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बालू खदान के खिलाफ 10 दिनों बाद आंदोलन
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बांदा। बालू की खदानें चालू होते ही विरोध भी शुरू हो गया है। अवैध खनन और गांवाें की बस्तियों में बालू भरे ट्रकों की धमाचौकड़ी पर रोक लगाने की मांग की जा रही है। साथ ही आंदोलन और अनशन की ग्रामीण चेतावनी दे रहे हैं। इसमें ग्राम प्रधान भी शामिल हैं।
मंडल मुख्यालय के पास केन नदी किनारे आबाद शहर कोतवाली क्षेत्र के कनवारा गांव में बालू भरे ट्रकों से कई जानलेवा घटनाएं हो चुकी हैं, इस पर बवाल भी हो चुका है। फायरिंग, पथराव, तोड़फोड़ भी हुई थी। अब बारिश का मौसम खत्म होते ही खदानें फिर चालू हो गई हैं। शनिवार को कनवारा गांव की प्रधान अनुराधा सहित लगभग 50 ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से मंडलायुक्त को ज्ञापन दिया है।
इसमें कहा है कि कनवारा घाट पर बडे़ पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। सैकड़ों की संख्या में ट्रक गांव के अंदर आबादी से गुजर रहे हैं। सड़कें ध्वस्त हो गई है। बालू के ट्रक से गांव के कई लोगों और गायों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों ने कहा है कि बालू का अवैध खनन, ओवरलोडिंग और गांव की ध्वस्त सड़कों को जल्द नहीं बनवाया गया तो दस दिनों के बाद गांव के लोग कलक्ट्रेट में आंदोलन और आमरण अनशन करेंगे।
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ज्ञापन देने वालों में नारायन सिंह, शिवशंकर अवस्थी, शिवधरी यादव, राहुल, संदीप सिंह, देविया निषाद, रामकरन सिंह, राजेश कुमार गुप्त, मलखान, राकेश शुक्ला आदि शामिल रहे।
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मंडल मुख्यालय के पास केन नदी किनारे आबाद शहर कोतवाली क्षेत्र के कनवारा गांव में बालू भरे ट्रकों से कई जानलेवा घटनाएं हो चुकी हैं, इस पर बवाल भी हो चुका है। फायरिंग, पथराव, तोड़फोड़ भी हुई थी। अब बारिश का मौसम खत्म होते ही खदानें फिर चालू हो गई हैं। शनिवार को कनवारा गांव की प्रधान अनुराधा सहित लगभग 50 ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से मंडलायुक्त को ज्ञापन दिया है।
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इसमें कहा है कि कनवारा घाट पर बडे़ पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। सैकड़ों की संख्या में ट्रक गांव के अंदर आबादी से गुजर रहे हैं। सड़कें ध्वस्त हो गई है। बालू के ट्रक से गांव के कई लोगों और गायों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों ने कहा है कि बालू का अवैध खनन, ओवरलोडिंग और गांव की ध्वस्त सड़कों को जल्द नहीं बनवाया गया तो दस दिनों के बाद गांव के लोग कलक्ट्रेट में आंदोलन और आमरण अनशन करेंगे।
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ज्ञापन देने वालों में नारायन सिंह, शिवशंकर अवस्थी, शिवधरी यादव, राहुल, संदीप सिंह, देविया निषाद, रामकरन सिंह, राजेश कुमार गुप्त, मलखान, राकेश शुक्ला आदि शामिल रहे।