रजा हुसैन, नाजिर, करीम ा आदि ने खाली पड़े जॉब कार्ड दिखाते हुए कहा कि तीन वर्षों से मजदूरी नहीं मिली।
नजीरा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013 में 14 शौचालयों का पैसा निकाल लिया गया। किसी को शौचालय बनाकर नहीं दिया गया। लाभार्थियों से एक-एक हजार रुपये लिए गए।
सीडीओ ने भरोसा दिलाया कि इस गांव में सड़क, स्कूल और बिजली की व्यवस्था कराई जाएगी। इस मौके पर एसडीएम पुष्पराज सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह विद्याधाम समिति के मंत्री राजाभइया आदि उपस्थित रहे।