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महानगरों से लौटे दो युवकों की अस्पताल में निगरानी
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जिला अस्पताल में कोरोना संबंधी रणनीति की बैठक करते सीएमओ, सीएमएस व डाक्टर।
- फोटो : BANDA
बांदा/तिंदवारी। दिल्ली और मुंबई से लौटे मजदूरों को कोरोना की संभावना पर दो युवकों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। उधर, सूरत से लौटे कई मजदूरों को पुलिस ने जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया।
चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 29 वर्षीय युवक रविवार को तड़के दिल्ली से लौटा। उसे जुकाम-खांसी और गले में दिक्कत थी। वह जिला अस्पताल पहुंच गया। वहां आइसोलेशन में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इसी तरह शनिवार को दोपहर मुंबई से लौटे कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव के 19 वर्षीय युवक को भी इन्हीं परिस्थितियों में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
सीएमएस डा. एसएन मिश्रा ने बताया कि प्राथमिक जांच में दोनों युवकों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए गए। उधर, रविवार को सुबह सूरत से लौटे तीन युवकों को पुलिस ने पूछताछ के बाद जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा। रजिस्टर में उनका ब्योरा दर्ज करने के बाद घर भेज दिया गया।
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उधर, तिंदवारी क्षेत्र के धौंसड़ गांव के 35 वर्षीय युवक दिल्ली से मजदूरी करके लौटा। बुखार-खांसी आदि के लक्षण होने पर उसकी पत्नी ने कोरोना कंट्रोल रूम, यूपी-112, पीएचसी आदि में फोन किए, लेकिन कोई तवज्जो नहीं दी गई। सीएमओ ने भी यह कहकर फोन काट दिया कि बहुत कॉल आ रही हैं।
इतनीं एंबुलेंस नहीं हैं। बाद में प्रभारी चिकित्साधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि टीम ने गांव जाकर इलाज किया। कोई कोरोना के लक्षण नहीं दिखे। एएनएम और आशा उसकी निगरानी कर रही हैं। जरूरत पड़ी तो जांच कराई जाएगी।
संभावित मरीजों के लिए अस्पताल में रणनीति बनी
बांदा। सीएमओ डा.संतोष कुमार और जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसएन मिश्रा ने डाक्टरों के साथ बैठक कर कोरोना के मरीजों से निपटने की रणनीति बनाई। संभावित कोरोना मरीजों को लेकर रिहर्सल भी हुआ। इस अवसर पर डा.एमसी पाल, डा.विनीत सचान, डा.एसडी त्रिपाठी, डा.हृदयेश पटेल आदि उपस्थित रहे।
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चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 29 वर्षीय युवक रविवार को तड़के दिल्ली से लौटा। उसे जुकाम-खांसी और गले में दिक्कत थी। वह जिला अस्पताल पहुंच गया। वहां आइसोलेशन में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इसी तरह शनिवार को दोपहर मुंबई से लौटे कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव के 19 वर्षीय युवक को भी इन्हीं परिस्थितियों में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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सीएमएस डा. एसएन मिश्रा ने बताया कि प्राथमिक जांच में दोनों युवकों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए गए। उधर, रविवार को सुबह सूरत से लौटे तीन युवकों को पुलिस ने पूछताछ के बाद जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा। रजिस्टर में उनका ब्योरा दर्ज करने के बाद घर भेज दिया गया।
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उधर, तिंदवारी क्षेत्र के धौंसड़ गांव के 35 वर्षीय युवक दिल्ली से मजदूरी करके लौटा। बुखार-खांसी आदि के लक्षण होने पर उसकी पत्नी ने कोरोना कंट्रोल रूम, यूपी-112, पीएचसी आदि में फोन किए, लेकिन कोई तवज्जो नहीं दी गई। सीएमओ ने भी यह कहकर फोन काट दिया कि बहुत कॉल आ रही हैं।
इतनीं एंबुलेंस नहीं हैं। बाद में प्रभारी चिकित्साधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि टीम ने गांव जाकर इलाज किया। कोई कोरोना के लक्षण नहीं दिखे। एएनएम और आशा उसकी निगरानी कर रही हैं। जरूरत पड़ी तो जांच कराई जाएगी।
संभावित मरीजों के लिए अस्पताल में रणनीति बनी
बांदा। सीएमओ डा.संतोष कुमार और जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसएन मिश्रा ने डाक्टरों के साथ बैठक कर कोरोना के मरीजों से निपटने की रणनीति बनाई। संभावित कोरोना मरीजों को लेकर रिहर्सल भी हुआ। इस अवसर पर डा.एमसी पाल, डा.विनीत सचान, डा.एसडी त्रिपाठी, डा.हृदयेश पटेल आदि उपस्थित रहे।