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अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब
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बांदा। डीएम आनंद कुमार सिंह ने विकास कार्यक्रमों की प्रगति धीमी होने पर आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को नोटिस जारी का स्पष्टीकरण मांगा है। जिन्हें नोटिस जारी की गई है, उनमें बीएसए हरिश्चंद्र, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेंद्र प्रसाद, अधिशासी अभियंता (विद्युत ग्रामीण) अजय कुमार सविता, जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय, अजय कुमार, एआरसीएस वीरेंद्र बाबू दीक्षित, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी, सीएमओ डा. एनडी शर्मा, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गीता सिंह व उप दुग्ध विकास अधिकारी आदि शामिल हैं। डीएम ने कहा कि फरवरी 2021 में उनके विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों में मानकों के अनुरूप प्रगति नहीं हुई। प्रदेश स्तर पर जनपद की रैकिंग प्रभावित हुई है। चेतावनी दी कि मार्च माह की प्रगति संतोष जनक न होने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
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कब्रिस्तानों में आज होगी रोशनी
शब-ए-बरात में कब्रों व मजारों को रंग-रोगन से संवारा गया---सब हेड
फातेहाख्वानी के लिए घरों में हलुवा बनाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। इस्लामिक कलेंडर के शाबान माह की 15वीं रात को शब-ए-बरात मनाई जाएगी। रविवार (28 मार्च) को मजारों और कब्रिस्तानों में एक दिन पूर्व से ही सफाई और बिजली की रोशनी की तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं। कब्रों व मजारों को रंग-रोगन कर सवारा गया है।
फातेहाख्वानी के लिए घरों में हलुवा बनाने की तैयारियां हैं। रविवार की रात शब-ए-बरात पर मुस्लिम वर्ग के लोग रातभर जागकर इबादत करेंगे। शहर की प्रमुख मजारों गोल कोठी, जरैली कोठी, मिस्कीन शाह, पत्थर फोड़ बाबा, नरैनी रोड समेत प्रमुख कब्रिस्तानों बगिया मर्दननाका, चुहिया का तकिया प्रागीतालाब, करबला रोड, कच्चा तालाब आदि में रातभर लोग आएंगे और फातेहा पढ़ेंगे। मृतक खानदानियों के लिए फातेहा होगी।
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उधर, ऑल इंडिया काजी बोर्ड के नायब सदर हाजी मुमताज रब्बानी ने बताया कि शब-ए-बरात के दिन रोजा रखना चाहिए। इस रात गुनाह माफ किए जाते हैं। मौत और जिंदगी के फैसले होते हैं। किस शख्स को कितना रिज्क मिलेगा यह भी तय होता है। इस रात कब्रिस्तानों और मजारों में जाना नबी की सुन्नत है। आतिशबाजी इस्लाम विरोधी है। कब्रों में अगरबत्ती की जगह इत्र लगाएं। कब्रिस्तानों में औरतों का जाना मना है।
इंसेट---
क्या है शब-ए-बरात
पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद का कोई एक दांत उहद की जंग में शहीद हो गया था। इस पर उनके अनुयायी हजरत उवैस करनी ने पैगंबर की मोहब्बत और अकीदत में अपने सभी 32 दांत तोड़ लिए थे। दांत न होने पर उन्हें खाने में मुलायम हलुवा दिया गया था, इसलिए शब-ए-बरात में मुसलमान हजरत उवैस करनी की फातेहा हलुवे में दिलाते हैं। इसके अलावा अपने घर व खानदान के मरहूमों की भी फातेहा दिलाते हैं। हजरत उवैस ने जिस दिन अपने दांत तोड़े थे वह दिन शब-ए-बरात का था।
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कब्रिस्तानों में आज होगी रोशनी
शब-ए-बरात में कब्रों व मजारों को रंग-रोगन से संवारा गया---सब हेड
फातेहाख्वानी के लिए घरों में हलुवा बनाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। इस्लामिक कलेंडर के शाबान माह की 15वीं रात को शब-ए-बरात मनाई जाएगी। रविवार (28 मार्च) को मजारों और कब्रिस्तानों में एक दिन पूर्व से ही सफाई और बिजली की रोशनी की तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं। कब्रों व मजारों को रंग-रोगन कर सवारा गया है।
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फातेहाख्वानी के लिए घरों में हलुवा बनाने की तैयारियां हैं। रविवार की रात शब-ए-बरात पर मुस्लिम वर्ग के लोग रातभर जागकर इबादत करेंगे। शहर की प्रमुख मजारों गोल कोठी, जरैली कोठी, मिस्कीन शाह, पत्थर फोड़ बाबा, नरैनी रोड समेत प्रमुख कब्रिस्तानों बगिया मर्दननाका, चुहिया का तकिया प्रागीतालाब, करबला रोड, कच्चा तालाब आदि में रातभर लोग आएंगे और फातेहा पढ़ेंगे। मृतक खानदानियों के लिए फातेहा होगी।
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उधर, ऑल इंडिया काजी बोर्ड के नायब सदर हाजी मुमताज रब्बानी ने बताया कि शब-ए-बरात के दिन रोजा रखना चाहिए। इस रात गुनाह माफ किए जाते हैं। मौत और जिंदगी के फैसले होते हैं। किस शख्स को कितना रिज्क मिलेगा यह भी तय होता है। इस रात कब्रिस्तानों और मजारों में जाना नबी की सुन्नत है। आतिशबाजी इस्लाम विरोधी है। कब्रों में अगरबत्ती की जगह इत्र लगाएं। कब्रिस्तानों में औरतों का जाना मना है।
इंसेट---
क्या है शब-ए-बरात
पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद का कोई एक दांत उहद की जंग में शहीद हो गया था। इस पर उनके अनुयायी हजरत उवैस करनी ने पैगंबर की मोहब्बत और अकीदत में अपने सभी 32 दांत तोड़ लिए थे। दांत न होने पर उन्हें खाने में मुलायम हलुवा दिया गया था, इसलिए शब-ए-बरात में मुसलमान हजरत उवैस करनी की फातेहा हलुवे में दिलाते हैं। इसके अलावा अपने घर व खानदान के मरहूमों की भी फातेहा दिलाते हैं। हजरत उवैस ने जिस दिन अपने दांत तोड़े थे वह दिन शब-ए-बरात का था।