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बुंदेलखंड में पेयजल व्यवस्था के लिए तीन दिन में पैसा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 13 Jan 2016 11:52 PM IST
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सूखे से जूझ
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रहे बुंदेलखंड में पेयजल का संकट नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए शासन तीन
दिन में राशि जारी कर देगा।
मनरेगा में मजदूरी के दिन 150 किए जा चुके हैं। जरूरी हुआ तो इन्हें और बढ़ा दिया जाएगा। अफसर गांव-गांव जाकर जाबकार्ड बनवाएंगे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 90 फीसदी लोगों को सस्ता अनाज मुहैया कराया जाएगा।
बुंदेलखंड के दो दिवसीय भ्रमण पर आए मुख्य सचिव बुधवार शाम बांदा के सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब हुए। इससे पहले उन्होंने मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक कर सूखा और राहत कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सूखा राहत के लिए केंद्र सरकार से अभी कोई पैसा नहीं मिला है। बुंदेलखंड में पेयजल का संकट विकराल रूप न ले सके, इसके लिए शासन तीन दिन में पैसा जारी कर देगा।
इस पैसे से हैंडपंप, नलकूप और तालाब आदि का काम होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि यहां भुखमरी की नौबत हरगिज नहीं आने दी जाएगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जरूरतमंदों को सस्ता राशन दिया जाएगा। इससे 90 फीसदी तक लोग लाभान्वित किए जा सकते हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर अपनी निगरानी में जाब कार्ड बनवाएंगे। इच्छुक लोगों को मनरेगा से मजदूरी मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा सूखे का असर महोबा जिले में है। वहां मात्र 15 फीसदी खेत बोए गए हैं। बांदा में 52-53 प्रतिशत बुआई हुई है।
पशुओं को चारे के लिए हरेक जिले को दो-दो करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गांवों में चारा बैंक बनेंगे। पशुओं के लिए प्रदेश के दूसरे जिलों से भी भूसा मंगाया जाएगा।
सूखे तालाबों को सरकारी और निजी नलकूपों से भरा जाएगा। मुख्य सचिव ने किसानों से अनुरोध किया कि अपने घरों में रखा चारा-भूसा भी पशुओं को दें।
सिर्फ सरकार के भरोसे न रहें। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल की बीमा राशि जमा हो चुकी है। रबी फसल का प्रीमियम 31 जनवरी तक जमा करने को कहा है।
मुख्य सचिव की बैठक में प्रदेश के प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद सुधीर गर्ग, सचिव अनिल कुमार सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी, चित्रकूटधाम मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू, आईजी इलाहाबाद जोन बृजभूषण, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी सहित डीएम सुरेश कुमार, एसपी राजेंद्र प्रसाद पांडेय आदि शामिल रहे।
मनरेगा में मजदूरी के दिन 150 किए जा चुके हैं। जरूरी हुआ तो इन्हें और बढ़ा दिया जाएगा। अफसर गांव-गांव जाकर जाबकार्ड बनवाएंगे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 90 फीसदी लोगों को सस्ता अनाज मुहैया कराया जाएगा।
बुंदेलखंड के दो दिवसीय भ्रमण पर आए मुख्य सचिव बुधवार शाम बांदा के सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब हुए। इससे पहले उन्होंने मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक कर सूखा और राहत कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सूखा राहत के लिए केंद्र सरकार से अभी कोई पैसा नहीं मिला है। बुंदेलखंड में पेयजल का संकट विकराल रूप न ले सके, इसके लिए शासन तीन दिन में पैसा जारी कर देगा।
इस पैसे से हैंडपंप, नलकूप और तालाब आदि का काम होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि यहां भुखमरी की नौबत हरगिज नहीं आने दी जाएगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जरूरतमंदों को सस्ता राशन दिया जाएगा। इससे 90 फीसदी तक लोग लाभान्वित किए जा सकते हैं। अधिकारी गांव-गांव जाकर अपनी निगरानी में जाब कार्ड बनवाएंगे। इच्छुक लोगों को मनरेगा से मजदूरी मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा सूखे का असर महोबा जिले में है। वहां मात्र 15 फीसदी खेत बोए गए हैं। बांदा में 52-53 प्रतिशत बुआई हुई है।
पशुओं को चारे के लिए हरेक जिले को दो-दो करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। गांवों में चारा बैंक बनेंगे। पशुओं के लिए प्रदेश के दूसरे जिलों से भी भूसा मंगाया जाएगा।
सूखे तालाबों को सरकारी और निजी नलकूपों से भरा जाएगा। मुख्य सचिव ने किसानों से अनुरोध किया कि अपने घरों में रखा चारा-भूसा भी पशुओं को दें।
सिर्फ सरकार के भरोसे न रहें। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल की बीमा राशि जमा हो चुकी है। रबी फसल का प्रीमियम 31 जनवरी तक जमा करने को कहा है।
मुख्य सचिव की बैठक में प्रदेश के प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद सुधीर गर्ग, सचिव अनिल कुमार सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी, चित्रकूटधाम मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू, आईजी इलाहाबाद जोन बृजभूषण, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी सहित डीएम सुरेश कुमार, एसपी राजेंद्र प्रसाद पांडेय आदि शामिल रहे।