{"_id":"641c9df8832017d5940dd1b4","slug":"mother-brahmacharini-worshiped-on-the-second-day-of-navratri-banda-news-c-12-1-139947-2023-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रम्हचारिणी की हुई पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रम्हचारिणी की हुई पूजा
विज्ञापन
बांदा/खत्री पहाड़। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने मां ब्रम्हचारिणी की पूजा अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारे लगी रही। देर रात तक मंदिर मां जगदंबे के जयकारों से गूंजते रहे। घरों में भी भजन कीर्तन के होते रहे।
शहर के महेश्वरी देवी, कालीदेवी, सिंहवाहिनी, मरही माता सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़भाड़ रही। बारी आने पर श्रद्धालुओं ने मां का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया और मन्नते मांगी। मंदिर मां के जयकारों से गूंजते रहे। देर रात कालीदेवी व महेश्वरी देवी की महाआरती में सैकड़ों भक्त शामिल हुए। उधर, घरों में सजाएं गए मां के दरवार में भजन कीर्तन होते रहे। खत्री पहाड़ की विंध्यवासिनी देवी मेंदर्शनों को भक्तों की खासी भीड़भाड़ रही। श्रद्धालु पर्वत की 511 सीढिय़ों को चढ़कर देवी दर्शन को पहुंचे। पूजन अर्चन के साथ ही बच्चों के मुडंन, कनछेदन आदि संस्कार कराएं। जिनकी मन्नत पूरी हो गई उन्होंने माता रानी को पान पतासा, नारियल, चूनर सहित घंटा आदि चढ़ाए। कन्या भोज कराया। बुधवार की रात्रि मंदिर परिसर में स्थित रामलीला में नारद मोह लीला का मंचन किया गया।
अतर्रा के सिद्धपीठ पहाडिय़ा दाई मंदिर, बडी भवानी, सीतला माता, काली माता, छोटी माता, बबेरू की मां मढ़ी दाई अद्भुत शिव मंदिर, बाकल की जोगीन माता मंदिर, तिंदवारी के बेंदा में काली देवी, मुंगुस की सिंहवाहिनी मंदिर, खप्टिहा कला की मां पाथादाई व गढ़ी दाई मंदिर में भी दिनभर पूजन अर्चन और अनुष्ठान सहित भजन कीर्तन के दौर चलते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के महेश्वरी देवी, कालीदेवी, सिंहवाहिनी, मरही माता सहित अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़भाड़ रही। बारी आने पर श्रद्धालुओं ने मां का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया और मन्नते मांगी। मंदिर मां के जयकारों से गूंजते रहे। देर रात कालीदेवी व महेश्वरी देवी की महाआरती में सैकड़ों भक्त शामिल हुए। उधर, घरों में सजाएं गए मां के दरवार में भजन कीर्तन होते रहे। खत्री पहाड़ की विंध्यवासिनी देवी मेंदर्शनों को भक्तों की खासी भीड़भाड़ रही। श्रद्धालु पर्वत की 511 सीढिय़ों को चढ़कर देवी दर्शन को पहुंचे। पूजन अर्चन के साथ ही बच्चों के मुडंन, कनछेदन आदि संस्कार कराएं। जिनकी मन्नत पूरी हो गई उन्होंने माता रानी को पान पतासा, नारियल, चूनर सहित घंटा आदि चढ़ाए। कन्या भोज कराया। बुधवार की रात्रि मंदिर परिसर में स्थित रामलीला में नारद मोह लीला का मंचन किया गया।
विज्ञापन
अतर्रा के सिद्धपीठ पहाडिय़ा दाई मंदिर, बडी भवानी, सीतला माता, काली माता, छोटी माता, बबेरू की मां मढ़ी दाई अद्भुत शिव मंदिर, बाकल की जोगीन माता मंदिर, तिंदवारी के बेंदा में काली देवी, मुंगुस की सिंहवाहिनी मंदिर, खप्टिहा कला की मां पाथादाई व गढ़ी दाई मंदिर में भी दिनभर पूजन अर्चन और अनुष्ठान सहित भजन कीर्तन के दौर चलते रहे।
विज्ञापन