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Banda News: गज पर सवार होकर आईं मां जगदंबा, सजे दरबार
Sun, 21 Sep 2025 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 21 Sep 2025 11:42 PM IST
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महेश्वरी देवी मंदिर में विराजी गणेश प्रतिमा में रंग भरता पेंटर विनोद। संवाद
बांदा। शारदीय नवरात्र सोमवार से शुरू हो रहे हैं। इस बार मां जगदंबा गज पर सवार होकर आ रहीं हैं। इसे उन्नति का प्रतीक माना जा रहा है। रविवार को पूरे दिन शहर के प्राचीन महेश्वरी देवी मंदिर और काली देवी मंदिर में कर्मचारियों ने मंदिर की सफाई की। देवी मंदिर में मूर्तियों की साज-सज्जा और रंगाई-पुताई का काम किया गया। बिजली सजावट के लिए लाइनें खींची गईं।
प्रकाश व्यवस्था के लिए हैलोजन के साथ ही अन्य मर्करी और बिजली की झालरें लगाई गई हैं। महेश्वरी देवी मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन और पूजन-अर्चन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। सफाई कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि मंदिर परिसर में गंदगी नजर न आए।
उधर, काली देवी मंदिर के पुजारी मुन्ना महाराज की देखरेख में मंदिर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया। इधर, शहर में 350 देवी पंडालों की साज-सज्जा भी रविवार की शाम अंतिम दौर पर रही। सोमवार को शुभ मुहूर्त में हवन-पूजन के बाद मातारानी की प्रतिमाओं को पंडालों में स्थापित किया जाएगा।
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भोर होते ही शुरू होगा पूजन-अर्चन व जलाभिषेक का सिलसिला
महेश्वरी देवी मंदिर में सोमवार की भोर होते ही जगत माता की ड्योढ़ी पर मत्था टेकने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालु माता का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करना शुरू करेंगी। शाम को प्रतिमाओं की महाआरती की जाएगी।
देवी मंदिरों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
शहर के महेश्वरी देवी और काली देवी मंदिर में भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालुओं की निगहबानी के लिए महेश्वरी देवी मंदिर में 12 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें सात एनबीआर और पांच डीबीआर कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से अराजकतत्वों पर भी निगाह रखी जाएगी। मंदिर के अंदर और बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों पर भी पुलिस की निगाह रहेगी। काली देवी मंदिर में भी अंदर और बाहर छह से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
600 से तीन हजार रुपये तक रही जगदंबे प्रतिमा की न्योछावर
जबलपुर और स्थानीय स्तर पर बनीं बड़ी जगदंबे प्रतिमाओं की न्योछावर तो हजारों और लाखों रुपये कीमत तक पहुंची। 51 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की प्रतिमाएं जबलपुर से लाई गईं। घरों में प्रतिमा स्थापित करने के लिए छोटी प्रतिमाएं खरीदीं गईं। महेश्वरी देवी मंदिर चौराहे पर सजी देवी प्रतिमाओं की दुकान में 600 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक की जगदंबे की प्रतिमा की न्योछावर बताई गई।
500 से एक हजार तक बिकी माता रानी की चुन्नी, कलश भी बिके
शारदीय नवरात्र महोत्सव में सोमवार सके जगत माता का दरबार देवी पंडालों और घरों में सजाया जाएगा। इसको लेकर देवी भक्तों ने रविवार को मातारानी की चुन्नी और पूजा सामग्री के साथ ही कलश की खरीदारी की। जगदंबे की चुनरी 100 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक बिकी। इसके साथ ही स्थापना के लिए खरीदे जाने वाले कलश भी 50 से 100 रुपये तक बिके।
घट स्थापना के दो मुहूर्त
पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने बताया कि जगत माता सोमवार को गज पर सवार होकर आएंगी। बताया कि घट स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त सोमवार सुबह 5 बजकर 37 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक कन्या लग्न में शुभ रहेगा और दूसरा मुहूर्त सोमवार को ही सुबह 11 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 25 मिनट तक शुभ रहेगा। घट स्थापना देवी शक्ति का आह्वान है। बताया कि शास्त्र सचेत करते हैं कि अनुचित समय पर घट की स्थापना करने से देवी शक्ति का प्रकोप हो सकता है। अमावस्या व रात्रिकाल में घट स्थापना करना वर्जित होता है। प्रतिपदा तिथि के दिन का पहला तिहाई भाग घट स्थापना के लिए सर्वाधिक शुभ माना जाता है। यदि किसी कारणवश यह समय न मिले तो अभिजित मुहूर्त में भी घट स्थापना की जा सकती है। सर्वाधिक विचारणीय महत्वपूर्ण तथ्य तथ्य यह है कि घट स्थापना मध्याह्न से पूर्व प्रतिपदा के समय की जाती है।
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प्रकाश व्यवस्था के लिए हैलोजन के साथ ही अन्य मर्करी और बिजली की झालरें लगाई गई हैं। महेश्वरी देवी मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन और पूजन-अर्चन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। सफाई कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि मंदिर परिसर में गंदगी नजर न आए।
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उधर, काली देवी मंदिर के पुजारी मुन्ना महाराज की देखरेख में मंदिर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया। इधर, शहर में 350 देवी पंडालों की साज-सज्जा भी रविवार की शाम अंतिम दौर पर रही। सोमवार को शुभ मुहूर्त में हवन-पूजन के बाद मातारानी की प्रतिमाओं को पंडालों में स्थापित किया जाएगा।
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भोर होते ही शुरू होगा पूजन-अर्चन व जलाभिषेक का सिलसिला
महेश्वरी देवी मंदिर में सोमवार की भोर होते ही जगत माता की ड्योढ़ी पर मत्था टेकने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालु माता का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करना शुरू करेंगी। शाम को प्रतिमाओं की महाआरती की जाएगी।
देवी मंदिरों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
शहर के महेश्वरी देवी और काली देवी मंदिर में भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालुओं की निगहबानी के लिए महेश्वरी देवी मंदिर में 12 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें सात एनबीआर और पांच डीबीआर कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से अराजकतत्वों पर भी निगाह रखी जाएगी। मंदिर के अंदर और बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों पर भी पुलिस की निगाह रहेगी। काली देवी मंदिर में भी अंदर और बाहर छह से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
600 से तीन हजार रुपये तक रही जगदंबे प्रतिमा की न्योछावर
जबलपुर और स्थानीय स्तर पर बनीं बड़ी जगदंबे प्रतिमाओं की न्योछावर तो हजारों और लाखों रुपये कीमत तक पहुंची। 51 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की प्रतिमाएं जबलपुर से लाई गईं। घरों में प्रतिमा स्थापित करने के लिए छोटी प्रतिमाएं खरीदीं गईं। महेश्वरी देवी मंदिर चौराहे पर सजी देवी प्रतिमाओं की दुकान में 600 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक की जगदंबे की प्रतिमा की न्योछावर बताई गई।
500 से एक हजार तक बिकी माता रानी की चुन्नी, कलश भी बिके
शारदीय नवरात्र महोत्सव में सोमवार सके जगत माता का दरबार देवी पंडालों और घरों में सजाया जाएगा। इसको लेकर देवी भक्तों ने रविवार को मातारानी की चुन्नी और पूजा सामग्री के साथ ही कलश की खरीदारी की। जगदंबे की चुनरी 100 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक बिकी। इसके साथ ही स्थापना के लिए खरीदे जाने वाले कलश भी 50 से 100 रुपये तक बिके।
घट स्थापना के दो मुहूर्त
पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने बताया कि जगत माता सोमवार को गज पर सवार होकर आएंगी। बताया कि घट स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त सोमवार सुबह 5 बजकर 37 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक कन्या लग्न में शुभ रहेगा और दूसरा मुहूर्त सोमवार को ही सुबह 11 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 25 मिनट तक शुभ रहेगा। घट स्थापना देवी शक्ति का आह्वान है। बताया कि शास्त्र सचेत करते हैं कि अनुचित समय पर घट की स्थापना करने से देवी शक्ति का प्रकोप हो सकता है। अमावस्या व रात्रिकाल में घट स्थापना करना वर्जित होता है। प्रतिपदा तिथि के दिन का पहला तिहाई भाग घट स्थापना के लिए सर्वाधिक शुभ माना जाता है। यदि किसी कारणवश यह समय न मिले तो अभिजित मुहूर्त में भी घट स्थापना की जा सकती है। सर्वाधिक विचारणीय महत्वपूर्ण तथ्य तथ्य यह है कि घट स्थापना मध्याह्न से पूर्व प्रतिपदा के समय की जाती है।

महेश्वरी देवी मंदिर में विराजी गणेश प्रतिमा में रंग भरता पेंटर विनोद। संवाद

महेश्वरी देवी मंदिर में विराजी गणेश प्रतिमा में रंग भरता पेंटर विनोद। संवाद

महेश्वरी देवी मंदिर में विराजी गणेश प्रतिमा में रंग भरता पेंटर विनोद। संवाद

महेश्वरी देवी मंदिर में विराजी गणेश प्रतिमा में रंग भरता पेंटर विनोद। संवाद