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प्रधान और सभासद रोज देंगे बिजली आपूर्ति की रिपोर्ट
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल के मुताबिक निर्बाध बिजली आपूर्ति न होने पर मंडलायुक्त गौरव दयाल ने सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने चारों जिलों के डीएम को पत्र भेजकर हरेक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांवों में प्रधान और शहरों में नगर पालिका सभासद से रोजाना निर्धारित प्रारूप पर बिजली आपूर्ति की रिपोर्ट लेने को कहा है।
गुरुवार को मंडलायुक्त ने मंडल के सभी डीएम को जारी पत्र में कहा कि भ्रमण/निरीक्षण के दौरान उन्हें निर्बाध बिजली आपूर्ति न होने की शिकायतें मिल रही हैं, जबकि शासन ने ग्रामीण इलाकों में 20 घंटे अबाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। इसका पालन न होने से शासन की छवि धूमिल होती है। कहा है कि ग्रामीण और नगरीय इलाकों में बिजली आपूर्ति पर सतर्क दृष्टि रखी जाए।
उचित होगा कि गांवों में प्रधान और शहरों में सभासदों को प्रतिदिन की बिजली आपूर्ति का रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए जाएं। वह रोजाना इस रजिस्टर में निर्धारित प्रारूप पर बिजली आने और जाने का समय और कुल आपूर्ति का समय दर्ज कर लेखपाल या ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा संकलित कराई जाए। अथवा रोजाना एसएमएस के माध्यम से यह रिपोर्ट ली जाए।
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आयुक्त ने डीएम से कहा कि रोजाना विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करें। कोई विपरीत परिस्थिति या कठिनाई संज्ञान में आती है तो उसका निराकरण तीव्र गति से कराया जाए। आयुक्त ने इसके लिए जनपद स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। यह नोडल अधिकारी बिजली विभाग से अलग होगा। उसका नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर भी बताया जाए।
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गुरुवार को मंडलायुक्त ने मंडल के सभी डीएम को जारी पत्र में कहा कि भ्रमण/निरीक्षण के दौरान उन्हें निर्बाध बिजली आपूर्ति न होने की शिकायतें मिल रही हैं, जबकि शासन ने ग्रामीण इलाकों में 20 घंटे अबाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। इसका पालन न होने से शासन की छवि धूमिल होती है। कहा है कि ग्रामीण और नगरीय इलाकों में बिजली आपूर्ति पर सतर्क दृष्टि रखी जाए।
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उचित होगा कि गांवों में प्रधान और शहरों में सभासदों को प्रतिदिन की बिजली आपूर्ति का रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए जाएं। वह रोजाना इस रजिस्टर में निर्धारित प्रारूप पर बिजली आने और जाने का समय और कुल आपूर्ति का समय दर्ज कर लेखपाल या ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा संकलित कराई जाए। अथवा रोजाना एसएमएस के माध्यम से यह रिपोर्ट ली जाए।
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आयुक्त ने डीएम से कहा कि रोजाना विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करें। कोई विपरीत परिस्थिति या कठिनाई संज्ञान में आती है तो उसका निराकरण तीव्र गति से कराया जाए। आयुक्त ने इसके लिए जनपद स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। यह नोडल अधिकारी बिजली विभाग से अलग होगा। उसका नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर भी बताया जाए।